{"_id":"6a0f6e5d2f4101e7ca0cdc7c","slug":"centralized-ac-at-sector-6-civil-hospital-shut-down-amidst-44-degree-heat-patients-in-distress-panchkula-news-c-290-1-pkl1067-23566-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: 44 डिग्री तापमान में सेक्टर-6 सिविल अस्पताल का सेंट्रलाइज एसी बंद, मरीज बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: 44 डिग्री तापमान में सेक्टर-6 सिविल अस्पताल का सेंट्रलाइज एसी बंद, मरीज बेहाल
विज्ञापन
एसी ठप होने से वार्डों में बढ़ी उमस, राहत के लिए घरों से पंखे लेकर पहुंच रहे तीमारदार
कर्मचंद
पंचकूला। जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में सेंट्रलाइज एसी सिस्टम का काम अधूरा होने और स्प्लिट एसी खराब पड़े होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। 44.2 डिग्री तापमान के बावजूद अस्पताल में ठंडक की समुचित व्यवस्था नहीं होने से मरीज, तीमारदार और अस्पताल स्टाफ बेहाल हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत महिला और पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती मरीजों को हो रही है। गर्मी से राहत पाने के लिए कई लोग घरों से पंखे लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
सिविल अस्पताल में इमरजेंसी, महिला वार्ड, पीडियाट्रिक वार्ड और लेबर रूम सहित विभिन्न हिस्सों में लगे 40 से अधिक स्प्लिट एसी खराब पड़े हैं। इसके कारण वार्डों में उमस और गर्मी बढ़ गई है। दिन के समय पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे मरीजों का हाल बेहाल है।
पिंजौर निवासी जेनी ने बताया कि वार्ड में पर्याप्त हवा नहीं मिलने के कारण उन्हें घर से पंखा लाना पड़ा। वहीं कालका निवासी रश्मि देवी ने बताया कि इमरजेंसी में भी एसी बंद हैं और पंखे ठीक से काम नहीं कर रहे, जिससे इलाज के दौरान काफी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
पीडियाट्रिक वार्ड में बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत
पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती एक बच्चे के परिजन इंदिरा कॉलोनी निवासी रमेश ने बताया कि छोटे बच्चों को गर्मी के कारण काफी परेशानी हो रही है। रात के समय भी वार्डों में उमस बनी रहती है, जिससे मरीजों को आराम नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग लगातार हीटवेव की चेतावनी दे रहा है, ऐसे में अस्पताल जैसी जरूरी जगह पर एसी व्यवस्था पूरी तरह चालू होनी चाहिए थी।
जल्द पूरा होगा सेंट्रलाइज एसी का काम : पीएमओ
सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि सेंट्रलाइज एसी का काम पूरा कराने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखा गया है। काम को जल्द पूरा करवाने की प्रक्रिया चल रही है। पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन आशीष चौहान ने बताया कि अस्पताल के डी ब्लॉक में सेंट्रलाइज एसी सिस्टम का काम जारी है और इसे करीब एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
कर्मचंद
पंचकूला। जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में सेंट्रलाइज एसी सिस्टम का काम अधूरा होने और स्प्लिट एसी खराब पड़े होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। 44.2 डिग्री तापमान के बावजूद अस्पताल में ठंडक की समुचित व्यवस्था नहीं होने से मरीज, तीमारदार और अस्पताल स्टाफ बेहाल हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत महिला और पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती मरीजों को हो रही है। गर्मी से राहत पाने के लिए कई लोग घरों से पंखे लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
सिविल अस्पताल में इमरजेंसी, महिला वार्ड, पीडियाट्रिक वार्ड और लेबर रूम सहित विभिन्न हिस्सों में लगे 40 से अधिक स्प्लिट एसी खराब पड़े हैं। इसके कारण वार्डों में उमस और गर्मी बढ़ गई है। दिन के समय पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे मरीजों का हाल बेहाल है।
विज्ञापन
पिंजौर निवासी जेनी ने बताया कि वार्ड में पर्याप्त हवा नहीं मिलने के कारण उन्हें घर से पंखा लाना पड़ा। वहीं कालका निवासी रश्मि देवी ने बताया कि इमरजेंसी में भी एसी बंद हैं और पंखे ठीक से काम नहीं कर रहे, जिससे इलाज के दौरान काफी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
पीडियाट्रिक वार्ड में बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत
पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती एक बच्चे के परिजन इंदिरा कॉलोनी निवासी रमेश ने बताया कि छोटे बच्चों को गर्मी के कारण काफी परेशानी हो रही है। रात के समय भी वार्डों में उमस बनी रहती है, जिससे मरीजों को आराम नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग लगातार हीटवेव की चेतावनी दे रहा है, ऐसे में अस्पताल जैसी जरूरी जगह पर एसी व्यवस्था पूरी तरह चालू होनी चाहिए थी।
जल्द पूरा होगा सेंट्रलाइज एसी का काम : पीएमओ
सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि सेंट्रलाइज एसी का काम पूरा कराने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखा गया है। काम को जल्द पूरा करवाने की प्रक्रिया चल रही है। पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन आशीष चौहान ने बताया कि अस्पताल के डी ब्लॉक में सेंट्रलाइज एसी सिस्टम का काम जारी है और इसे करीब एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा।