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Panchkula News: ईवी खरीद पर कैश सब्सिडी बंद, टैक्स-रजिस्ट्रेशन में छूट जारी
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चंडीगढ़। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ा बदलाव हुआ है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2022 में चौथी बार संशोधन करते हुए ईवी खरीद पर मिलने वाला कैश इंसेंटिव और सब्सिडी बंद कर दी है। हालांकि खरीदारों को रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट मिलती रहेगी। प्रशासन ने शुक्रवार को संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी। चीफ सेक्रेटरी एच राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में हुई यूटी इलेक्ट्रिक व्हीकल एडवाइजरी कमेटी की बैठक में बदलाव तय किया गया।
नए प्रावधान के अनुसार अन्य प्रोत्साहनों का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता को इलेक्ट्रिक वाहन चंडीगढ़ से ही खरीदना और उसका पंजीकरण भी चंडीगढ़ में कराना होगा। ईवी पोर्टल पर पहले से प्राप्त लंबित आवेदनों का निपटारा पुराने प्रावधानों के तहत किया जाएगा। संशोधन के अलावा नीति-2022 के बाकी सभी प्रावधान लागू रहेंगे।
डेढ़ लाख तक की कार सब्सिडी भी खत्म
निजी चार पहिया इलेक्ट्रिक कार पर फिक्स्ड बैटरी के लिए 5000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का अग्रिम इंसेंटिव मिलता था। पुराने वाहन की स्क्रैपिंग पर 7000 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ भी अब नहीं मिलेगा।
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दोपहिया, ई-बाइक और ई-कार्ट पर भी प्रोत्साहन बंद
ई-बाइसाइकिल पर वाहन की लागत का 25 प्रतिशत, अधिकतम 3000 रुपये तक का अग्रिम इंसेंटिव मिलता था। फिक्स्ड बैटरी वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया पर 5000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम 30 हजार रुपये और स्वैपेबल बैटरी वाले दोपहिया पर 3000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम 15 हजार रुपये का इंसेंटिव निर्धारित था। पुराने वाहन की स्क्रैपिंग पर दोपहिया के लिए 5000 रुपये तक का लाभ भी खत्म होगा। ई-कार्ट पर फिक्स्ड बैटरी के लिए 5000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम 30 हजार रुपये और स्वैपेबल बैटरी पर 3000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम 10 हजार रुपये का इंसेंटिव नहीं मिलेगा। रेट्रोफिट किट की लागत का 15 प्रतिशत, अधिकतम 10 हजार रुपये तक का लाभ भी बंद होगा। ई-ऑटो, एल5एन गुड्स कैरियर और एन1 गुड्स कैरियर पर मिलने वाली सब्सिडी भी अब नहीं मिलेगी।
ये दो सुविधाएं रहेंगी जारी
रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट: नीति अवधि में पंजीकृत सभी पात्र ईवी को निर्धारित नियमों के अनुसार दोनों में छूट मिलेगी।
हरी नंबर प्लेट: चंडीगढ़ में पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों को केंद्र की 7 अगस्त 2018 की अधिसूचना के अनुसार हरे रंग की नंबर प्लेट जारी होगी।
सितंबर 2027 तक मॉडल ईवी सिटी का लक्ष्य
चंडीगढ़ प्रशासन ने 20 सितंबर 2022 को ईवी नीति अधिसूचित की थी। इसके बाद जुलाई, अक्तूबर और नवंबर 2023 में संशोधन किए गए। नीति का उद्देश्य 19 सितंबर 2027 तक चंडीगढ़ को मॉडल ईवी सिटी बनाना और प्रदूषण रहित वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाना है।
ईवी की अलग-अलग श्रेणियों में इतना इंसेंटिव और अतिरिक्त लाभ होगा खत्म
निजी इलेक्ट्रिक कार: फिक्स्ड बैटरी पर ₹5,000 प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम ₹1.50 लाख का इंसेंटिव। स्क्रैपिंग पर ₹7,000 तक अतिरिक्त लाभ भी खत्म।
इलेक्ट्रिक दोपहिया: फिक्स्ड बैटरी पर अधिकतम ₹30,000, स्वैपेबल बैटरी पर ₹15,000 तक का इंसेंटिव। स्क्रैपिंग पर ₹5,000 तक का लाभ भी नहीं मिलेगा।
