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Panchkula News: ब्रीडर चेकर, फॉगिंग और सर्वे की टीम देरी से मिली, डेंगू पर नियंत्रण नहीं कर पाया स्वास्थ्य विभाग

Tue, 01 Oct 2024 05:35 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Oct 2024 05:35 AM IST
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Breeder checker, fogging and survey team met late, health department could not control dengue
- इंडोर फॉगिंग हर जगह नहीं होने के कारण लोगों के घरों में पैदा हो रहा लारवा
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- पिछले साल से इस बार ज्यादा केस सामने आए, अस्पतालों में मरीजों को प्लेटलेट्स नहीं मिलने से परेशानी
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जिले में डेंगू के मामले पिछले साल से अधिक हो गए हैं। पिछले साल से अब तक 21 ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। अब तक पिछले साल की अपेक्षा सितंबर के केवल 410 मामले ज्यादा सामने आए है। डेंगू पर नियंत्रण नहीं करने का मुख्य कारण इस बार लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता में ब्रीडर चेकर, फॉगिंग टीमें ओर सर्वे के लिए टीमें में काम करने वाले लोग समय पर नहीं मिल पाए। इस कारण डेंगू पर नियंत्रण नहीं किया जा सका हैं। डेंगू के मामले अधिक आने के बाद अब विभाग की ओर से इनडोर फॉगिंग का प्लान बनाया गया है। इसके पहले बाहर से फॉगिंग होने के कारण लोगों के घरों में लारवा अधिक पैदा हो गया। वहीं अस्पताल में मरीज अधिक आने पर प्लेटलेट्स मिलने में भी परेशानी हो रही है।
जिले में डेंगू का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में पिछले साल जहां सितंबर तक डेंगू के 300 मामले सामने आए थे। वहीं इस साल वर्ष 2024 में अब तक 710 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल इस बार अब तक सितंबर में 410 मामले ज्यादा आ चुके हैं। इस बार डेंगू पर नियंत्रण नहीं किया जा सका है। इसका सबसे बड़ा कारण लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता में ब्रीडर चेकर, फॉगिंग टीमें ओर सर्वे के लिए टीमें में काम करने वाले लोग समय पर नहीं मिल पाए। इस कारण डेंगू पर नियंत्रण नहीं किया जा सका हैं। डेंगू के मामले अधिक आने के बाद अब विभाग की ओर से इनडोर फॉगिंग का प्लान बनाया गया है। इसके पहले बाहर से फॉगिंग होने के कारण लोगों के घरों में लारवा अधिक पैदा हो गया। इस कारण अर्बन पंचकूला, ओल्ड पंचकूला, सूरजपुर, पिंजौर में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। वहीं अर्बन पंचकूला में सबसे ज्यादा मामले सेक्टर -6 , 11, 15, 16, 17 में सामने आए हैं। वहीं डेंगू का लारवा मिलने पर अब तक साढ़े आठ हजार लोगों को नोटिस दिया जा चुका है।
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पंचकूला जिले में डेंगू के 23 नए मामले सामने आए हैं। इसमें अर्बन पंचकूला से 322, ओल्ड पंचकूला से 137, सूरजपुर से 105, नानकपुर से 7, कालका से 30 , पिंजौर से 84, मोरनी से 8, कोट से 9, बरवाला से 2 और रायपुररानी से छह मामले सामने आए हैं।
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अस्पताल में प्लेटलेट्स नहीं मिलने से परेशानी
अस्पताल में मरीज का इलाज कराने आए बच्चू सिंह ने बताया कि प्लेटलेट्स लगातार बेटे का डाउन हो रहा है। अभी तक प्लेटलेट्स नहीं मिला है। इस कारण परेशानी हुई है। वहीं देवीनगर से आए राजेश कुमार ने बताया कि उनके पिता का इलाज चल रहा है। प्लेटलेट्स की रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिल पा रही है। इस कारण परेशानी हो रही है।


वर्ष --------- डेंगू के केस आए
2014--------- 01
2015----------193
2016--------186
2017--------193
2018---------143
2019---------33
2020---------78
2021--------906
2022--------2022
2023--------689
2024----------अब तक 710



जिले में एंटी लारवा एक्टिविटी और इनडोर फॉगिंग स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के सहयोग से की जा रही है। सभी जगह पर डोर टू डोर सर्वे कर रहे हैं। डेंगू को नियंत्रण करने के जिला के अलावा स्टेट की टीमों को लगाया गया है। अस्पताल में आए मरीजों को इलाज किया जा रहा है। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल, पंचकूला
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