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Panchkula News: मजीठिया की सुरक्षा पर केंद्र ने हाईकोर्ट में सौंपी सीलबंद रिपोर्ट
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पंजाब सरकार को सोमवार तक अपना आकलन सौंपने का आदेश
हाईकोर्ट ने 17 मार्च तक मजीठिया की सुरक्षा की जिम्मेदारी पंजाब को सौंपी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार ने अपनी सीलबंद रिपोर्ट पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सौंप दी। रिपोर्ट में मजीठिया को संभावित खतरे के आकलन से संबंधित जानकारी दी गई है।
केंद्र ने बताया कि यह रिपोर्ट पंजाब सरकार को भी भेजी जा चुकी है। अदालत ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए राज्य सरकार से इस संबंध में सोमवार तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि केंद्र द्वारा भेजी गई रिपोर्ट का अध्ययन करने और सुरक्षा से संबंधित सभी पहलुओं का समुचित मूल्यांकन करने के लिए कुछ और समय की आवश्यकता है।
अदालत ने राज्य सरकार का अनुरोध स्वीकार कर लिया और निर्देश दिया कि पंजाब सरकार सोमवार तक अपनी सीलबंद रिपोर्ट अदालत में दाखिल करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट की एक प्रति याचिकाकर्ता के वकील को भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि मामले में पारदर्शिता बनी रहे और सभी पक्ष अपनी दलीलें उचित रूप से रख सकें। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक मजीठिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।
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अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मजीठिया की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और संभावित खतरे के आकलन के आधार पर उचित सुरक्षा प्रदान की जाए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च के लिए निर्धारित करते हुए कहा कि तब तक केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा दाखिल की जाने वाली रिपोर्टों का अध्ययन किया जाएगा। मजीठिया की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि उन्हें गंभीर सुरक्षा खतरा है और इसलिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उचित सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए।
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हाईकोर्ट ने 17 मार्च तक मजीठिया की सुरक्षा की जिम्मेदारी पंजाब को सौंपी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार ने अपनी सीलबंद रिपोर्ट पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सौंप दी। रिपोर्ट में मजीठिया को संभावित खतरे के आकलन से संबंधित जानकारी दी गई है।
केंद्र ने बताया कि यह रिपोर्ट पंजाब सरकार को भी भेजी जा चुकी है। अदालत ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए राज्य सरकार से इस संबंध में सोमवार तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि केंद्र द्वारा भेजी गई रिपोर्ट का अध्ययन करने और सुरक्षा से संबंधित सभी पहलुओं का समुचित मूल्यांकन करने के लिए कुछ और समय की आवश्यकता है।
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अदालत ने राज्य सरकार का अनुरोध स्वीकार कर लिया और निर्देश दिया कि पंजाब सरकार सोमवार तक अपनी सीलबंद रिपोर्ट अदालत में दाखिल करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट की एक प्रति याचिकाकर्ता के वकील को भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि मामले में पारदर्शिता बनी रहे और सभी पक्ष अपनी दलीलें उचित रूप से रख सकें। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक मजीठिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।
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अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मजीठिया की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और संभावित खतरे के आकलन के आधार पर उचित सुरक्षा प्रदान की जाए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च के लिए निर्धारित करते हुए कहा कि तब तक केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा दाखिल की जाने वाली रिपोर्टों का अध्ययन किया जाएगा। मजीठिया की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि उन्हें गंभीर सुरक्षा खतरा है और इसलिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उचित सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए।