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स्मार्ट घड़ी न पहनने वाले 79 कर्मचारियों का वेतन कटा
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चंडीगढ़। नगर निगम ने स्मार्ट घड़ी न पहनने वाले 79 कर्मचारियों का जून का वेतन काट दिया है। इससे पहले जून में निगम ने 250 कर्मचारियों का वेतन काट दिया था। इनमें ज्यादातर कर्मचारियों को आधा वेतन मिला है। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि स्मार्ट घड़ी न पहनने वालों का वेतन काटा जाएगा। इसमें किसी प्रकार की कोई सिफारिश काम नहीं करेगी।
अप्रैल की सदन की बैठक में सदन ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए थे कि जो स्मार्ट घड़ी न पहने, उसका वेतन काटा जाए। हालांकि इससे पहले स्मार्ट घड़ी के लिए बनाई गई कमेटी ने घड़ियां न पहनने के लिए प्रस्ताव दिया था, लेकिन अनुबंध तोड़ने पर जुर्माने की बात सुनकर सदन ने कमेटी का फैसला बदलते हुए कर्मचारियों को घड़ी पहनने की अनिवार्यता कर दी। इस फैसले से कर्मचारी यूनियन नाराज हो गई। वेतन कटने वालों में सबसे ज्यादा संख्या एमओएच के कर्मचारियों की है। वहीं मई में जिन 250 कर्मचारियों का वेतन कटा था, उनमें 82 एमओएच विभाग के थे।
यूनियन शुरू से कर रही विरोध
सफाई कर्मचारी यूनियन ही सबसे ज्यादा स्मार्ट घड़ियों का विरोध कर रही है। विरोध बढ़ा तो कुछ दिन बिना घड़ियों के ही वेतन दिया जाने लगा। इसके लिए कमेटी बना दी गई, जो छह माह तक कोई निर्णय ही नहीं ले सकी। इधर, निगम को हो रहे करोड़ों के घाटे के बाद सदन ने घड़ी पहनना अनिवार्य कर दिया। हालांकि सैनिटेशन कमेटी ने ऐसे कर्मचारियों को एक और मौका देने के लिए कहा है।
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वार्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की मिले सूची
स्वच्छता कमेटी ने कहा है कि वार्ड में काम करने वाले सभी कर्मचारियों की सूची पार्षदों को उपलब्ध करवाई जाए, ताकि वे समय-समय पर वार्ड में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की मौके पर जांच कर सकें।
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अप्रैल की सदन की बैठक में सदन ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए थे कि जो स्मार्ट घड़ी न पहने, उसका वेतन काटा जाए। हालांकि इससे पहले स्मार्ट घड़ी के लिए बनाई गई कमेटी ने घड़ियां न पहनने के लिए प्रस्ताव दिया था, लेकिन अनुबंध तोड़ने पर जुर्माने की बात सुनकर सदन ने कमेटी का फैसला बदलते हुए कर्मचारियों को घड़ी पहनने की अनिवार्यता कर दी। इस फैसले से कर्मचारी यूनियन नाराज हो गई। वेतन कटने वालों में सबसे ज्यादा संख्या एमओएच के कर्मचारियों की है। वहीं मई में जिन 250 कर्मचारियों का वेतन कटा था, उनमें 82 एमओएच विभाग के थे।
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यूनियन शुरू से कर रही विरोध
सफाई कर्मचारी यूनियन ही सबसे ज्यादा स्मार्ट घड़ियों का विरोध कर रही है। विरोध बढ़ा तो कुछ दिन बिना घड़ियों के ही वेतन दिया जाने लगा। इसके लिए कमेटी बना दी गई, जो छह माह तक कोई निर्णय ही नहीं ले सकी। इधर, निगम को हो रहे करोड़ों के घाटे के बाद सदन ने घड़ी पहनना अनिवार्य कर दिया। हालांकि सैनिटेशन कमेटी ने ऐसे कर्मचारियों को एक और मौका देने के लिए कहा है।
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वार्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की मिले सूची
स्वच्छता कमेटी ने कहा है कि वार्ड में काम करने वाले सभी कर्मचारियों की सूची पार्षदों को उपलब्ध करवाई जाए, ताकि वे समय-समय पर वार्ड में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की मौके पर जांच कर सकें।