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शिवसेना यूथ विंग के नेता पर हमले के आरोपी ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह को हाईकोर्ट से जमानत

Tue, 22 Mar 2022 01:36 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 01:36 AM IST
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British national Jagtar Singh, accused of attacking Shiv Sena youth wing leader, gets bail from High Court
चंडीगढ़। एक धर्म विशेष के नेताओं को निशाना बनाने की साजिश रचने व शिवसेना यूथ विंग के नेता अमित अरोड़ा पर जानलेवा हमले के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जगतार सिंह जोहल को नियमित जमानत दे दी है।
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अमित अरोड़ा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि दो लोगों ने उस पर गोली चलाकर हत्या का प्रयास किया था। पुलिस ने 2016 में एफआईआर दर्ज की थी। बाद में पुलिस ने कोर्ट में सौंपी अंतिम रिपोर्ट में कहा था कि अमित अरोड़ा ने जो शिकायत दी थी वह झूठी है। इसके बाद पंजाब सरकार ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंपने का निर्णय लिया था। एनआईए ने इस मामले में नए सिरे से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में सह आरोपियों द्वारा खुलासे के बाद ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल का नाम सामने आने पर उसे गिरफ्तार किया गया था। 24 जून, 2020 को एनआईए अदालत से जगतार ने जमानत की मांग की थी। एनआईए कोर्ट ने उसकी नियमित जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
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याची ने नियमित जमानत की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि इस मामले में एनआईए उसे जानबूझ कर फंसा रही है। एनआईए ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में आरोप बेहद गंभीर हैं और याची कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है। यह भी बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि 2016-17 के दौरान पंजाब में शांति भंग करने के लिए ऐसी कई घटनाओं को अंजाम दिया गया। एक धर्म विशेष के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा था। याची ने खालिस्तान को बढ़ावा देने के लिए फ्रांस में 3000 ब्रिटिश पाउंड हरमिंदर सिंह को दिए थे।
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हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि याची पर जो आरोप हैं उसमें उसे 5 वर्ष से उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। याची 5 साल से अधिक समय से जेल में है। एनआईए ने 197 गवाह बनाएं हैं और ऐसे में ट्रायल पूरा होने में अभी समय लगेगा। हाईकोर्ट ने इन टिप्पणियों के साथ ही याची को जमानत का लाभ देते हुए उसकी जमानत याचिका मंजूर कर ली।
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