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अवैध वेंडरों पर बार एसोसिएशन को फटकार, फुटपाथ पर ये बैठेंगे तो लोग कहां जाएंगे: हाईकोर्ट

Thu, 26 Sep 2024 12:42 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Sep 2024 12:42 AM IST
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CJM should attach all the bank accounts of Jarnail Bajwa and his companies: High Court
चंडीगढ़। हाईकोर्ट परिसर में फुटपाथों पर अवैध वेंडरों की मौजूदगी को लेकर बुधवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को जमकर फटकर लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि फुटपाथ पर वेंडरों को बिठा दिया है, बताओ लोग कहां जाएंगे। हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि वैकल्पिक व्यवस्था पर अगली सुनवाई तक जवाब नहीं आया कि इन्हें हटाने पर लगाई गई रोक हटा दी जाएगी। याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट पीआर यादव ने बताया था कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में सैकड़ों वेंडर हैं और जिस तरफ देखो वहां वेंडर नजर आते हैं। लोगों ने बड़ी-बड़ी तंदूर लगा दी है और सूखे वृक्षों का प्रयोग तंदूरों को सुलगाने के लिए किया जाता है। हाईकोर्ट के कोटे की बिजली वेंडरों को सप्लाई की जाती है। हजारों वाहनों की पार्किंग के बीच गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है और यदि कोई हादसा हुआ तो इससे होने वाले नुकसान की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
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28 जुलाई, 2023 को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कोर्ट से आग्रह किया कि वेंडरों को लेकर सुनवाई पूरी होने से पहले इन पर कार्रवाई सही नहीं है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था कार्रवाई हुई तो हजारों लोग इससे प्रभावित होंगे। हाईकोर्ट ने कहा था कि रोजाना हजारों लोग हाईकोर्ट में आते हैं जिनमें वकील, याची, प्रतिवादी व कर्मचारी शामिल हैं। इन लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए बगैर इस प्रकार की कार्रवाई की अनुमति सही नहीं होगी। तब हाईकोर्ट ने इन्हें हटाने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से ही लगातार मामला विचाराधीन था।
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बुधवार को सुनवाई आरंभ हुई तो याची ने दिखाया कि कैसे फुटपाथों पर वेंडरों ने कब्जा किया है। पार्किंग में सिलिंडरों की फोटो भी कोर्ट को दिखाई गई। हाईकोर्ट ने पूछा कि इन्हें किसने बिठाया है तो याची ने बताया कि बार एसोसिएशन ने ऐसा किया है। हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन से कहा कि आप इन्हें हटाएं। इस पर दोबारा बार ने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के ऐसा करना ठीक नहीं है। हाईकोर्ट ने बार को आखिरी मौका दिया है और यह स्पष्ट कर दिया कि यदि 3 अक्तूबर तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई तो हाईकोर्ट रोक का आदेश वापस ले लेगा।
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