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Panchkula News: कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी भरत इंदर सिंह चहल को हाईकोर्ट से राहत
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एफआईआर दर्ज होती है तो सरकार सौंपेगी इसकी प्रति, अग्रिम जमानत के लिए देगी तीन दिन की मोहलत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी और उनके राजनीतिक सलाहकार रहे भरत इंदर सिंह चहल के खिलाफ जारी पंजाब विजिलेंस की जांच मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें आंशिक राहत दी है। कोर्ट ने एफआईआर की स्थिति में उन्हें जमानत याचिका दाखिल करने के लिए तीन दिन की मोहलत देने का आदेश दिया है।
चहल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था है कि मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार बीती सरकार के नेताओं और उनके करीबियों के खिलाफ राजनीतिक रंजिश के तहत कार्रवाई कर रही है। इसके तहत ही याची को भी फंसाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में चहल ने अब हाईकोर्ट से मांग की है कि पिछले साल नवंबर में उनके खिलाफ विजिलेंस ने जो जांच शुरू की है, अगर उस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है तो उन्हें इससे पहले 14 दिन का नोटिस दिया जाए।
कोर्ट ने फिलहाल उनकी याचिका पर विजिलेंस को आदेश दिया है कि यदि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है तो उन्हें इसकी कॉपी उपलब्ध करवाई जाए। इसके साथ ही उन्हें अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के लिए तीन दिन की मोहलत दी जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी और उनके राजनीतिक सलाहकार रहे भरत इंदर सिंह चहल के खिलाफ जारी पंजाब विजिलेंस की जांच मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें आंशिक राहत दी है। कोर्ट ने एफआईआर की स्थिति में उन्हें जमानत याचिका दाखिल करने के लिए तीन दिन की मोहलत देने का आदेश दिया है।
चहल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था है कि मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार बीती सरकार के नेताओं और उनके करीबियों के खिलाफ राजनीतिक रंजिश के तहत कार्रवाई कर रही है। इसके तहत ही याची को भी फंसाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में चहल ने अब हाईकोर्ट से मांग की है कि पिछले साल नवंबर में उनके खिलाफ विजिलेंस ने जो जांच शुरू की है, अगर उस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है तो उन्हें इससे पहले 14 दिन का नोटिस दिया जाए।
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कोर्ट ने फिलहाल उनकी याचिका पर विजिलेंस को आदेश दिया है कि यदि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है तो उन्हें इसकी कॉपी उपलब्ध करवाई जाए। इसके साथ ही उन्हें अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के लिए तीन दिन की मोहलत दी जाए।
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