हरियाणा: कुरुक्षेत्र में सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करेगा केंद्र और भव्य होगा सूरजकुंड मेला
मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में स्थापित किए जाने वाले म्यूजियम का विस्तृत परियोजना का विवरण केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत किया। यह अत्याधुनिक तकनीक से युक्त देश का प्रथम विश्वस्तरीय म्यूजियम होगा।
विस्तार
केंद्र सरकार ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला को और अधिक भव्य बनाने के साथ विस्तार दिया जाएगा। इस दिशा में केंद्र और हरियाणा सरकार योजना तैयार कर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। कुरुक्षेत्र में भी एक नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर बनेगा।
शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में हरियाणा की विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पहले से चल रही विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति भी केंद्रीय मंत्री ने जानी।
रेड्डी ने हरियाणा सरकार की विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय हरियाणा को पर्यटन विकास के लिए सभी संभव सहयोग देगा। कुरुक्षेत्र को एक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाने की योजना है। कुरुक्षेत्र में भी एक नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में पटियाला (पंजाब) में नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर स्थापित है।
पिंजौर में भारतीय संगीत पर आधारित म्यूजियम पर विमर्श किया
सूरजकुंड मेला को और भव्य बनाने के लिए पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल परियोजना के तहत केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने कंसल्टेंसी की स्वीकृति हरियाणा को प्रदान कर दी है। हरियाणा के पिंजौर में भारतीय संगीत पर आधारित म्यूजियम, बल्लभगढ़ में स्थित राजा नाहरसिंह के महल में भी एक म्यूजियम, व माधोगढ़ (महेंद्रगढ़) में स्थापित किए जाने वाले हेरिटेज सर्किट को लेकर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री के साथ विचार-विमर्श किया।
हरियाणा में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता के पुरातात्विक स्थल राखीगढ़ी व आदिबद्री-सरस्वती की परियोजनाओं के संबंध में बैठक के दौरान विस्तृत चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने कहा कि विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं के संदर्भ में केंद्रीय पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्रालय व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। इसके लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा।