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ढाई हजार रिश्वत लेने के आरोपी को जिला अदालत से मिली जमानत
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चंडीगढ़। नगर निगम के एमओएच विंग में कार्यरत नरेश कुमार को ढाई हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले के जमानत मिल गई है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज संजीव जोशी की अदालत से सोमवार को यह राहत दी।
मामला बीते अगस्त महीने का है। विजिलेंस ने नगर निगम के एमओएच विंग में कार्यरत नरेश कुमार (55) को ढाई हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। हार्टिकल्चर विंग में कार्यरत अजय ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि कुछ दिन पहले उसका तबादला एमओएच विंग से हार्टिकल्चर में कर दिया गया था। अजय दोबारा एमओएच में आना चाहता था। इसके लिए उसने नरेश कुमार से बात की। नरेश ने ट्रांसफर रुकवाने के लिए ढाई हजार रुपये की रिश्वत मांगी। अजय ने मामले की जानकारी विजिलेंस को दे दी। विजिलेंस ने नरेश कुमार को सेक्टर-29 में आने को कहा। यहां नरेश कुमार जैसे ही अजय से पैसे लेने वाला था, विजिलेंस ने दबोच लिया। जांच में सामने आया कि हाजिरी लगाने के नाम पर नरेश कुमार रिश्वत लिया करता था। अजय ने बताया कि जब वह एमओएच विंग में कार्यरत था, तब छुट्टी न लगाने केएवज में नरेश कुमार ने उससे पैसे मांगे थे।
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मामला बीते अगस्त महीने का है। विजिलेंस ने नगर निगम के एमओएच विंग में कार्यरत नरेश कुमार (55) को ढाई हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। हार्टिकल्चर विंग में कार्यरत अजय ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि कुछ दिन पहले उसका तबादला एमओएच विंग से हार्टिकल्चर में कर दिया गया था। अजय दोबारा एमओएच में आना चाहता था। इसके लिए उसने नरेश कुमार से बात की। नरेश ने ट्रांसफर रुकवाने के लिए ढाई हजार रुपये की रिश्वत मांगी। अजय ने मामले की जानकारी विजिलेंस को दे दी। विजिलेंस ने नरेश कुमार को सेक्टर-29 में आने को कहा। यहां नरेश कुमार जैसे ही अजय से पैसे लेने वाला था, विजिलेंस ने दबोच लिया। जांच में सामने आया कि हाजिरी लगाने के नाम पर नरेश कुमार रिश्वत लिया करता था। अजय ने बताया कि जब वह एमओएच विंग में कार्यरत था, तब छुट्टी न लगाने केएवज में नरेश कुमार ने उससे पैसे मांगे थे।
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