{"_id":"6a63cc1c64dbc1cd8f001cb4","slug":"bridge-washed-away-yet-dumpers-continue-to-ply-safety-of-50000-people-at-risk-panchkula-news-c-87-1-pan1010-139064-2026-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: बह चुका पुल, फिर भी दौड़ रहे डंपर<bha>;<\/bha> 50 हजार लोगों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: बह चुका पुल, फिर भी दौड़ रहे डंपर<bha>;</bha> 50 हजार लोगों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा
विज्ञापन
अमरावती पुल से रोज गुजर रहे निर्माण सामग्री से लदे भारी वाहन, कंपन से सहमे लोग
तकनीकी सुरक्षा ऑडिट और वैकल्पिक मार्ग की मांग तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीमंदिर। पिछले वर्ष बरसात में बह चुके अमरावती पुल पर एक बार फिर सरिया, सीमेंट, बालू और अन्य निर्माण सामग्री से लदे भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर बार ट्रक या डंपर गुजरने पर पुल में कंपन महसूस होता है, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि पुल का पुनर्निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन इसकी क्षमता और सुरक्षा को लेकर अब भी गंभीर सवाल बने हुए हैं।
अमरावती क्षेत्र से आगे विकसित हो रही ट्राइडेंट और हिल व्यू जैसी बड़ी आवासीय परियोजनाओं का निर्माण कार्य इसी मार्ग से संचालित हो रहा है। निर्माण सामग्री लेकर आने-जाने वाले भारी वाहन लगातार पुल का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल का ढांचा लगातार बढ़ रहे भार को झेलने की स्थिति में नहीं दिखता, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
अमरावती पुल केवल एक कॉलोनी का संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि हिमशिखा, चिकन, रायपुर, दीवानवाला, बख्शीवाला, भोगपुर, दमदमा सहित दर्जनों गांवों और अमरावती क्षेत्र की जीवनरेखा है। प्रतिदिन करीब 50 हजार लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। क्षेत्र के तीन बड़े निजी स्कूलों के हजारों विद्यार्थी भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। सुबह और दोपहर के समय स्कूल बसों, कारों, दोपहिया वाहनों और पैदल राहगीरों की भारी आवाजाही रहती है।
विज्ञापन
तकनीकी सुरक्षा ऑडिट की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। बरसात का मौसम शुरू होने के साथ ही लोगों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने पुल का तकनीकी सुरक्षा ऑडिट कराने, भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगाने और निर्माण कार्य के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने की मांग की है।
कोट
कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके
पुल की हालत को लेकर हम कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके हैं। भारी वाहन गुजरते समय पुल हिलता है। यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। - शमशेर शर्मा, प्रधान, अमरावती एआरडब्ल्यूए
लोगों की सुरक्षा का मुद्दा है
यह केवल अमरावती का नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा का मुद्दा है। प्रशासन को तुरंत पुल का तकनीकी निरीक्षण कराना चाहिए और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय करना चाहिए। - अविकास राय, महासचिव, अमरावती एआरडब्ल्यूए
विज्ञापन
तकनीकी सुरक्षा ऑडिट और वैकल्पिक मार्ग की मांग तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीमंदिर। पिछले वर्ष बरसात में बह चुके अमरावती पुल पर एक बार फिर सरिया, सीमेंट, बालू और अन्य निर्माण सामग्री से लदे भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर बार ट्रक या डंपर गुजरने पर पुल में कंपन महसूस होता है, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि पुल का पुनर्निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन इसकी क्षमता और सुरक्षा को लेकर अब भी गंभीर सवाल बने हुए हैं।
अमरावती क्षेत्र से आगे विकसित हो रही ट्राइडेंट और हिल व्यू जैसी बड़ी आवासीय परियोजनाओं का निर्माण कार्य इसी मार्ग से संचालित हो रहा है। निर्माण सामग्री लेकर आने-जाने वाले भारी वाहन लगातार पुल का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल का ढांचा लगातार बढ़ रहे भार को झेलने की स्थिति में नहीं दिखता, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
विज्ञापन
अमरावती पुल केवल एक कॉलोनी का संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि हिमशिखा, चिकन, रायपुर, दीवानवाला, बख्शीवाला, भोगपुर, दमदमा सहित दर्जनों गांवों और अमरावती क्षेत्र की जीवनरेखा है। प्रतिदिन करीब 50 हजार लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। क्षेत्र के तीन बड़े निजी स्कूलों के हजारों विद्यार्थी भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। सुबह और दोपहर के समय स्कूल बसों, कारों, दोपहिया वाहनों और पैदल राहगीरों की भारी आवाजाही रहती है।
विज्ञापन
तकनीकी सुरक्षा ऑडिट की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। बरसात का मौसम शुरू होने के साथ ही लोगों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने पुल का तकनीकी सुरक्षा ऑडिट कराने, भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगाने और निर्माण कार्य के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने की मांग की है।
कोट
कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके
पुल की हालत को लेकर हम कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके हैं। भारी वाहन गुजरते समय पुल हिलता है। यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। - शमशेर शर्मा, प्रधान, अमरावती एआरडब्ल्यूए
लोगों की सुरक्षा का मुद्दा है
यह केवल अमरावती का नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा का मुद्दा है। प्रशासन को तुरंत पुल का तकनीकी निरीक्षण कराना चाहिए और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय करना चाहिए। - अविकास राय, महासचिव, अमरावती एआरडब्ल्यूए