{"_id":"6171cfed3e0d0b704c6e816e","slug":"blood-donation-shri-shiv-kanwar-mahasangh-charitable-trust-organized-a-camp-in-collaboration-with-amar-ujala-foundation-75-people-donated-blood-to-help-dengue-patients-pkl-office-news-pkl430768635","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगाज : शिविर में महिलाओं ने गो उत्पाद से बने दीपक, धूप, शैंपू और हैंडवॉश बनाना सीखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगाज : शिविर में महिलाओं ने गो उत्पाद से बने दीपक, धूप, शैंपू और हैंडवॉश बनाना सीखा
विज्ञापन
पंचकूला। महिलाएं गो उत्पाद बनाना सीखकर उन्हें अपनी आमदनी का जरिया बना सकती हैं। यह बात हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने दो दिवसीय गो उत्पाद प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में प्रतिभागियों को संबोधित करते कही। जिले के पिंजौर स्थित हरियाणा गो सेवा आयोग के तकनीकी मार्गदर्शन में श्री कामधेनु गोशाला सेवा सदन में स्थापित गो अनुसंधान केंद्र में महिलाओं के लिए आयोजित दो दिवसीय गो उत्पाद प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इसमें 37 महिलाओं ने विभिन्न प्रकार के गो उत्पाद से बने दीपक, गमले, धूप, चटाई, हवन समिधा और कंडे, बर्तन साफ करने का पाउडर, गोमूत्र अर्क, हैंड वॉश, शैंपू, गो फिनायल, नहाने का साबुन आदि अनेकों प्रकार के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लिया।
मुख्य अतिथि श्रवण कुमार गर्ग ने प्रतिभागियों से कहा कि इस तरह के उत्पाद बनाने से जहां आमदनी बढ़ाने का काम होगा। वहीं, दूसरी तरफ गाय की सेवा भी होगी। इससे गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने में मदद होगी। उन्होंने शिविर में शामिल सभी 37 महिला प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र बांटते हुए कहा कि इस दीपावली पर विदेशी लड़ियों और विदेशी दीपकों को अलविदा कहकर हम गाय के गोबर से बने दीपक से सब अपनी दीपावली रोशन करें। इस प्रशिक्षण शिविर में मुख्य प्रशिक्षक के तौर पर प्रसिद्ध गो विज्ञानिक एवं पारंपरिक चिकित्सक वैद्य राजेश कपूर ने दोनों दिन अपनी टीम के साथ प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर हरियाणा गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष विद्यासागर बाघला, शिविर समन्वयक डॉ. अश्वनी कुमार, गो अनुसंधान केंद्र के ट्रस्टी नवराज धीर, जितेंद्र डोगरा समेत गौशाला प्रबंधक समिति के कई सदस्य मौजूद रहे।
दीपावली पर गाय के गोबर से बने दीपक से जगमगाएंगे 41 गांव
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में पिंजौर ब्लॉक की कलस्टर प्रबंधक सीमा देवी ने भी इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। उन्होंने कहा कि वह इस तरह के उत्पादों का प्रशिक्षण प्राप्त करके बेहद उत्साहित हैं। इस प्रकार के गो उत्पाद बनाने के प्रशिक्षण शिविर जल्द ही दोबारा आयोजित किए जाने चाहिए। सीमा देवी ने कहा कि वह महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से इस दीपावली पर 41 पंचायतों में गाय के गोबर से बने दीपकों से दीपावली मनाने का काम करेंगी। यह प्रशिक्षण लेकर वह खुद गांव में और महिलाओं को भी उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित करेंगी, ताकि महिलाएं गो सेवा के साथ-साथ अपनी आमदनी भी बढ़ा सकें।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारों को काम मिल सकता है
गो उत्पाद प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षणार्थी के तौर पर आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अनु भारद्वाज ने भी हिस्सा लिया। समापन समारोह में डॉ. अनु भारद्वाज ने कहा कि इस तरह के उत्पादों से ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारों को काम मिल सकता है। इससे प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या पर लगाम लगाने का कार्य होगा। उन्होंने कहा कि वह स्वयं जम्मू और कश्मीर में 25 हजार महिलाओं से ऑर्गेनिक हल्दी की खेती करवा रही हैं। इनके साथ-साथ प्रदेश के अनेकों क्षेत्रों में इस तरह के उत्पाद बनाने और उन्हें प्रयोग करने के लिए युवा बेरोजगारों को प्रोत्साहित करेंगी।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि श्रवण कुमार गर्ग ने प्रतिभागियों से कहा कि इस तरह के उत्पाद बनाने से जहां आमदनी बढ़ाने का काम होगा। वहीं, दूसरी तरफ गाय की सेवा भी होगी। इससे गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने में मदद होगी। उन्होंने शिविर में शामिल सभी 37 महिला प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र बांटते हुए कहा कि इस दीपावली पर विदेशी लड़ियों और विदेशी दीपकों को अलविदा कहकर हम गाय के गोबर से बने दीपक से सब अपनी दीपावली रोशन करें। इस प्रशिक्षण शिविर में मुख्य प्रशिक्षक के तौर पर प्रसिद्ध गो विज्ञानिक एवं पारंपरिक चिकित्सक वैद्य राजेश कपूर ने दोनों दिन अपनी टीम के साथ प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर हरियाणा गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष विद्यासागर बाघला, शिविर समन्वयक डॉ. अश्वनी कुमार, गो अनुसंधान केंद्र के ट्रस्टी नवराज धीर, जितेंद्र डोगरा समेत गौशाला प्रबंधक समिति के कई सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
दीपावली पर गाय के गोबर से बने दीपक से जगमगाएंगे 41 गांव
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में पिंजौर ब्लॉक की कलस्टर प्रबंधक सीमा देवी ने भी इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। उन्होंने कहा कि वह इस तरह के उत्पादों का प्रशिक्षण प्राप्त करके बेहद उत्साहित हैं। इस प्रकार के गो उत्पाद बनाने के प्रशिक्षण शिविर जल्द ही दोबारा आयोजित किए जाने चाहिए। सीमा देवी ने कहा कि वह महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से इस दीपावली पर 41 पंचायतों में गाय के गोबर से बने दीपकों से दीपावली मनाने का काम करेंगी। यह प्रशिक्षण लेकर वह खुद गांव में और महिलाओं को भी उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित करेंगी, ताकि महिलाएं गो सेवा के साथ-साथ अपनी आमदनी भी बढ़ा सकें।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारों को काम मिल सकता है
गो उत्पाद प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षणार्थी के तौर पर आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अनु भारद्वाज ने भी हिस्सा लिया। समापन समारोह में डॉ. अनु भारद्वाज ने कहा कि इस तरह के उत्पादों से ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारों को काम मिल सकता है। इससे प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या पर लगाम लगाने का कार्य होगा। उन्होंने कहा कि वह स्वयं जम्मू और कश्मीर में 25 हजार महिलाओं से ऑर्गेनिक हल्दी की खेती करवा रही हैं। इनके साथ-साथ प्रदेश के अनेकों क्षेत्रों में इस तरह के उत्पाद बनाने और उन्हें प्रयोग करने के लिए युवा बेरोजगारों को प्रोत्साहित करेंगी।