चंडीगढ़ में नई व्यवस्था: स्क्रीन बताएगी अगले चौक पर जाम लगा है... रास्ता बदल लें
इन कैमरों में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्नाइजेशन, रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन और ओवर स्पीड डटेक्शन की सुविधा है। ट्रैफिक विभाग की ओर से लगे कैमरों में रात के समय ज्यादातर गाड़ियों का नंबर तक नहीं दिखता है।
विस्तार
स्मार्ट सिटी की ओर से शहर में लगाए जाने वाले कैमरों से अब पूरे शहर में ट्रायल शुरू होने जा रहा है। लगभग छह माह तक ट्रायल के बाद दिसंबर तक कैमरे चालू हो जाएंगे। इसके लिए बेल के पंचकूला स्थित दफ्तर में मिनी सेंटर भी बनाया जा रहा है। साथ ही चौराहों पर डिस्प्ले भी लगाई जा रही है, जो आगे चौराहों पर जाम की जानकारी देगा।
स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि पूरे शहर में स्मार्ट सिटी की ओर से 225 कैमरे लगाए जाने हैं। इसके लिए पिछले साल ट्रायल के तौर पर 20 कैमरे लगाए गए थे। भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बेल) ने सेक्टर 16-17 के लाइट पॉइंट, सेक्टर 17 के एंपायर, साहिब सिंह स्टोर पार्किंग के प्रवेश द्वार पर कैमरा लगाया था।
अब इन कैमरों का बेल के ऑफिस में ट्रायल होगा। वहां डाटा स्टोरेज की सुविधा होगी। जो ट्रैफिक विभाग के साथ भी साझा होगा, जिसमें यातायात के नियमों को तोड़ने वालों की जानकारी दी जाएगी।
कैमरों के साथ प्रत्येक चौराहे पर एलईडी भी लग रही है। किसी चौराहे पर जाम लगा है तो कमांड कंट्रोल सेंटर पिछले चौराहे वालों को इसकी जानकारी देगा ताकि वह वैकल्पिक रास्ते का चुनाव कर सकें।
बढ़ेगी सुरक्षा, अफसरों का काम होगा आसान
कैमरों से चोरी की गाड़ी पकड़ने व यातायात नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती होगी। वहीं अफसर एलईडी के माध्यम से लोगों से सीधे बात कर सकेंगे। अपना संदेश लोगों तक तत्काल पहुंचाने का अफसरों के लिए सशक्त माध्यम होगा।
आईसीसीसी में बनेगा बड़ा सेंटर
ट्रायल के बाद सेक्टर- 17 में बन रहे इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में इसका पूरा सेटअप लगाया जाएगा। जहां ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर यातायात के नियमों को शहर में बेहतर तरीके से पालन कराया जाएगा। 60 फुट की वीडियो वॉल पर पूरे शहर के कैमरे एक साथ निगरानी करेंगे।
कैमरे लगने के बाद यातायात के नियमों का पालन करवाने में काफी मदद मिलेगी। इससे लोगों को भी काफी सहूलियत होगी, क्योंकि जाम में फंसने हर कोई बचना चाहता है। स्मार्ट सिटी के लिए कैमरों की बेहतर व्यवस्था होगी। - केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी।