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पंचकूलाः जाम से निजात दिलाएगा 100 करोड़ी ओवरब्रिज, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश को भी फायदा
Sat, 28 Dec 2019 03:17 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
दीपक शाही, अमर उजाला, पंचकूला
दीपक शाही, अमर उजाला, पंचकूला
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Dec 2019 03:17 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार की मेट्रो सिटी की तर्ज पर करीब 100 करोड़ की लागत से पंचकूला में ओवरब्रिज बनाने की तैयारी में है। इस प्रोजेक्ट का काम 24 माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया नए साल के दूसरे सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही पंचकूला सेक्टर-12ए और 20 के बीच रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल जाएगी। इस प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ते ही पंचकूला में 100 से ज्यादा ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले हजारों लोगों को जाम के जाम से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं पंचकूला सहित दिल्ली, पंजाब, हिमाचल से आने वाला ट्रैफिक भी स्मूथ चलेगी।
हरियाणा सरकार के टेक्निकल एडवाइजर विशाल सेठ ने बताया कि प्रोजेक्ट फाइनल स्टेज पर है। मुख्यमंत्री के अप्रूवल के बाद तकनीकी मंजूरी के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेजा गया था। उनकी एक दो आब्जर्वेशन आईं थीं, जिसे पूरा करके भेज दिया गया है। सूचना मिली थी कि वहां से दो सप्ताह में मंजूरी का लेटर आ जाएगा। इसके बाद ओवरब्रिज की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही पंचकूला सेक्टर-12ए और 20 के बीच रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल जाएगी। इस प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ते ही पंचकूला में 100 से ज्यादा ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले हजारों लोगों को जाम के जाम से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं पंचकूला सहित दिल्ली, पंजाब, हिमाचल से आने वाला ट्रैफिक भी स्मूथ चलेगी।
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हरियाणा सरकार के टेक्निकल एडवाइजर विशाल सेठ ने बताया कि प्रोजेक्ट फाइनल स्टेज पर है। मुख्यमंत्री के अप्रूवल के बाद तकनीकी मंजूरी के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेजा गया था। उनकी एक दो आब्जर्वेशन आईं थीं, जिसे पूरा करके भेज दिया गया है। सूचना मिली थी कि वहां से दो सप्ताह में मंजूरी का लेटर आ जाएगा। इसके बाद ओवरब्रिज की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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यहां बनेगा डबल स्टोरी ओवरब्रिज
सेक्टर-12-12-ए की सड़क को कालका जीरकपुर-हाईवे के ऊपर से सेक्टर 20-21 की सड़क के साथ जोड़ेगा। इस ओवरब्रिज का फर्स्ट फ्लोर 5.5 मीटर और सेकेंड फ्लोर 15.5 मीटर पर होगी। यह सेक्टर 12ए और 12 की डिवाइडिंग से ब्रिज को सेक्टर-21 में हरियाणा एग्रीकल्चर ऑफिस के बीच पिलरों से उठाया जाएगा। जिसमें घुमाव देकर इसे सेक्टर 20 व 21 की डिवाइडिंग रोड पर उतारा जाएगा। यही आगे जाकर चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ जाने वाली रिंग रोड से मिलता है।
