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Panchkula News: लोहार की दुकान कमें आंगनबाड़ी, जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे छात्र

Wed, 27 Mar 2024 04:24 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Mar 2024 04:24 AM IST
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Blacksmith shop becomes Anganwadi, students are risking their lives to study
पंचकूला। शहर के देवीनगर गांव में विद्यार्थी बीते लंबे से जान जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए पहुंच रहे है। देवीनगर में दो साल पहले जिस इमारत में पोस्ट ऑफिस और आंगनबाड़ी चल रही थी। उसे कंडम करार देते हुए ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बाद गांव में बनने वाली धर्मशाला में आंगनबाड़ी को एक कमरा देने की बात कही गई थी। दो साल पहले धर्मशाला का भूमि पूजन तो हो हुआ, लेकिन आगे का काम अभी अधूरा है।लोगों ने बताया कि इमारत में चलने वाले पोस्ट ऑफिस को भले गांव में जगह दे दी गई हो, लेकिन आंगनबाड़ी को जगह नहीं दी गई। अब जिस दुकान में आंगनबाड़ी चल रही है, वह एक दुकान है, जिसे दो हिस्सों में बांट दिया गया है। इसके आधे हिस्से में आंगनबाड़ी तो आधे में लोहार की दुकान है। ऐसे में लोग अपने बच्चों की जान जोखिम में डालकर उनको पढ़ने के लिए भेज रहे हैं। आंगनबाड़ी में रोज आने वाले बच्चों की संख्या लगभग 25 है, जिनकी उम्र 2 से 5 वर्ष है। बगल में लोहार की दुकान होने के चलते कभी भी बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है।
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शौचालय की व्यवस्था भी नहीं

देवीनगर गांव में स्थित आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों के लिए शौचालय की भी उचित व्यवस्था नहीं है। यही नहीं उनके लिए स्वच्छ पेयजल भी नहीं है। बच्चे धूल भरी दरी पर बैठने को मजबूर हो रहे हैं।
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आंगनबाड़ी में खड़ी हो रही मोटरसाइकिल

दुकान में चल रही आंगनबाड़ी के आधे हिस्से में एक ओर लोहार बैठा है। वहीं, दूसरी ओर आंगनबाड़ी में लोग मोटरसाइकिल पार्क कर रहे हैं। इससे बच्चों की जान जोखिम में है।
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कोट....

जमीन का कुछ विवाद था, जो खत्म हो गया है, अब जल्द ही धर्मशाला का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद आने वाले दो-तीन माह में गांव इसका उद्घाटन भी हो जाएगा। इसके बाद आंगनबाड़ी के लिए कमरा देने का निर्णय लिया जाएगा।


- अक्षय चौधरी, पार्षद, देवीनगर


कोट....
पहले पुरानी इमारत में आंगनबाड़ी चल रही थी। जब उसे ध्वस्त किया गया, तब धर्मशाला में कमरा देने की बात कही गई थी। इसलिए हमने सामने ही लोहार की दुकान में जगह किराए पर ले रखी है। जल्द धर्मशाला बननी चाहिए, ताकि बच्चों को नई जगह मिल सके। - सरोज बाला, आंगनबाड़ी संचालक


कोट....
मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। इसकी जांच की जाएगी।
-सविता नेहरा, डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर, पंचकूला
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