सिंगल बेंच के फैसले को हाईकोर्ट ने किया खारिज: कहा- कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्य प्रधान सचिव सुरेश कुमार की नियुक्ति सही
पंजाब सरकार की अपील पर करीब तीन वर्षों तक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पिछले साल सभी पक्षों की दलीलें सुनने के पद चार अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब हाईकोर्ट ने सरकार की अपील को सही करार देते हुए सिंगल बेंच के फैसले को रद्द कर दिया है।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्य प्रधान सचिव के रूप में सुरेश कुमार की नियुक्ति को सही करार देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सिंगल बेंच के फैसले को पलट दिया है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा सुरेश कुमार को मुख्य प्रधान सचिव के तौर पर नियुक्त करने को अवैध करार देने के फैसले के खिलाफ पंजाब सरकार ने अपील दायर की थी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपील को सही करार देते हुए सिंगल बेंच के फैसले को खारिज कर दिया। सरकार की अपील पर खंडपीठ का विस्तृत फैसला आना अभी बाकी है।
विस्तृत फैसला आने के बाद ही पता चल पाएगा कि खंडपीठ ने किस आधार पर सिंगल बेंच के फैसले को खारिज किया है लेकिन खंडपीठ ने यह साफ कर दिया है कि सुरेश कुमार की नियुक्ति के मामले में सिंगल बेंच का फैसला सही नहीं था।
तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुरेश कुमार को अपना मुख्य प्रधान सचिव नियुक्त किया था। इस नियुक्ति के खिलाफ मोहाली निवासी रमनदीप सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
सिंगल बेंच ने जनवरी 2018 में याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए इस नियुक्ति को रद्द कर दिया था। सिंगल बेंच के इस फैसले को पंजाब सरकार ने खंडपीठ में अपील दायर कर चुनौती दी थी। जस्टिस महेश ग्रोवर पर आधारित खंडपीठ ने 14 फरवरी 2018 को पंजाब सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी थी।
खंडपीठ ने कहा था कि सिंगल बेंच को यह याचिका सुनने का अधिकार ही नहीं था। सिंगल बेंच ने अपने क्षेत्राधिकार का उल्लंघन कर यह फैसला सुनाया, लिहाजा खंडपीठ ने सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी थी। पंजाब सरकार की अपील पर करीब तीन वर्षों तक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पिछले साल सभी पक्षों की दलीलें सुनने के पद चार अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब हाईकोर्ट ने सरकार की अपील को सही करार देते हुए सिंगल बेंच के फैसले को रद्द कर दिया है।