वहीं सेक्टर 12 ए की तरफ से जीरकपुर की तरफ जाने वाले लोगों के लिए यू-टर्न भी दिया जाएगा। वहीं दिल्ली की तरफ से रिंग रोड में से होते हुए सेक्टर 20 व 21 की डिवाइडिंग पर आने वाले वाहनों के लिए कालका की तरफ जा रहे फ्लाईओवर पर रास्ता भी दिया गया है। इस प्लान के मुताबिक सेक्टर 20 व 21 की डिवाइडिंग से तीसरे रास्ते को ऐसे उठाया जाएगा कि दिल्ली-अंबाला की तरफ से आ रहे वाहनों को सेक्टर-12 ए में रोड साइड बने पार्क में उतारकर फ्लाईओवर पर रास्ता मिल सकेगा।
वहीं सेक्टर 12 ए की तरफ से जीरकपुर की तरफ जाने वाले लोगों के लिए यू-टर्न भी दिया जाएगा। वहीं दिल्ली की तरफ से रिंग रोड में से होते हुए सेक्टर 20 व 21 की डिवाइडिंग पर आने वाले वाहनों के लिए कालका की तरफ जा रहे फ्लाईओवर पर रास्ता भी दिया गया है। इस प्लान के मुताबिक सेक्टर 20 व 21 की डिवाइडिंग से तीसरे रास्ते को ऐसे उठाया जाएगा कि दिल्ली-अंबाला की तरफ से आ रहे वाहनों को सेक्टर-12 ए में रोड साइड बने पार्क में उतारकर फ्लाईओवर पर रास्ता मिल सकेगा।
ओवरब्रिज गमाडा के जीरकपुर के पीआर-7 रिंग का बनेगा हिस्सा
यह ओवरब्रिज गमाडा के पीआर-7 रिंग रोड का हिस्सा बनेगा। इस प्रोजेक्ट पर गमाडा काम कर रहा है। यहां रोड करीब 8 किलोमीटर तक बन चुकी है। आगे यह तीन किलोमीटर बननी है। इस पर एक पुल भी बनना है। गमाडा ने जीरकपुर के नगला गांव तक लैंड एक्वायर की थी। इसके आगे अभी लैंड एक्वीजिशन का काम होना बाकी है।
पंचकूला के सेक्टर 20 और 21 के पास से होकर आगे ताऊ देवीलाल स्टेडियम तक बनाया जाना है, जो सीधा पंचकूला ओवरब्रिज से जुड़ेगा। इस अधूरे रिंग रोड और ओवरब्रिज का काम पूरा होते ही जीरकपुर के लोगों को भी ट्रैफिक जाम से राहत मिल जाएगी। क्योंकि दिल्ली से शिमला जाने वाली ट्रैफिक जीरकपुर फ्लाईओवर के नीचे आने की बजाय रिंग रोड के रास्ते पंचकूला सेक्टर 20 और 21 से ओवरब्रिज होकर हाईवे के रास्ते शिमला निकल जाएगी।
ओवरब्रिज के निर्माण सेे यह होगा फायदा
दिल्ली से शिमला जाने वाला ट्रैफिक जीरकपुर आने के बजाय पीआर-7 रिंग रोड होकर पंचकूला के रास्ते शिमला निकल जाएगी। इससे जीरकपुर में ट्रैफिक कम होगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी। पंचकूला सेक्टर-20 में 100 से ज्यादा ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले हजारों लोगों को जाम से राहत मिल जाएगी। घग्गर पार के सेक्टरों में रहने वाले लोग डायरेक्ट पंचकूला से जुड़ जाएंगे। जीरकपुर के पीरमुछल्ला के लोगों को भी पंचकूला आने में काफी सहूलियत मिलेगी। सेक्टर-12,12ए से सेक्टर-20, 21 को जुड़ेगा।
पंचकूला के सेक्टर 20 और 21 के पास से होकर आगे ताऊ देवीलाल स्टेडियम तक बनाया जाना है, जो सीधा पंचकूला ओवरब्रिज से जुड़ेगा। इस अधूरे रिंग रोड और ओवरब्रिज का काम पूरा होते ही जीरकपुर के लोगों को भी ट्रैफिक जाम से राहत मिल जाएगी। क्योंकि दिल्ली से शिमला जाने वाली ट्रैफिक जीरकपुर फ्लाईओवर के नीचे आने की बजाय रिंग रोड के रास्ते पंचकूला सेक्टर 20 और 21 से ओवरब्रिज होकर हाईवे के रास्ते शिमला निकल जाएगी।
ओवरब्रिज के निर्माण सेे यह होगा फायदा
दिल्ली से शिमला जाने वाला ट्रैफिक जीरकपुर आने के बजाय पीआर-7 रिंग रोड होकर पंचकूला के रास्ते शिमला निकल जाएगी। इससे जीरकपुर में ट्रैफिक कम होगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी। पंचकूला सेक्टर-20 में 100 से ज्यादा ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले हजारों लोगों को जाम से राहत मिल जाएगी। घग्गर पार के सेक्टरों में रहने वाले लोग डायरेक्ट पंचकूला से जुड़ जाएंगे। जीरकपुर के पीरमुछल्ला के लोगों को भी पंचकूला आने में काफी सहूलियत मिलेगी। सेक्टर-12,12ए से सेक्टर-20, 21 को जुड़ेगा।