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Panchkula News: फर्जी डिग्री से क्लीनिक चलाने वाला मास्टरमाइंड चंद्र भूषण गिरफ्तार
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पंचकूला। फर्जी दस्तावेजों के जरिये क्लीनिक चलाने के मामले में पंचकूला पुलिस ने मास्टरमाइंड और आरोपियों की मदद करने वाले चंद्र भूषण चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अंबाला का रहने वाला है। आरोपी को पुलिस ने वीरवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया। इस मामले में दो आरोपी पहले ही जेल में हैं।
सेक्टर-5 थाना पुलिस ने यह कार्रवाई वर्ष 2022 में भारतीय चिकित्सा परिषद सेक्टर-3 पंचकूला में दर्ज एक शिकायत की जांच के आधार पर की है। मामले की तह तक पहुंचने पर सामने आया कि पानीपत निवासी डॉ. कृष्ण कुमार और डॉ. वीरेंद्र कुमार ने पटना के राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा संस्थान से अनुभव के आधार पर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए थे।
इन जाली दस्तावेजों के दम पर दोनों ने पानीपत के समालखा क्षेत्र में एक आयुर्वेदिक क्लीनिक खोल लिया था। जांच में यह भी सामने आया कि हरियाणा सरकार के नियमों के मुताबिक बिहार से जारी ऐसे अनुभव प्रमाण पत्र यहां मान्य नहीं होते। आरोप है कि दोनों डॉक्टरों ने अपने करीबी चंद्र भूषण चौधरी की मदद से इन फर्जी प्रमाण पत्रों का माइग्रेशन और रिन्युअल भी करवा लिया था। जब यह दस्तावेज भारतीय चिकित्सा परिषद के रिकॉर्ड में नहीं मिले तो मामला संदिग्ध लगने लगा। मामले की गहराई से जांच के बाद पहले ही दोनों डॉक्टरों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
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सेक्टर-5 थाना पुलिस ने यह कार्रवाई वर्ष 2022 में भारतीय चिकित्सा परिषद सेक्टर-3 पंचकूला में दर्ज एक शिकायत की जांच के आधार पर की है। मामले की तह तक पहुंचने पर सामने आया कि पानीपत निवासी डॉ. कृष्ण कुमार और डॉ. वीरेंद्र कुमार ने पटना के राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा संस्थान से अनुभव के आधार पर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए थे।
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इन जाली दस्तावेजों के दम पर दोनों ने पानीपत के समालखा क्षेत्र में एक आयुर्वेदिक क्लीनिक खोल लिया था। जांच में यह भी सामने आया कि हरियाणा सरकार के नियमों के मुताबिक बिहार से जारी ऐसे अनुभव प्रमाण पत्र यहां मान्य नहीं होते। आरोप है कि दोनों डॉक्टरों ने अपने करीबी चंद्र भूषण चौधरी की मदद से इन फर्जी प्रमाण पत्रों का माइग्रेशन और रिन्युअल भी करवा लिया था। जब यह दस्तावेज भारतीय चिकित्सा परिषद के रिकॉर्ड में नहीं मिले तो मामला संदिग्ध लगने लगा। मामले की गहराई से जांच के बाद पहले ही दोनों डॉक्टरों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
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