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भगवंत मान ने काबुल में गुरुद्वारे पर हमले की निंदा की, प्रधानमंत्री से काबुल में सिखों की सुरक्षा यकीनी बनाने की अपील
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने काबुल में गुरुद्वारा साहिब पर आतंकियों के हमले की कड़ी निंदा की है। शनिवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि यह एक अमानवीय हरकत है और मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काबुल में बसे सिखों की सुरक्षा यकीनी बनाने की अपील करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘करते परवान’ गुरुद्वारा साहिब में सिखों पर हमला दहशतगर्दों की शर्मनाक और कायरतापूर्ण करतूत है, जिन्होंने पवित्र गुरुद्वारा साहिब में निर्दोष सिखों को निशाना बनाया है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस मुद्दे को अफगानिस्तान सरकार के समक्ष उठाना चाहिए और यह यकीनी बनाना चाहिए कि वहां रह रहे सिखों को कोई नुकसान न पहुंचे। भगवंत मान ने कहा कि भारत सरकार को गुरुद्वारा साहिबान में सिखों की सुरक्षा यकीनी बनानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री को निर्णायक और तेजी से कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि आतंकियों ने धार्मिक स्थानों को भी ऐसी वहशियाना कार्यवाहियां करने के लिए नहीं बक्शा। भगवंत मान ने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता और उनका एकमात्र मकसद लोगों में दहशत फैलाना है।
अफगानिस्तान से बाकी बचे 164 सिखों व हिंदुओं को भी निकालें : विक्रम साहनी
अफगानिस्तान में आतंकवाद के कायरतापूर्ण हमले की निंदा करते हुए आप के राज्यसभा सांसद और विश्व पंजाबी संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने विदेश मंत्रालय से ई-वीजा जारी करने और काबुल में शेष बचे 164 सिखों और हिंदुओं को निकालने की अपील की है। काबुल में गुरुद्वारे पर शनिवार सुबह 6 बजे दाइश समूह के चरमपंथियों ने बम से हमला गया था। उन्होंने दरवाजे तोड़ दिए और गुरुद्वारे के गार्ड और कर्मचारियों पर हमला करते हुए वहां आग लगा दी।
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साहनी ने कहा कि गुरुद्वारे के चारों ओर भारी धुआं और धमाकों की आवाजें थीं, जो भारी क्षति का संकेत दे रही थीं और हमारे सिख भाइयों की मौत और चोट के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। साहनी ने कहा कि हम उन्हें वापस लाने और पुनर्वास प्रदान करने के लिए तैयार हैं। जैसे हम इस संकट की शुरुआत के बाद से 523 सिखों के लिए कर रहे हैं। ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ कार्यक्रम के तहत जीवन और आजीविका को प्रायोजित कर रहे विक्रम साहनी पिछले दो वर्षों के दौरान भारत लाए गए अफगान सिखों और हिंदू शरणार्थियों का किराया, चिकित्सा बीमा और स्किलिंग आदि का पूरा खर्च उठा रहें हैं।
तरुण चुघ ने काबुल में गुरुद्वारे पर हमले कड़ी निंदा की
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने काबुल के पास गुरुद्वारे पर हुए हमले दुख जताया कि आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के दौरान पूरे गुरुद्वारा दशमेश पिता साहिब जी में आग लग गई। उन्होंने कहा कि जिस समय आतंकियों ने हमला किया, उस समय लगभग 25-30 अफगानी हिंदू और सिख सुबह की अरदास के लिए गुरुद्वारे में एकत्र थे। मुठभेड़ में गुरुद्वारे के सुरक्षाकर्मी की मौत की भी खबर है। चुघ ने मांग की कि अफगानिस्तान सरकार को अल्पसंख्यकों और उनके धर्मस्थलों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस मुद्दे को अफगानिस्तान सरकार के समक्ष उठाना चाहिए और यह यकीनी बनाना चाहिए कि वहां रह रहे सिखों को कोई नुकसान न पहुंचे। भगवंत मान ने कहा कि भारत सरकार को गुरुद्वारा साहिबान में सिखों की सुरक्षा यकीनी बनानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री को निर्णायक और तेजी से कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि आतंकियों ने धार्मिक स्थानों को भी ऐसी वहशियाना कार्यवाहियां करने के लिए नहीं बक्शा। भगवंत मान ने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता और उनका एकमात्र मकसद लोगों में दहशत फैलाना है।
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अफगानिस्तान से बाकी बचे 164 सिखों व हिंदुओं को भी निकालें : विक्रम साहनी
अफगानिस्तान में आतंकवाद के कायरतापूर्ण हमले की निंदा करते हुए आप के राज्यसभा सांसद और विश्व पंजाबी संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने विदेश मंत्रालय से ई-वीजा जारी करने और काबुल में शेष बचे 164 सिखों और हिंदुओं को निकालने की अपील की है। काबुल में गुरुद्वारे पर शनिवार सुबह 6 बजे दाइश समूह के चरमपंथियों ने बम से हमला गया था। उन्होंने दरवाजे तोड़ दिए और गुरुद्वारे के गार्ड और कर्मचारियों पर हमला करते हुए वहां आग लगा दी।
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साहनी ने कहा कि गुरुद्वारे के चारों ओर भारी धुआं और धमाकों की आवाजें थीं, जो भारी क्षति का संकेत दे रही थीं और हमारे सिख भाइयों की मौत और चोट के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। साहनी ने कहा कि हम उन्हें वापस लाने और पुनर्वास प्रदान करने के लिए तैयार हैं। जैसे हम इस संकट की शुरुआत के बाद से 523 सिखों के लिए कर रहे हैं। ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ कार्यक्रम के तहत जीवन और आजीविका को प्रायोजित कर रहे विक्रम साहनी पिछले दो वर्षों के दौरान भारत लाए गए अफगान सिखों और हिंदू शरणार्थियों का किराया, चिकित्सा बीमा और स्किलिंग आदि का पूरा खर्च उठा रहें हैं।
तरुण चुघ ने काबुल में गुरुद्वारे पर हमले कड़ी निंदा की
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने काबुल के पास गुरुद्वारे पर हुए हमले दुख जताया कि आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के दौरान पूरे गुरुद्वारा दशमेश पिता साहिब जी में आग लग गई। उन्होंने कहा कि जिस समय आतंकियों ने हमला किया, उस समय लगभग 25-30 अफगानी हिंदू और सिख सुबह की अरदास के लिए गुरुद्वारे में एकत्र थे। मुठभेड़ में गुरुद्वारे के सुरक्षाकर्मी की मौत की भी खबर है। चुघ ने मांग की कि अफगानिस्तान सरकार को अल्पसंख्यकों और उनके धर्मस्थलों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए।