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Panchkula News: अंतिम मंजूरी के लिए पैनोरमिक कोच में सवार होकर शिमला रवाना हुए मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त

Sat, 23 Nov 2024 03:31 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2024 03:31 AM IST
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Chief Commissioner of Railway Safety left for Shimla in a panoramic coach for the final trial
कालका रेलवे स्टेशन पर ट्रायल के लिए खड़ी पैनोरमिक ट्रेन। 
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संवाद न्यूज एजेंसी



कालका।
मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने शुक्रवार को कालका रेलवे वर्कशाप का दौरा कर पैनोरमिक कोचाें का निरीक्षण किया। वर्कशाप पहुंचने पर मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने पैनोरमिक कोचों के पहले हुए सभी ट्रायल्स की पूरी जानकारी ली। इस मौके पर सीनियर डीसीएम नवीन कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। वर्कशाप का निरीक्षण करने के बाद मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त कालका रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां मौजूद अधिकारियों ने उनको पैनोरमिक कोचों की जानकारी दी। अंतिम मंजूरी के लिए करीब दो बजे मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त पैनोरमिक कोच वाली ट्रेन में सवार होकर ट्रायल के लिए शिमला रवाना हो गए।

कालका रेलवे स्टेशन पर नैरोगेज लाइन पर ट्रायल के लिए शुक्रवार को सात कोचों वाली पैनोरमिक ट्रेन को तैयार कर दिया गया। इसमें तीन जीएससी, एक फर्स्ट एसी चेयरकार, दो एसी चेयर कार और एक गार्ड कोच मौजूद था। इसमें जेनरेटर भी लगा था। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग अधिकारियों के साथ फर्स्ट एसी चेयरकार वाले कोच में सवार हुए।
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स्पीड व आपात ब्रेकिंग सिस्टम का हो चुका है ट्रायल


रेलवे जल्द ही कालका-शिमला रेलमार्ग पर पैनोरमिक कोचों वाली ट्रेन चलाएगा। पिछले वर्ष से इसका लगातार ट्रायल किया जा रहा है। इस कड़ी में सबसे पहले दो खाली कोचों का ट्रायल किया गया था। उसमें सीटें नहीं थी। उस समय मात्र ढांचे को कालका-शिमला रेल सेक्शन पर चलाया गया था। इसके बाद भार के साथ पैनोरमिक कोचों का ट्रायल किया गया। उसकी सफलता के बाद सारी सुविधाओं से युक्त कंप्लीट कोचोंं का ट्रायल किया गया जोकि सफल रहा। इस दौरान स्पीड और आपात ब्रेकिंग सिस्टम का ट्रायल किया गया।
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30 नैरोगेज कोचों होगा निर्माण

रेल कोच फैक्टरी कपूरथला कालका-शिमला रेलमार्ग पर चलने वाली टॉय ट्रेनों के लिए कुल 30 नैरो गेज कोचों का निर्माण करेगी। तत्कालीन केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल के निर्देश पर रेलवे विभाग ने कालका-शिमला रेलमार्ग पर चलने वाली सभी टॉय ट्रेनों के कोचों को आकर्षक बनाने का कार्य शुरू किया हुआ है। पैनोरमिक कोचाें में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। कोच में एसी सिस्टम, बिजली सप्लाई, पैंट्री, बायो-वैक्यूम टॉयलेट, लाइटिंग व फ्लोरिंग आदि की सुविधा दी गई है। कोच में जो शीशे लगाए गए हैं वो शोर और कंपन मुक्त हैं। यह शीशे मौसम के अनुरूप कार्य करेंगे। गर्मियों में ठंडी का एहसास होगा, वहीं सर्दियों में गर्मियों का। इसके अलावा कंसील्ड पंखे, एलईडी लाइट्स, मोबाइल चार्जिंग का पाॅइंट, बोतल रखने की क्लिप, खाने के लिए सेंटर टेबल आदि की सुविधा भी होगी।





कोट


इंडियन रेलवे में जब भी कोई नया रोलिंग स्टॉक कमीशन होता है, तो उसकी वैधानिक आवश्यकता है कि अंतिम मंजूरी चीफ कमीशन ऑफ रेलवे सेफ्टी से होती है। नैरोगेज के लिए यह पैनोरमिक कोच तैयार किए गए हैं, जिनके पहले भी कई ट्रायल हो चुके हैं। इस कड़ी में ट्रायल का ही एक स्टेज है जिसके चलते सीसीआरएस कालका पहुंचे हैं। ट्रायल के दौरान सीसीआरएस चेक करेंगे की जो ट्रायल की रिपोर्ट उनके पास सबमिट की गई थी, यह उसके अनुरूप है कि नहीं। - नवीन कुमार, सीनियर डीसीएम अंबाला मंडल
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