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Panchkula News: दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के मामले में जमानत अर्जी खारिज
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पंचकूला। चंडीमंदिर थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय बौद्धिक दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के मामले में आरोपी नाबालिग को अदालत से राहत नहीं मिली। अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई जारी है और अभियोजन पक्ष के महत्वपूर्ण साक्ष्य अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं। ऐसे में इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा।
मामले में 23 फरवरी 2026 को चंडीमंदिर थाने में केस दर्ज हुआ था। पीड़िता की मां के अनुसार, 22 फरवरी की शाम परिवार के कार्यक्रम से लौटते समय उनकी बेटी लापता हो गई थी। बाद में वह घर के पास स्थित एक खाली मकान में मिली। होश में आने पर युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे जबरन मकान में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और 24 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार किया।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। वह करीब छह महीने से हिरासत में है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि पीड़िता 75 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रस्त है। जांच में फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए गए हैं और पीड़िता का बयान विशेष शिक्षिका की सहायता से अदालत में दर्ज हो चुका है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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मामले में 23 फरवरी 2026 को चंडीमंदिर थाने में केस दर्ज हुआ था। पीड़िता की मां के अनुसार, 22 फरवरी की शाम परिवार के कार्यक्रम से लौटते समय उनकी बेटी लापता हो गई थी। बाद में वह घर के पास स्थित एक खाली मकान में मिली। होश में आने पर युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे जबरन मकान में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और 24 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार किया।
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जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। वह करीब छह महीने से हिरासत में है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि पीड़िता 75 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रस्त है। जांच में फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए गए हैं और पीड़िता का बयान विशेष शिक्षिका की सहायता से अदालत में दर्ज हो चुका है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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