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Panchkula News: फोन कर कहा बेहतर देंगे, कर दिखाया

Tue, 03 Sep 2024 06:52 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Sep 2024 06:52 AM IST
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Called and said we would give it better, did it
हिमाचल के ऊना में रहता है निषाद का परिवार, पिता करते हैं मजदूरी, बचपन में कट गया था हाथ
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पेरिस पैरालिंपिक में निषाद कुमार ने टी-47 वर्ग में 2.04 मीटर हाई जंप कर दूसरा स्थान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से ताऊ देवीलाल स्टेडियम के खिलाड़ियों और उनके कोच रहे नसीम अहमद उत्साहित हैं। सभी लोग उनका स्टेडियम में स्वागत करने को लेकर भी उत्सुक हैं। उनके कोच नसीम अहमद ने बताया कि मैदान में उतरने से पहले फोन कर निषाद ने कहा था कि अमेरिका का खिलाड़ी वर्ल्ड चैंपियन है, रिकॉर्ड होल्डर भी है। इसके बावजूद वह अपना बेस्ट देंगे और पंचकूला आने पर स्टेडियम में खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगे। उन्होंने वास्तव में जो कहा वह कर दिखाया।
निषाद कुमार ने टी-47 कैटेगरी में 2.04 मीटर जंप कर दूसरा स्थान हासिल किया। वर्ल्ड और पैरालिंपिक रिकॉर्ड होल्डर अमेरिका के रोडरिक टाउनसेंड ने 2.12 मीटर जंप के साथ पहला स्थान हासिल किया। जॉर्जिया के जॉर्जी मारगिव का उनका बेस्ट जंप 2.00 मीटर रहा। इसमें वे एथलीट आते हैं, जिनकी कोहनी के नीचे के अंग काम नहीं करते। इसी तरह की विकलांगता या फिर वे एथलीट जिनके दोनों पैर समान रूप से काम नहीं करते। इसी इवेंट में भारत के राम पाल 7वें नंबर पर रहे, उन्होंने 1.95 मीटर का बेस्ट जंप किया।
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ताऊ देवी लाल स्टेडियम से की थी हाई जंप की शुरुआत
निषाद कुमार ने हाई जंप लगाने की शुरुआत 2017 में ताऊ देवी लाल स्टेडियम से की थी। वह तीन साल तक ताऊ देवी लाल स्टेडियम में हाई जंप लगाने का अभ्यास करते रहे। निषाद कुमार के कोच नसीम अहमद ने बताया कि उनके पास 2017 में निषाद का फोन आया था। वह ताऊ देवी लाल स्टेडियम में प्रैक्टिस करना चाहते थे। नसीम अहमद ने जब उन्हें मिलने के लिए बुलाया तो वह परिवार सहित सेक्टर-3 ताऊ देवी लाल स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने निषाद की हाइट और उनसे बात करके पता लगा लिया था कि वे एक दिन देश का नाम रोशन करेंगे क्योंकि एक कोच को खिलाड़ी की परख होती है।
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बचपन में कट गया था हाथ
निषाद कुमार हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के रहने वाले हैं। वह बेहद ही गरीब परिवार से थे। उनका बचपन में हाथ कट गया था। निषाद के पिता मजदूरी करते हैं। नसीम अहमद ने उन्हें देखकर स्टेडियम में रख लिया और उनके परिवार वालों से कहा कि वह यहीं प्रैक्टिस करेंगे। परिवार वाले यह बात सुनकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि यह हमारे बिना आज तक अकेला नहीं रहा है। उन्होंने परिजनों को दिलासा दिलाया कि आप इसकी चिंता छोड़ो। अब इसकी चिंता करना उनका काम है। इसके बाद निषाद ने नेशनल गेम्स में भाग लिया और सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद वह क्वालीफिकेशन के लिए दुबई गए। इसके बाद वह प्रैक्टिस के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) गए। उन्होंने कई चैंपियनशिप में भाग लिया और मेडल जीते।
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