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Panchkula News: नियमों के उल्लंघन पर किया 15 मैक्सी कैब का चालान
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) ने क्षमता से अधिक बच्चे बैठाने वाली और बिना परमिट चलने वाली मैक्सी कैब पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग ने पिछले दिनों 15 मैक्सी कैब चालकों के चालान किए हैं।
आरटीए सेक्रेटरी हेरतजीत कौर बराड़ ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी दी कि जिले में बिना परमिट चल रहे मैक्सी कैब के चालान लिए जा रहे हैं। मैक्सी कैब में क्षमता से अधिक स्कूल के बच्चे बैठाए हुए पाए गए थे। स्कूल के बाहर की मैक्सी कैब गाड़ियों का चालान किया गया है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे स्कूल की बस में ही बच्चों को स्कूल भेजें। क्योंकि मैक्सी कैब चालकों का स्कूल के साथ कोई कांट्रैक्ट नहीं होता। हादसा होने पर स्कूल प्रशासन अपनी जिम्मेदारी लेने से मना कर देता है। मैक्सी कैब में किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमों के उल्लंघन करने वाले मैक्सी कैब और अन्य वाहन जिनमें स्कूल के बच्चे आते-जाते हैं, उनके चालान किए जा रहे हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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सस्ते ट्रांसपोर्ट के चक्कर में पड़ जाते हैं अभिभावक
व्यस्त जीवनशैली के चलते कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने नहीं जा पाते। वे सस्ते ट्रांसपोर्ट के चक्कर में बच्चों के लिए मैक्सी कैब लगवा देते हैं। अभिभावक यह जानने की कोशिश नहीं करते कि जिस वाहन में उनका बच्चा स्कूल जाता है, क्या उसमें नियमों का पालन हो रहा है। अक्सर चालक मैक्सी कैब में बच्चों को ठूस-ठूसकर भर लेते हैं। लापरवाही के चलते हादसा होने का खतरा बना रहता हैं।
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पंचकूला। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) ने क्षमता से अधिक बच्चे बैठाने वाली और बिना परमिट चलने वाली मैक्सी कैब पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग ने पिछले दिनों 15 मैक्सी कैब चालकों के चालान किए हैं।
आरटीए सेक्रेटरी हेरतजीत कौर बराड़ ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी दी कि जिले में बिना परमिट चल रहे मैक्सी कैब के चालान लिए जा रहे हैं। मैक्सी कैब में क्षमता से अधिक स्कूल के बच्चे बैठाए हुए पाए गए थे। स्कूल के बाहर की मैक्सी कैब गाड़ियों का चालान किया गया है।
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उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे स्कूल की बस में ही बच्चों को स्कूल भेजें। क्योंकि मैक्सी कैब चालकों का स्कूल के साथ कोई कांट्रैक्ट नहीं होता। हादसा होने पर स्कूल प्रशासन अपनी जिम्मेदारी लेने से मना कर देता है। मैक्सी कैब में किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमों के उल्लंघन करने वाले मैक्सी कैब और अन्य वाहन जिनमें स्कूल के बच्चे आते-जाते हैं, उनके चालान किए जा रहे हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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सस्ते ट्रांसपोर्ट के चक्कर में पड़ जाते हैं अभिभावक
व्यस्त जीवनशैली के चलते कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने नहीं जा पाते। वे सस्ते ट्रांसपोर्ट के चक्कर में बच्चों के लिए मैक्सी कैब लगवा देते हैं। अभिभावक यह जानने की कोशिश नहीं करते कि जिस वाहन में उनका बच्चा स्कूल जाता है, क्या उसमें नियमों का पालन हो रहा है। अक्सर चालक मैक्सी कैब में बच्चों को ठूस-ठूसकर भर लेते हैं। लापरवाही के चलते हादसा होने का खतरा बना रहता हैं।