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Haryana: निजी स्कूलों को सीबीएसई की संबद्धता दिलाने में रडार पर दलाल और स्कूल, खुफिया विभाग ने मांगी रिपोर्ट

Fri, 09 Dec 2022 08:30 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 09 Dec 2022 08:30 AM IST
सार

शिक्षा विभाग इस मामले की उच्चस्तरीय जांच बैठाएगा, क्योंकि इस मामले में सेकेंडरी शिक्षा निदेशक तक के फर्जी हस्ताक्षरों का प्रयोग किया गया है। दलालों द्वारा विभाग के सबसे बड़े अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर करना बड़े फर्जीवाड़े का संकेत है।

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Brokers and schools on radar, intelligence department also asked for reports from all districts
CBSE - फोटो : social media

विस्तार

हरियाणा में मोटी रकम लेकर निजी स्कूलों को फर्जी दस्तावेजों के जरिये सीबीएसई की संबद्धता दिलाने के मामले में हरियाणा सरकार ने दलालों और स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। शिक्षा मंत्री कंवर पाल के निर्देश के बाद विभाग इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की तैयारी में है। खुफिया विभाग ने भी इस मामले में प्रदेशभर से रिपोर्ट मांगी है। आशंका जताई जा रही है कि गिरोह के सदस्यों ने अकेले कैथल और कुरुक्षेत्र ही नहीं प्रदेश के 10 जिलों में गलत दस्तावेजों पर स्कूलों को संबद्धता दिलाई है। अभिभावक एकता मंच ने मांग की है कि पिछले पांच साल में ऐसी संबद्धता लेने वाले स्कूलों की जांच की जाए तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।

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अमर उजाला द्वारा मामले का खुलासा किए जाने के बाद से शिक्षा विभाग और सीबीएसई में हड़कंप है। साथ ही उन स्कूलों संचालकों की बैचेनी बढ़ गई है, जिन्होंने गलत दस्तावेजों के आधार पर संबद्धता ली है। स्कूल संचालक अब अपने बचाव की कोशिश में लग गए हैं। साथ ही संबद्धता दिलाने वाले दलाल भूमिगत हो गए हैं। कुरुक्षेत्र और कैथल की पुलिस गिरोह के सदस्यों की तलाश में जुट गई है। मामला उजागर होने के बाद अब कई और स्कूल दलालों के खिलाफ शिकायत देने की तैयारी में हैं।
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फर्जी हस्ताक्षर करना बड़े फर्जीवाड़े का संकेत
शिक्षा विभाग इस मामले की उच्चस्तरीय जांच बैठाएगा, क्योंकि इस मामले में सेकेंडरी शिक्षा निदेशक तक के फर्जी हस्ताक्षरों का प्रयोग किया गया है। दलालों द्वारा विभाग के सबसे बड़े अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर करना बड़े फर्जीवाड़े का संकेत है। विभाग ने इसे काफी गंभीर मामला मानते हुए जल्द जांच शुरू करने का मन बना लिया है। इस जांच में उन स्कूलों की फिजिकल वेरिफिकेशन कराने की योजना है, ताकि भवन और दस्तावेजों दोनों की जांच हो सके। खुफिया विभाग ने इस प्रकार के स्कूलों और दलालों को लेकर सभी जिलों से फीडबैक मांगा है।
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स्कूलों पर भी हो कार्रवाई: अभिभावक मंच
अभिभावक एकता मंच के प्रधान नवीन अग्रवाल का कहना है कि यह बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा है। बिना नियम पूरे किए ही स्कूल खोले और चलाए जा रहे हैं। इसमें बच्चों की जान को खतरा है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं होना चाहिए। मंच मांग करता है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। इसमें गिरोह के सदस्यों के साथ साथ स्कूलों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, जो इस गड़बड़ी में शामिल हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए


बख्शे नहीं जाएंगे आरोपी
यह बहुत गंभीर मामला है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एनओसी और संबंद्धता लेना कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। क्योंकि स्कूल बच्चों की सुरक्षा के जुड़ा मामला है। इस मामले में जो भी शामिल होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - कंवर पाल गुर्जर, शिक्षा मंत्री।

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