हरियाणाः इस व्हाट्सएप नंबर पर करें भ्रष्टाचार की शिकायत, बॉडी में कैमरे लगा टीम करेगी रेड
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छापा मारने के दौरान अब टीम के सभी सदस्यों को बॉडी कैमरे लगाने होंगे। भविष्य में जो भी छापा, चाहे वह पुलिस विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग, खनन विभाग और परिवहन विभाग या किसी भी अन्य विभाग का, किसी भी परिसर, सरकारी या निजी प्रॉपर्टी दुकान, घर या सड़क पर मारा जाएगा, उस दौरान टीम के हर सदस्य को बॉडी कैमरा अनिवार्य रूप से ऑन रखना होगा।
उक्त घोषणा सेक्टर-1 स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने भ्रष्टाचार की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने के लिए वाट्सएप नंबर 9417891064 भी जारी किया।
साथ ही हेल्पलाइन नंबर-1064 और टोल फ्री नंबर 18001802022 भी जारी किया। उन्होंने कहा कि लोग मुख्यमंत्री के ट्विटर हैंडल पर भी सीधा संदेश भेज सकते हैं। किसी भी नागरिक द्वारा भ्रष्टाचार उजागर करते कोई ऑडियो या विडियो क्लिप भेजने पर भ्रष्टाचार निरोधक सेल द्वारा तुरंत प्रभाव से उसकी जांच की जाएगी।
शिकायत सही होने पर शिकायतकर्ता को पुरस्कृत किया जाएगा। शिकायतकर्ता को सीएमओ से शिकायत निदान की जानकारी भी भेजी जाएगी। एक साल में तीन सही शिकायतें प्रमाणित करने पर शिकायतकर्ता को इच्छानुसार किसी सार्वजनिक समारोह या उनके घर पर सम्मानित भी किया जाएगा। भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत लोग ईमेल- एसवीबीञ्चएचआरवाइएनआइसी.इन पर भी सतर्कता ब्यूरो को भेज सकते हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों और दफ्तरों में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए जल्द ही सीएमओ में भ्रष्टाचार विरोधी सेल बनाने की घोषणा की।
गिनाईं पांच वर्षों की उपलब्धियां:
मुख्यमंत्री ने पांच वर्षों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को किए प्रयासों के बारे में बताया कि 25 दिसंबर 2014 में सुशासन दिवस पर सर्वप्रथम तहसीलों में भ्रष्टाचार खत्म करने लिए ई-स्टेंपिंग व ई-रजिस्ट्री की शुरूआत की गई। भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और लाइसेंस की शक्तियां भी एक नवंबर, 2016 को निदेशक नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के निदेशक को लौटा दी थी।
ये शक्तियां 25 वर्षों से मुख्यमंत्री कार्यालय ने गैर-कानूनी रूप से ली हुई थी। एक अन्य पहल में ग्रुप सी से हरियाणा सिविल सेवा के लिए रजिस्टर सी से नामित किए जाने वाले कर्मचारियों की बताई। ये मुख्यमंत्री की सिफारिशों से एचसीएस बनाए जाते थे। कहा कि इस बार सभी पात्र कर्मचारियों के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से लिखित परीक्षा का आयोजन करवाया गया।
पहली बार एकसाथ 17 कर्मचारी मुख्यमंत्री के सिफारिश के बिना एचसीएस बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष से सरकारी कर्मचारियों से सीधा आईएएस बनने के लिए केंद्रीय लोक सेवा आयोग को प्रदेश की ओर से भेजे जाने वाले नामों के लिए भी देश में पहली बार हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से कर्मचारियों की लिखित परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा।
मेरिट वाले उम्मीदवारों के नाम भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में गीता के कर्म के सिद्धांत पर चल फल की चिंता मत कर श्लोक को अपनाया है। उन्होंने कहा कि ग्रुप डी की भर्ती में साक्षात्कार खत्म करना इसका बड़ा उदहारण है। इसी प्रकार अध्यापक स्थानांतरण नीति भी एक भ्रष्टाचार का बड़ा माध्यम बनी थी, उसे ऑनलाइन कर खत्म किया गया।
31 मार्च तक बनाएं ऑनलाइन स्थानांतरण नीति
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग हर उस पद के लिए जिसकी स्वीकृति संख्या पांच सौ से अधिक है, वे 31 मार्च तक ऑनलाइन स्थानांतरण नीति बना लें। भ्रष्टाचार क्या है, कहां करते हैं, क्यों करते हैं, कब करते हैं और कैसे करते हैं, इन सभी पहलुओं पर उन्होंने विस्तृत प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ प्रभावी लोग, जो राजनैतिक या आर्थिक प्रभाव रखते हैं और भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं, उन पर प्रहार करना हमारा संकल्प होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस में हरियाणा वर्ष 2014 में 14वें नंबर पर था, जो आज देश में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देकर बताया कि एक साक्षात्कार में जब उनसे पूछा गया कि जीवन में सबसे बड़ी चुनौती आपके समक्ष क्या है, तो उन्होंने कहा था कि मेरे इर्द-गिर्द काम करने वाले साथियों की टीम में विश्वसनीयता का अभाव। भ्रष्टाचार का जो रोग ‘‘हम’’ में आ गया है, उससे ‘‘मैं’’ को बचाना जरूरी है।
कहा कि, लोकतंत्र के चारों स्तंभ विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता सभी को एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध चेक लगाने होंगे। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस पर सभी प्रशासनिक सचिवों से आह्वान किया कि वे उनके इस संकल्प में एक टीम भावना से काम करें। हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विजन के अनुरूप ही आज 38 विभागों की 234 अंत्योदय और छह हजार से अधिक अटल सेवा केंद्र के माध्यम से ई-सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
हरियाणा राज्य प्रशासनिक सुधार के चेयरमैन प्रो. प्रमोद कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। पंचकूला के उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इस अवसर पर मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने मुख्यमंत्री की ओर से उपस्थित प्रशासनिक सचिवों व अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ने की शपथ दिलवाई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भ्रष्टाचार उन्मूलन के खिलाफ अभियान की लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही करीब डेढ़ सौ स्कूली छात्रों की साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का संदेश लोगों तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को अभियान में शामिल होने के लिए लगाए शपथ पट्ट पर हस्ताक्षर भी किए।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, पुलिस महानिदेशक मनोज यादव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के अलावा बड़ी संख्या में अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, पुलिस व राज्य सतर्कता ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।