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शिअद-भाजपा में हुआ गठबंधन, लोगों के डर से नहीं कर रहे घोषणा: कंग

Sat, 16 Sep 2023 06:46 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Sep 2023 06:46 PM IST
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Alliance formed between SAD-BJP, not announcing due to fear of people: Kang
आप के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिअद और भाजपा को घेरा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच गठबंधन तय हो चुका है। वह बस इसकी घोषणा के लिए उचित समय का इंतजार कर रहे हैं। यह गठबंधन पूरी तरह अपवित्र है। यह बात आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने शनिवार को पार्टी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। कंग ने कहा कि शिअद और भाजपा एक टीम हैं, लेकिन वे अभी तक इसकी घोषणा जनता के सामने नहीं कर रहे हैं क्योंकि वे पंजाब के लोगों के गुस्से से डरे हुए हैं। कंग ने भाजपा को कृषि आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों का जिम्मेदार बताया, जबकि शिअद को बेअदबी का जिम्मेदार ठहराया।
मलविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की पूर्व कैबिनेट मंत्री और सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने गठबंधन को संभव बनाने के प्रयास शुरू किए और 15 दिन पहले दिल्ली में एक बैठक हुई थी। जहां शर्तों पर चर्चा के लिए दोनों पार्टियों के नेता मौजूद थे।
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कंग के मुताबिक गठबंधन की शर्तें यह है कि भाजपा नहीं चाहती कि शिअद प्रमुख सुखबीर बादल और उनके साले बिक्रम मजीठिया आगामी लोकसभा चुनाव लड़ें। भाजपा के लोग जानते हैं कि पंजाब के लोगों में इन दोनों नेताओं के प्रति स्पष्ट नापसंदगी है। पर्दे के पीछे शिअद और भाजपा हमेशा एक थे। उन्होंने कभी अपने रास्ते अलग नहीं किए। किसान आंदोलन के दौरान अकाली दल ने सिर्फ लोगों को गुमराह करने के लिए बीजेपी से गठबंधन तोड़ने का ड्रामा किया था, लेकिन पंजाब के लोग पहले से ही दोनों पार्टियों से नफरत करते हैं और उनके गठबंधन को पंजाब के लोग कभी पसंद नहीं करेंगे।
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अकाली दल से पूछा ये सवाल

कंग ने अकाली दल से सवाल किया कि पंजाब के लोग जानना चाहते हैं कि क्या अकाली दल ने कृषि कानूनों को लेकर चले संघर्ष में किसानों की मौत के लिए भाजपा को माफ कर दिया है। अकाली नेता कहते हैं कि भाजपा हरियाणा और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जरिये सिख मामलों में दखल देती हैं, क्या अब यह बंद हो गया। पद्म विभूषण का क्या होगा जो स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल ने किसानों के विरोध को समर्थन देने के लिए लौटाया था, क्या बादल परिवार इसे फिर से स्वीकार करेगा।


आप ने हरसिमरत को भी बनाया निशाना
कंग ने भाजपा सरकार की कैबिनेट बैठक में तीन कृषि कानूनों पर हस्ताक्षर करने वाली हरसिमरत कौर बादल को भी घेरा। उन्होंने कहा कि उस कैबिनेट बैठक के मिनट्स को कभी सार्वजनिक नहीं किया गया क्योंकि पर्दे के पीछे ये दोनों पार्टियां हमेशा एक-दूसरे के पक्ष में थीं। शिरोमणि अकाली दल के पास पंजाब में कोई जमीन नहीं बची है इसलिए वे लंबे समय से इस गठबंधन को बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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