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मुख्यमंत्री ने किया 7500 सूक्ष्म सिंचाई प्रदर्शनी का लोकार्पण
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पंचकूला। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में 7500 सूक्ष्म सिंचाई प्रदर्शनी योजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने सूक्ष्म सिंचाई और नहरी विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सूक्ष्म सिंचाई की पांच मोबाइल वैनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सूक्ष्म सिंचाई योजना के बारे में जागरूक करने, जल संरक्षण और जल संवर्धन का संदेश देने के लिए सभी जिलों से भी दो - दो वाहनों को रवाना किया गया। इस मौके पर सीएम ने मिकाडा के पोर्टल को भी लांच किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल ही जीवन है। हमें भावी पीढ़ी के लिए जल बचाकर रखना होगा। यह आज चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि तीसरा विश्वयुद्ध शायद जलयुद्ध ही होगा। इसलिए हमें पानी के हर बूंद का उपयोग करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1960 के दशक में जब देश में खाद्यान्नों की कमी महसूस की गई थी, तो उस समय हरित क्रांति का नारा दिया गया था। पंजाब व हरियाणा के किसानों ने हरित क्रांति में सबसे बड़ा योगदान दिया और देश को खाद्यानों में आत्मनिर्भर बनाया।
मुख्यमंत्री ने सभागार के उपस्थित किसानों के अलावा धान लगा रहे किसानों से भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से सीधा संवाद किया। उन्होंने किसानों का धन्यवाद भी किया, जिन्होंने सूक्ष्म सिंचाई की परियोजनाओं को अपनाया है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देकर कहा कि इस्राइल विश्व का ऐसा देश है, जहां पानी की बहुत किल्लत है। पूरी खेती टपका सिंचाई से की जाती है। हरियाणा सरकार ने भी इस्राइल के साथ साथ जल संरक्षण एवं फल एवं सब्जी उत्कृष्ट केंद्र के कई समझौते किए हैं।
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85 ब्लाक डार्क जोन में गए
सिंचाई एवं जल साधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा के बारे में लोग कहते थे कि हवा और पानी यहां खुला मिलता है। अब हमें सोच बदलने की आवश्यकता है। प्रदेश के 142 ब्लाकों में से 85 ब्लाक डार्क जोन में चले गए हैं। यहां पर पानी 100 मीटर से भी नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन पर आयोजित एक राष्ट्रीय सेमिनार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री की ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना की सराहना की थी। प्रदेश के 35 लाख हेक्टेयर में से 11.12 फीसदी में ही सूक्ष्म सिंचाई होती है, जिसे बढ़ाकर 20 फीसदी तक ले जाना होगा।
समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल, सांसद रतनलाल कटारिया, नगर निगम महापौर कुलभूषण गोयल, सूक्ष्म सिंचाई एवं नहरी विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष केशनी आनंद अरोड़ा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह, उपायुक्त महावीर कौशिक, पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जल ही जीवन है। हमें भावी पीढ़ी के लिए जल बचाकर रखना होगा। यह आज चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि तीसरा विश्वयुद्ध शायद जलयुद्ध ही होगा। इसलिए हमें पानी के हर बूंद का उपयोग करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1960 के दशक में जब देश में खाद्यान्नों की कमी महसूस की गई थी, तो उस समय हरित क्रांति का नारा दिया गया था। पंजाब व हरियाणा के किसानों ने हरित क्रांति में सबसे बड़ा योगदान दिया और देश को खाद्यानों में आत्मनिर्भर बनाया।
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मुख्यमंत्री ने सभागार के उपस्थित किसानों के अलावा धान लगा रहे किसानों से भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से सीधा संवाद किया। उन्होंने किसानों का धन्यवाद भी किया, जिन्होंने सूक्ष्म सिंचाई की परियोजनाओं को अपनाया है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देकर कहा कि इस्राइल विश्व का ऐसा देश है, जहां पानी की बहुत किल्लत है। पूरी खेती टपका सिंचाई से की जाती है। हरियाणा सरकार ने भी इस्राइल के साथ साथ जल संरक्षण एवं फल एवं सब्जी उत्कृष्ट केंद्र के कई समझौते किए हैं।
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85 ब्लाक डार्क जोन में गए
सिंचाई एवं जल साधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा के बारे में लोग कहते थे कि हवा और पानी यहां खुला मिलता है। अब हमें सोच बदलने की आवश्यकता है। प्रदेश के 142 ब्लाकों में से 85 ब्लाक डार्क जोन में चले गए हैं। यहां पर पानी 100 मीटर से भी नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन पर आयोजित एक राष्ट्रीय सेमिनार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री की ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना की सराहना की थी। प्रदेश के 35 लाख हेक्टेयर में से 11.12 फीसदी में ही सूक्ष्म सिंचाई होती है, जिसे बढ़ाकर 20 फीसदी तक ले जाना होगा।
समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल, सांसद रतनलाल कटारिया, नगर निगम महापौर कुलभूषण गोयल, सूक्ष्म सिंचाई एवं नहरी विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष केशनी आनंद अरोड़ा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह, उपायुक्त महावीर कौशिक, पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।