फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   chandigarh, Changes as per need should be implemented on the lines of Delhi, CHB

संपत्ति हस्तांतरण को उल्लंघना के मामलों से डी-लिंक करने की मांग

Sat, 30 Oct 2021 12:39 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 30 Oct 2021 12:39 AM IST
विज्ञापन
chandigarh, Changes as per need should be implemented on the lines of Delhi, CHB
चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों में जरूरत के अनुसार बदलाव (नीड बेस्ड चेंज) को लेकर प्रशासन द्वारा गठित कमेटी के सदस्यों ने शुक्रवार को बैठक की। सीएचबी के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व मेयर पूनम शर्मा, चंडीगढ़ रेजिडेंट एसोसिएशन ऑफ वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड) के चेयरमैन हितेश पुरी व आर्किटेक्ट सुरिंदर बाघा उपस्थित रहे।
विज्ञापन

कमेटी के सदस्यों ने दिल्ली की तर्ज पर ही नीड बेस्ड चेंज लागू करने की मांग की है और इसे लेकर सचिव को मांग पत्र सौंपा। सदस्यों का कहना है कि 25 से 30 साल पुराने निर्माण को गिराया नहीं जा सकता, इसलिए इसे नियमित किया जाना चाहिए। हितेश पुरी ने कहा कि वह दिल्ली की तर्ज पर ही वन टाइम सेटलमेंट लागू करने की मांग कर रहे हैं। कमेटी के सदस्यों ने मांग की है कि संपत्ति हस्तांतरण को उल्लंघना के मामलों से डी-लिंक किया जाना चाहिए, जिससे संपत्तियों की बिक्री बढ़ेगी। अभी उल्लंघना हटाने की शर्त के चलते लोग संपत्ति लेने को तैयार नहीं होते हैं। इससे कन्वयेंस डीड के बाद प्रॉपर्टी की ट्रांसफर आसान हो जाएगी। इसके अलावा उन्होंने फ्लैट्स में लिफ्ट की अनुमति देने की भी मांग की है। लिफ्ट की अनुमति न मिलने के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इंडिपेंडेंट हाउसेज पर एस्टेट ऑफिस के मरला मकानों की तरह नियम लागू होने चाहिए, क्योंकि मरला मकानों में लोगों को निर्माण की अधिक अनुमति है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed