{"_id":"6159e8aa8ebc3e0b35691461","slug":"big-relief-to-thousands-of-people-of-sukhna-catchment-basic-facilities-will-be-available-panchkula-news-pkl4288861156","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुखना कैचमेंट के हजारों लोगों को बड़ी राहत, मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुखना कैचमेंट के हजारों लोगों को बड़ी राहत, मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। मूलभूत सुविधाओं से वंचित कांसल के लोगों को बड़ी राहत देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने लंबित पड़े मूलभूत कार्य को संपन्न करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को इस तकलीफ में देखकर हम आंखें नहीं मूंद सकते।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सुखना कैचमेंट एरिया को लेकर लिए गए संज्ञान का मार्च 2020 में निपटारा किया था। आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार ही कैचमेंट एरिया माना जाएगा। हाईकोर्ट ने कहा था कि कैचमेंट एरिया में मौजूद सभी निर्माणों को गिराया जाए और जिन लोगों ने निर्माण के लिए स्वीकृति ली थी, उन सभी को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन वैकल्पिक स्थान देने के साथ 25-25 लाख रुपये का मुआवजा जारी करें।
हाईकोर्ट के इस फैसले के चलते पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी। पिछले वर्ष दिसंबर में हाईकोर्ट ने पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्माण गिराने के आदेश पर रोक लगा दी थी। आदेश पर रोक लगाने के साथ ही हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा था कि इस क्षेत्र में न तो कोई निर्माण कार्य होगा और न ही बिना हाईकोर्ट की अनुमति के बिजली व पानी के कनेक्शन दिए जाएंगे।
विज्ञापन
इसके बाद स्थानीय लोगों ने अर्जी दाखिल कर बताया कि पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई 18 मार्च को होनी थी, लेकिन कोरोना के चलते लगातार सुनवाई स्थगित हो रही है। याची ने बताया कि सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं, बिजली-पानी और सीवर की समस्या बनी हुई है। सरकार के पास जाते हैं तो हाईकोर्ट की रोक बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। लोगों ने हाईकोर्ट से अपील की कि आदेश में संशोधन किया जाए या अन्य कोई राहत दी जाए ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। पूर्व में दिए गए निर्माण गिराने के आदेश पर रोक लगाई जा चुकी है। ऐसे में सड़क सीवर व अन्य कार्यों को लेकर रोक लगाना सही नहीं है। हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर चंडीगढ़ और मोहाली प्रशासन को इन मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सुखना कैचमेंट एरिया को लेकर लिए गए संज्ञान का मार्च 2020 में निपटारा किया था। आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार ही कैचमेंट एरिया माना जाएगा। हाईकोर्ट ने कहा था कि कैचमेंट एरिया में मौजूद सभी निर्माणों को गिराया जाए और जिन लोगों ने निर्माण के लिए स्वीकृति ली थी, उन सभी को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन वैकल्पिक स्थान देने के साथ 25-25 लाख रुपये का मुआवजा जारी करें।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के इस फैसले के चलते पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी। पिछले वर्ष दिसंबर में हाईकोर्ट ने पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्माण गिराने के आदेश पर रोक लगा दी थी। आदेश पर रोक लगाने के साथ ही हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा था कि इस क्षेत्र में न तो कोई निर्माण कार्य होगा और न ही बिना हाईकोर्ट की अनुमति के बिजली व पानी के कनेक्शन दिए जाएंगे।
विज्ञापन
इसके बाद स्थानीय लोगों ने अर्जी दाखिल कर बताया कि पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई 18 मार्च को होनी थी, लेकिन कोरोना के चलते लगातार सुनवाई स्थगित हो रही है। याची ने बताया कि सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं, बिजली-पानी और सीवर की समस्या बनी हुई है। सरकार के पास जाते हैं तो हाईकोर्ट की रोक बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। लोगों ने हाईकोर्ट से अपील की कि आदेश में संशोधन किया जाए या अन्य कोई राहत दी जाए ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। पूर्व में दिए गए निर्माण गिराने के आदेश पर रोक लगाई जा चुकी है। ऐसे में सड़क सीवर व अन्य कार्यों को लेकर रोक लगाना सही नहीं है। हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर चंडीगढ़ और मोहाली प्रशासन को इन मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश जारी किए हैं।