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सीबीआई कोर्ट की फटकार, कुंभकर्ण की तरह कुंडली मारे बैठे हैं अधिकारी

Wed, 03 Feb 2021 01:41 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 01:41 AM IST
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CBI court rebukes, officers are sitting in a horoscope like Kumbhakarna
पंचकूला। छात्र हत्याकांड में कंडक्टर को फंसाने के आरोपी चार पुलिसकर्मियों पर केस चलाने की अनुमति न देने पर सीबीआई अदालत ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है। सीबीआई कोर्ट ने अधिकारियों को सीबीआई के निवेदन पर अगली सुनवाई से पहले निर्णय लेने का आदेश दिया है।
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पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में छात्र हत्याकांड मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर बताया कि चारों आरोपियों पर केस चलाने के लिए सीबीआई ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों से आवेदन किया था। इस आवेदन पर कोई निर्णय न होने पर जनवरी में दोबारा रिमाइंडर भेजा गया।
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रिमाइंडर के बावजूद अभी तक केस चलाने की अनुमति नहीं दी गई है। कोर्ट ने इस मामले में हैरानी जताकर कहा कि सीबीआई के निवेदन के पांच माह बीत जाने के बाद भी अधिकारी इस आवेदन पर कुंडली मारे बैठे हैं। देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रही है। लेकिन अधिकारी कुंभकर्ण की नींद सो रहे हैं। ऐसे में सीबीआई को मजबूरन उन पर केस चलाने की अनुमति के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट ने कहा कि लोगों का विश्वास न्यायालय से उठने नहीं दिया जाएगा और हरियाणा सरकार के अधिकारियों को नसीहत दी कि जो जिम्मेदारी कानून ने उनको दी है वह उसका निर्वाह करें।
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कोर्ट ने अधिकारियों को चेताकर कहा कि अधिकारी कितने भी बड़े हों, कानून उनसे ऊपर रहता है। ऐसे में न्यायालय ने अधिकारियों को मोहलत देकर अगली सुनवाई होने तक केस चलाने की मंजूरी पर निर्णय लेने का आदेश दिया है। छात्र हत्याकांड के मामले में तथ्यों से छेड़छाड़ करने के मामले में पंचकूला में सीबीआई की विशेष अदालत ने हरियाणा की तीन प्रमुख अथारिटी को अभियोजन की मंजूरी के लिए 22 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में यदि सक्षम अथारिटी जवाब देने में असमर्थ हैं तो उस वजह से संबंधित एफिडेविट भी फाइल करें जिसके कारण वह जवाब नहीं दे रहे हैं। पंचकूला सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में इस मामले में हरियाणा के मुख्य गृह सचिव, हरियाणा के डीजीपी और गुरुग्राम सिटी के कमिश्नर आफ पुलिस को यह आदेश आठ दिन तक देने को कहा है। इसके साथ ही सीबीआई कोर्ट ने कहा है कि सक्षम अधिकारी अभियोेजन की मंजूरी के लिए आदेश मिलने के बाद दस दिन के भीतर जवाब दाखिल करें।

ध्यान रहे कि तीन साल से अधिक के लंबे इंतजार के बाद सीबीआई ने भोेंडसी के तत्कालीन एसीपी बिरेम सिंह, तत्कालीन भोंडसी थाने के एसएचओ नरेंद्र खटाना, एसआई शमशेर सिंह व ईएएसआई सुभाषचंद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में 8 सितंबर का दिन 7 साल के मासूम छात्र के लिए उसकी जिंदगी का आखिरी दिन बन गया था। उसी दिन गुरुग्राम के एक निजी स्कूल में उसकी गला रेत कर हत्या कर दी गई। ध्यान रहे कि भोंडसी के एक निजी स्कूल में 8 सितंबर 2017 को हुए छात्र हत्याकांड में गुरुग्राम पुलिस ने अपनी जांच में स्कूल बस कंडक्टर को पकड़ा था, जबकि सीबीआई ने बस कंडक्टर को क्लीन चिट दे दी थी और तथ्यों से छेड़छाड़ को लेकर चार पुलिस कर्मियों कोे आरोपी बनाया था।
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