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Panchkula News: गजब इमरजेंसी... यहीं प्लास्टर, यहीं मरम्मत
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पंचकूला। सिविल अस्पताल में गजब इमरजेंसी चल रही है। प्लास्टर रूम में एक तरफ मरीजों का प्लास्टर हो रहा है और दूसरी तरफ इसकी मरम्मत का कार्य चल रहा हैै। ऐसे में लोगों ने सवाल उठाया है कि मरम्मत के दौरान अगर कोई चीज मरीज पर गिर गई तो इसका कौन जिम्मेदार रहेगा। क्या अस्पताल प्रशासन के पास ऐसा कोई रूम नहीं है, जहां प्लास्टर हो सके। सिविल अस्पताल में सोमवार को यह देखने को मिला। सीढ़ी पर चढ़कर एक तरफ काम हो रहा था और दूसरी तरफ एक बच्चे का प्लास्टर काटा जा रहा था। लोगों ने इसका विरोध जताते हुए कहा कि इसके लिए जल्द अदद व्यवस्था की जाए।
15 अगस्त से चल रहा मरम्मत कार्य, मरीजों को हो रही दिक्कत
सिविल अस्पताल मेंं लीकेज रोकने के लिए प्लास्टर रूम की मरम्मत का काम बीते 15 अगस्त से किया जा रहा है। 15 से 17 अगस्त तक इस काम को पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पूरा नहीं किया गया है। तीन दिन बाद सोमवार को सभी ओपीडी खुली। ओपीडी में पांच हजार मरीज इलाज के लिए आए। इलाज के दौरान हड्डी के करीब 20 से ज्यादा मरीजों को प्लास्टर बांधा गया। इलाज कराने आए इंदिरा कॉलोनी के राजेश कुमार ने बताया कि बाइक मेंं गिरने से पैर में फ्रैक्चर आ गया। ओपीडी मेंं दिखाने के दो घंटे बाद प्लास्टर बांधा गया। वहीं, बरवाला से आए राजकुमार सिंह ने बताया कि हाथ सड़क पर गिरने से फ्रैक्चर हो गया। प्लास्टर रूम ठीक नहीं होने से तीन घंटे का समय लगा। इसके बाद एमओटी में प्लास्टर बंधा।
अस्पताल के प्लास्टर रूम का काम जल्द पूरा किया जाएगा। इसमें लगने वाली सभी टाइलों को जल्द लगाया जाएगा। इसके लिए प्लास्टर रूम का काम किया जा रहा है। आशीष चौहान, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी विभाग
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अस्पताल में मरीजाें की संख्या अधिक थी। पंचकूला के अलावा पंजाब, हिमाचल के मरीज भी इलाज के लिए आए। इस कारण अधिक भीड़ होने के कारण समय लगा। अस्पताल की मेंटिनेंस का काम जल्द पूरा करवाएंगे जिससे मरीजोंं को बेहतरीन सुविधा मिल सके। -आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल
ओपीडी में जांच के लिए दो घंटे तक लाइन का इंतजार
सिविल अस्पताल की ओपीडी तीन दिन बाद खुली। इस दौरान मरीज और तीमारदार को पर्चा बनवाने, डॉक्टर को दिखवाने और सैंपल के लिए दो बार लाइन में लगने में दो घंटे का समय लगा। इस कारण आने वाले मरीजों को परेशानी हुई। अस्पताल मेंं सबसे ज्यादा बुखार के मरीजों को टेस्ट करवाने में समय लगा। इलाज के लिए एमडी मेडिसिन की ओपीडी मेंं आए आनंद कुमार, मंदीप सिंह ने बताया कि भीड़ अधिक होने से इलाज करवाने व दवा लेने मेंं दो घंटे तक का समय लगा।
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15 अगस्त से चल रहा मरम्मत कार्य, मरीजों को हो रही दिक्कत
सिविल अस्पताल मेंं लीकेज रोकने के लिए प्लास्टर रूम की मरम्मत का काम बीते 15 अगस्त से किया जा रहा है। 15 से 17 अगस्त तक इस काम को पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पूरा नहीं किया गया है। तीन दिन बाद सोमवार को सभी ओपीडी खुली। ओपीडी में पांच हजार मरीज इलाज के लिए आए। इलाज के दौरान हड्डी के करीब 20 से ज्यादा मरीजों को प्लास्टर बांधा गया। इलाज कराने आए इंदिरा कॉलोनी के राजेश कुमार ने बताया कि बाइक मेंं गिरने से पैर में फ्रैक्चर आ गया। ओपीडी मेंं दिखाने के दो घंटे बाद प्लास्टर बांधा गया। वहीं, बरवाला से आए राजकुमार सिंह ने बताया कि हाथ सड़क पर गिरने से फ्रैक्चर हो गया। प्लास्टर रूम ठीक नहीं होने से तीन घंटे का समय लगा। इसके बाद एमओटी में प्लास्टर बंधा।
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अस्पताल के प्लास्टर रूम का काम जल्द पूरा किया जाएगा। इसमें लगने वाली सभी टाइलों को जल्द लगाया जाएगा। इसके लिए प्लास्टर रूम का काम किया जा रहा है। आशीष चौहान, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी विभाग
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अस्पताल में मरीजाें की संख्या अधिक थी। पंचकूला के अलावा पंजाब, हिमाचल के मरीज भी इलाज के लिए आए। इस कारण अधिक भीड़ होने के कारण समय लगा। अस्पताल की मेंटिनेंस का काम जल्द पूरा करवाएंगे जिससे मरीजोंं को बेहतरीन सुविधा मिल सके। -आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल
ओपीडी में जांच के लिए दो घंटे तक लाइन का इंतजार
सिविल अस्पताल की ओपीडी तीन दिन बाद खुली। इस दौरान मरीज और तीमारदार को पर्चा बनवाने, डॉक्टर को दिखवाने और सैंपल के लिए दो बार लाइन में लगने में दो घंटे का समय लगा। इस कारण आने वाले मरीजों को परेशानी हुई। अस्पताल मेंं सबसे ज्यादा बुखार के मरीजों को टेस्ट करवाने में समय लगा। इलाज के लिए एमडी मेडिसिन की ओपीडी मेंं आए आनंद कुमार, मंदीप सिंह ने बताया कि भीड़ अधिक होने से इलाज करवाने व दवा लेने मेंं दो घंटे तक का समय लगा।