ई-बाइसाइकिल: वाहन लागत का 25 प्रतिशत, अधिकतम ₹3,000 तक का इंसेंटिव खत्म।
ई-कार्ट: फिक्स्ड बैटरी पर अधिकतम ₹30,000, स्वैपेबल बैटरी पर ₹10,000 तक का इंसेंटिव खत्म। रेट्रोफिट किट पर ₹10,000 तक का लाभ भी बंद।
ई-ऑटो, एल5एन और एन1 गुड्स कैरियर: इन वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी भी अब नहीं मिलेगी।
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नए प्रावधान के अनुसार अन्य प्रोत्साहनों का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता को इलेक्ट्रिक वाहन चंडीगढ़ से ही खरीदना और उसका पंजीकरण भी चंडीगढ़ में कराना होगा। ईवी पोर्टल पर पहले से प्राप्त लंबित आवेदनों का निपटारा पुराने प्रावधानों के तहत किया जाएगा। संशोधन के अलावा नीति-2022 के बाकी सभी प्रावधान लागू रहेंगे।
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डेढ़ लाख तक की कार सब्सिडी भी खत्म
निजी चार पहिया इलेक्ट्रिक कार पर फिक्स्ड बैटरी के लिए 5000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का अग्रिम इंसेंटिव मिलता था। पुराने वाहन की स्क्रैपिंग पर 7000 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ भी अब नहीं मिलेगा।
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दोपहिया, ई-बाइक और ई-कार्ट पर भी प्रोत्साहन बंद
ई-बाइसाइकिल पर वाहन की लागत का 25 प्रतिशत, अधिकतम 3000 रुपये तक का अग्रिम इंसेंटिव मिलता था। फिक्स्ड बैटरी वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया पर 5000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम 30 हजार रुपये और स्वैपेबल बैटरी वाले दोपहिया पर 3000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम 15 हजार रुपये का इंसेंटिव निर्धारित था। पुराने वाहन की स्क्रैपिंग पर दोपहिया के लिए 5000 रुपये तक का लाभ भी खत्म होगा। ई-कार्ट पर फिक्स्ड बैटरी के लिए 5000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम 30 हजार रुपये और स्वैपेबल बैटरी पर 3000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम 10 हजार रुपये का इंसेंटिव नहीं मिलेगा। रेट्रोफिट किट की लागत का 15 प्रतिशत, अधिकतम 10 हजार रुपये तक का लाभ भी बंद होगा। ई-ऑटो, एल5एन गुड्स कैरियर और एन1 गुड्स कैरियर पर मिलने वाली सब्सिडी भी अब नहीं मिलेगी।
ये दो सुविधाएं रहेंगी जारी
रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट: नीति अवधि में पंजीकृत सभी पात्र ईवी को निर्धारित नियमों के अनुसार दोनों में छूट मिलेगी।
हरी नंबर प्लेट: चंडीगढ़ में पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों को केंद्र की 7 अगस्त 2018 की अधिसूचना के अनुसार हरे रंग की नंबर प्लेट जारी होगी।
सितंबर 2027 तक मॉडल ईवी सिटी का लक्ष्य
चंडीगढ़ प्रशासन ने 20 सितंबर 2022 को ईवी नीति अधिसूचित की थी। इसके बाद जुलाई, अक्तूबर और नवंबर 2023 में संशोधन किए गए। नीति का उद्देश्य 19 सितंबर 2027 तक चंडीगढ़ को मॉडल ईवी सिटी बनाना और प्रदूषण रहित वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाना है।
ईवी की अलग-अलग श्रेणियों में इतना इंसेंटिव और अतिरिक्त लाभ होगा खत्म
निजी इलेक्ट्रिक कार: फिक्स्ड बैटरी पर ₹5,000 प्रति किलोवाट-घंटा, अधिकतम ₹1.50 लाख का इंसेंटिव। स्क्रैपिंग पर ₹7,000 तक अतिरिक्त लाभ भी खत्म।
इलेक्ट्रिक दोपहिया: फिक्स्ड बैटरी पर अधिकतम ₹30,000, स्वैपेबल बैटरी पर ₹15,000 तक का इंसेंटिव। स्क्रैपिंग पर ₹5,000 तक का लाभ भी नहीं मिलेगा।
ई-बाइसाइकिल: वाहन लागत का 25 प्रतिशत, अधिकतम ₹3,000 तक का इंसेंटिव खत्म।
ई-कार्ट: फिक्स्ड बैटरी पर अधिकतम ₹30,000, स्वैपेबल बैटरी पर ₹10,000 तक का इंसेंटिव खत्म। रेट्रोफिट किट पर ₹10,000 तक का लाभ भी बंद।
ई-ऑटो, एल5एन और एन1 गुड्स कैरियर: इन वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी भी अब नहीं मिलेगी।