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Highcourt: अमृतपाल के बाद चरणजीत चन्नी के निर्वाचन को चुनौती, नामांकन पत्र में झूठी जानकारी देने का आरोप
Wed, 31 Jul 2024 08:51 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2024 08:51 PM IST
सार
पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी ने जालंधर से लोकसभा चुनाव लड़ा था। उन्हें बंपर जीत मिली थी।
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सांसद चरणजीत चन्नी
- फोटो : अमर उजाला/फाइल
विस्तार
जालंधर लोकसभा सीट से सांसद बने चरणजीत सिंह चन्नी का निर्वाचन जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत रद्द करने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर 12 अगस्त को सुनवाई तय की है।
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याचिका दाखिल करते हुए स्थानीय निवासी गौरव लूथरा ने एडवोकेट मनित मल्होत्रा के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि जालंधर लोकसभा सीट से चरणजीत सिंह चन्नी सांसद निर्वाचित हुए थे। नामांकन पत्र भरते हुए उन्होंने बहुत सी जानकारियां छुपाई थी। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव में हुए खर्च का भी सही ब्योरा आयोग को नहीं सौंपा है।
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चुनाव के दौरान एक होटल में 24 घंटे खाने की व्यवस्था रहती थी, लेकिन इसका खर्च उन्होंने चुनाव प्रचार के ब्योरे में नहीं दिया। वह रोजाना 10-15 जनसभाएं करते थे, लेकिन इस दौरान एक भी वाहन का खर्च उन्होंने प्रचार के ब्योरे में नहीं दिया। रामा मंडी में उन्होंने बिना अनुमति के रोड शो किया। यहां तक कि पोलिंग बूथ के बाहर वोटर स्लिप बांटने के लिए जो बूथ स्थापित किए गए थे उनके खर्च का ब्योरा भी नहीं दिया गया।
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ऐसे में यह स्पष्ट हो जाता है कि चुनाव जीतने के लिए चन्नी ने भ्रष्ट साधनों का इस्तेमाल किया और इसके लिए जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत उनका निर्वाचन रद्द किया जाना चाहिए। याची ने इस संबंध में चुनाव आयोग को शिकायत भी दी थी, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। ऐसे में अब याची को चुनाव याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी है।