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आपराधिक मामला लंबित रहते विभागीय कार्रवाई पर रोक जरूरी नहीं : हाईकोर्ट

Thu, 18 Apr 2024 05:25 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Apr 2024 05:25 AM IST
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Ban on departmental action not necessary while criminal case is pending: High Court
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि आपराधिक मामले में जांच और ट्रायल लंबित रहते विभागीय जांच या गवाहियों पर रोक जरूरी नहीं है। पुलिस की जांच या अदालत के ट्रायल के समानांतर ही विभागीय जांच को पूरा किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने यह आदेश 35 याचिकाओं को खारिज करते हुए जारी किया है जहां विभागीय जांच को आपराधिक मामला लंबित रहते रोकने का निर्देश जारी करने की अपील की गई थी। सभी याचिकाओं में प्राथमिक मुद्दा यह था कि जिस अपराध के लिए पुलिस की जांच या ट्रायल जारी है तो क्या इसके लंबित रहते उसी अपराध के लिए नियमित विभागीय कार्रवाई पर रोक लगाना जरूरी है। क्या आपराधिक मामले में गवाही होने तक उन गवाहों की विभागीय जांच में गवाही रोकनी चाहिए।
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याचिकाकर्ताओं ने विभागीय कार्रवाई में उन गवाहों को बुलाने पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी जो आपराधिक मामले में भी गवाह हैं और अभी वहां उनकी गवाही नहीं हुई है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जब तक आपराधिक मामले में गवाही नहीं होती है तब तक विभागीय जांच में उनकी गवाही नहीं होनी चाहिए। यदि विभागीय जांच में गवाही पहले हो गई तो आपराधिक मामले में यह उनके खिलाफ जाएगा।
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सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि यह अदालत को निर्धारित करना होता है कि क्या ऐसे गवाहों की विभागीय जांच में गवाही रोकनी चाहिए या नहीं। हालांकि इसे तय करने के लिए यह विचार करना जरूरी है कि मामले में कानून और तथ्यों के जटिल प्रश्न शामिल हैं या नहीं।
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