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Panchkula News: क्षत्रिय समाज के युवक सहित दो महिलाओं पर एससीएसटी एक्ट में मामला दर्ज
Thu, 10 Apr 2025 01:24 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Thu, 10 Apr 2025 01:24 AM IST
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गांव मौली में तैनात पुलिस बल।
अनुसूचित जाति की युवती की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई
मंगलवार को रात अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने किया था थाने का घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी
रायपुररानी। गांव मौली में अनुसूचित जाति समाज की महिलाओं के साथ हुई अभद्रता के मामले में मंगलवार देर रात रायपुररानी थाना परिसर में जमकर हंगामा हुआ था। अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने पुलिस थाने का घेराव कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। प्रदर्शनकारी शाम सात बजे से बुधवार को अलसुबह करीब 4 बजे तक थाना परिसर में डटे रहे और मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।
बुधवार को सुबह करीब 11 बजे रायपुररानी थाना पुलिस ने इस मामले में एससीएसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति समाज की 22 वर्षीय युवती ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे वह सहेली और एक आंटी के साथ कॉलेज से गांव लौट रही थी। रास्ते में क्षत्रिय समाज की निशु, सपना और एक पुरुष भूपाल के लड़के ने उन्हें उन्हें रोका। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने जातिसूचक शब्द कहे और धमकी दी कि तुम गली से निकलकर दिखाओ, तुम्हारी टांगें तोड़ देंगे। इसके बाद युवती और उसकी सहेली के कपड़े फाड़ दिए गए और छेड़खानी की गई। साथ ही उसकी आंटी के साथ गाली-गलौज कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।
जानकारी मिलते ही गांव में तनाव का माहौल बन गया। रायपुररानी थाना प्रभारी सोमबीर ढाका ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए है। एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल गांव मौली में स्थिति शांत का माहौल है। प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है। पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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नवविवाहित युवक की शिकायत पर 200 लोगों पर केस दर्ज
अम्बाला जिले के तंदवाली गांव निवासी चरणदास उर्फ रुबल आजाद ने पुलिस को दी शिकायत में हुए बताया कि उसकी शादी पंचकूला के गांव मोली की मंजु भारती से 6 अप्रैल को तय हुई थी। दूल्हे ने तय किया था कि वह बग्घी पर बैठकर घुड़चढ़ी की रस्म निभाएगा। गांव में दूल्हे के ससुर रामकरण ने बताया कि जब वह एक युवक सोनू के साथ गांव में जा रहे थे तो उन्हें रास्ते में रोक लिया गया, जहां करीब 200 लोग मौजूद थे। इनमें मनोज राणा, कुलदीप, राजू, श्याम राठौर, सूरज, मेहर सहित कई क्षत्रिय समाज के लोग थे। इन लोगों ने रामकरण को धमकाया और कहा कि गांव में दलित समाज के लोगों को घोड़ी पर नहीं चढ़ने दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दूल्हा घोड़ी पर चढ़ा तो उसे गोली मार दी जाएगी और पूरी बारात पर हमला होगा। इसके बाद पुलिस को सूचित किया और भारी संख्या में तैनात पुलिस कर्मियों की मदद से शादी करवाई गई। पुलिस ने नामजद लोगों के अलावा 200 अज्ञात पर केस दर्ज किया है।
निष्पक्ष जांच की मांग
गांव मौली निवासी और करणी सेना के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष मनीष राणा ने अनुसूचित समाज के लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि समाज के लोगों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यदि आरोप गलत साबित होते हैं तो शिकायतकर्ताओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाने पर सख्त की कार्रवाई की जाए।
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मंगलवार को रात अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने किया था थाने का घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी
रायपुररानी। गांव मौली में अनुसूचित जाति समाज की महिलाओं के साथ हुई अभद्रता के मामले में मंगलवार देर रात रायपुररानी थाना परिसर में जमकर हंगामा हुआ था। अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने पुलिस थाने का घेराव कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। प्रदर्शनकारी शाम सात बजे से बुधवार को अलसुबह करीब 4 बजे तक थाना परिसर में डटे रहे और मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।
बुधवार को सुबह करीब 11 बजे रायपुररानी थाना पुलिस ने इस मामले में एससीएसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति समाज की 22 वर्षीय युवती ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे वह सहेली और एक आंटी के साथ कॉलेज से गांव लौट रही थी। रास्ते में क्षत्रिय समाज की निशु, सपना और एक पुरुष भूपाल के लड़के ने उन्हें उन्हें रोका। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने जातिसूचक शब्द कहे और धमकी दी कि तुम गली से निकलकर दिखाओ, तुम्हारी टांगें तोड़ देंगे। इसके बाद युवती और उसकी सहेली के कपड़े फाड़ दिए गए और छेड़खानी की गई। साथ ही उसकी आंटी के साथ गाली-गलौज कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।
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जानकारी मिलते ही गांव में तनाव का माहौल बन गया। रायपुररानी थाना प्रभारी सोमबीर ढाका ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए है। एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल गांव मौली में स्थिति शांत का माहौल है। प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है। पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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नवविवाहित युवक की शिकायत पर 200 लोगों पर केस दर्ज
अम्बाला जिले के तंदवाली गांव निवासी चरणदास उर्फ रुबल आजाद ने पुलिस को दी शिकायत में हुए बताया कि उसकी शादी पंचकूला के गांव मोली की मंजु भारती से 6 अप्रैल को तय हुई थी। दूल्हे ने तय किया था कि वह बग्घी पर बैठकर घुड़चढ़ी की रस्म निभाएगा। गांव में दूल्हे के ससुर रामकरण ने बताया कि जब वह एक युवक सोनू के साथ गांव में जा रहे थे तो उन्हें रास्ते में रोक लिया गया, जहां करीब 200 लोग मौजूद थे। इनमें मनोज राणा, कुलदीप, राजू, श्याम राठौर, सूरज, मेहर सहित कई क्षत्रिय समाज के लोग थे। इन लोगों ने रामकरण को धमकाया और कहा कि गांव में दलित समाज के लोगों को घोड़ी पर नहीं चढ़ने दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दूल्हा घोड़ी पर चढ़ा तो उसे गोली मार दी जाएगी और पूरी बारात पर हमला होगा। इसके बाद पुलिस को सूचित किया और भारी संख्या में तैनात पुलिस कर्मियों की मदद से शादी करवाई गई। पुलिस ने नामजद लोगों के अलावा 200 अज्ञात पर केस दर्ज किया है।
निष्पक्ष जांच की मांग
गांव मौली निवासी और करणी सेना के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष मनीष राणा ने अनुसूचित समाज के लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि समाज के लोगों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यदि आरोप गलत साबित होते हैं तो शिकायतकर्ताओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाने पर सख्त की कार्रवाई की जाए।