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9-26 साल तक टीका लग जाए तो महिलाओं में रोका जा सकता है कैंसर : डॉ. श्वेता तहलान
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चंडीगढ़। भारत में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बाद दूसरा सर्वाइकल कैंसर है। हर साल डेढ़ महिलाओं को इलाज हो रहा है। हर साल 80 हजार महिलाएं मर भी जाती है। लेकिन यह रोकथाम योग्य बीमारी है। हम महिलाओं को जागरूक करके बचा सकते हैं, ताकि उन्हें कैंसर ही न हो। यह बात गायनी कैंसर सर्जन डॉ. श्वेता तहलान ने सेक्टर-17 में आयोजित एक कॉन्क्लेव के दौरान कही।
उन्होंने बताया कि बच्चादानी के मुंह के कैंसर को हम रोक सकते हैं। इसके लिए टीका लगवाना जरूरी है। अगर यह युवा अवस्था में लग जाए तो भविष्य के लिए उन्हें एडवांस इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) मिल सकती है।
कैंसर सामान्यतया 40-50 की उम्र में होता है, लेकिन 9-26 साल तक यदि वैक्सीनेशन हो जाए तो इसे रोका जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया में 20 साल में वैक्सीन लगाकर महिलाओं में कैंसर को नियंत्रित कर लिया गया है। 9-14 साल में वैक्सीन लगाने से एंटीबॉडीज की प्रतिक्रिया अच्छी मिलती है। आगे चलकर महिलाएं सुरक्षित हो जाती हैं। 26 साल के बाद महिलाओं को नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए।
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भारत में वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। अभी तक लोगों में 2-3 प्रतिशत ही जागरूकता आई है। पेरेंट्स अपने बच्चों और घर की महिलाओं को उनके जन्मदिन पर वैक्सीन गिफ्ट करें, ताकि बच्चों समेत उनकी मां भी सुरक्षित रहे।
डॉ. रिद्धि गुप्ता ने कहा कि टीकाकरण जितना जल्दी हो उतना सही है। बहुत सी महिलाएं 25 साल से ऊपर हो चुकी है पर उनको वैक्सीन नहीं लगी है। इसलिए उन्हें स्वास्थ्य की जांच के प्रति जागरूक करना होगा। सरकारी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य जांच हो रही है।
इसकी वैक्सीन केवल 2 हजार रुपए में लग जाती है इसलिए जरूर लगवाएं।
डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. सीमा शर्मा, डॉ. मनीषा जैन और डॉ. महेश हीरानंदानी ने कहा कि औरत घर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक महिला के बिना पूरा घर बंद हो जाता है। इसलिए स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि बच्चादानी के मुंह के कैंसर को हम रोक सकते हैं। इसके लिए टीका लगवाना जरूरी है। अगर यह युवा अवस्था में लग जाए तो भविष्य के लिए उन्हें एडवांस इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) मिल सकती है।
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कैंसर सामान्यतया 40-50 की उम्र में होता है, लेकिन 9-26 साल तक यदि वैक्सीनेशन हो जाए तो इसे रोका जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया में 20 साल में वैक्सीन लगाकर महिलाओं में कैंसर को नियंत्रित कर लिया गया है। 9-14 साल में वैक्सीन लगाने से एंटीबॉडीज की प्रतिक्रिया अच्छी मिलती है। आगे चलकर महिलाएं सुरक्षित हो जाती हैं। 26 साल के बाद महिलाओं को नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए।
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भारत में वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। अभी तक लोगों में 2-3 प्रतिशत ही जागरूकता आई है। पेरेंट्स अपने बच्चों और घर की महिलाओं को उनके जन्मदिन पर वैक्सीन गिफ्ट करें, ताकि बच्चों समेत उनकी मां भी सुरक्षित रहे।
डॉ. रिद्धि गुप्ता ने कहा कि टीकाकरण जितना जल्दी हो उतना सही है। बहुत सी महिलाएं 25 साल से ऊपर हो चुकी है पर उनको वैक्सीन नहीं लगी है। इसलिए उन्हें स्वास्थ्य की जांच के प्रति जागरूक करना होगा। सरकारी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य जांच हो रही है।
इसकी वैक्सीन केवल 2 हजार रुपए में लग जाती है इसलिए जरूर लगवाएं।
डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. सीमा शर्मा, डॉ. मनीषा जैन और डॉ. महेश हीरानंदानी ने कहा कि औरत घर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक महिला के बिना पूरा घर बंद हो जाता है। इसलिए स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए।