शराब घोटाला: सीएम की दो टूक- जांच में जो दोषी होगा उसके खिलाफ होगी कार्रवाई
- एसईटी की रिपोर्ट पर विज और दुष्यंत के बीच तनातनी पर सीएम ने साफ किया सरकार का रुख
- डिप्टी सीएम की प्रतिक्रिया पर सीएम ने कहा- किसी के मानने या ना मानने से व्यवस्था नहीं चलती
विस्तार
हरियाणा में शराब घोटाले पर सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है। सीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच में जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी। सीएम के इस रुख से गृहमंत्री अनिल विज द्वारा करवाई गई शराब घोटाले की जांच में की गई दो आला अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिशों को बल मिला है। इसी रिपोर्ट पर गृहमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच तनातनी पर अब सरकार का स्टैंड भी क्लीयर हो गया है। सरकार ने ये साफ कर दिया है कि एसईटी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई जरूर होगी।
बताते चलें कि एसईटी ने हरियाणा में हुए लॉकडाउन घोटाले में अपनी रिपोर्ट गृहमंत्री को सौंप दी है। जिसमें ये साफ किया गया है कि न केवल लॉकडाउन पीरियड में बल्कि उससे पहले भी सोनीपत में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से शराब घोटाला होता रहा। इस रिपोर्ट में एसईटी ने आईएएस अफसर शेखर विद्यार्थी और आईपीएस प्रतीक्षा गोदारा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। मगर शुक्रवार को आबकारी एवं कराधान मंत्री व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अपने महकमे के अधिकारियों के पक्ष में खुलकर उतर आए।
उन्होंने एसईटी की रिपोर्ट पर सवाल करते हुए अपनी ओर से आईएएस अफसर शेखर विद्यार्थी को क्लीनचिट तक दे डाली। इतना ही नहीं उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पुलिस के समक्ष भी ऐसे मामलों की जांच में कई तरह के सवाल खड़े कर डाले। दुष्यंत ने साफ कहा कि पिछली कई एफआईआर ऐसी हैं, जिनकी पुलिस जांच शराब तस्करी में पकड़े गए वाहन चालकों से ही आगे नहीं बढ़ती।
अधिकतर मामलों में पुलिस इस गोरखधंधे में जुटे किंगपिन तक पहुंच नहीं पाती। दुष्यंत के अनुसार उनका महकमा और उनके अफसर फिलहाल अच्छा काम कर रहे हैं। एसईटी की जांच को और गंभीरता व गहन अवलोकन की जरूरत थी। उनके अनुसार एसईटी के कई सुझाव तो ऐसे हैं, जो पहले से ही 2020-21 की आबकारी नीति का हिस्सा हैं। जबकि लॉकडाउन शुरू होते ही प्रदेश के तमाम शराब के ठेके भी बंद करवा दिए गए थे। हर जिले से रिपोर्ट आबकारी अफसरों द्वारा उन तक पहुंची थी। अब इस शराब घोटाले में ये कहा जाए कि सारा दोष आबकारी विभाग का है, यह उचित नहीं।
खैर, दुष्यंत के इस बयान पर गृहमंत्री विज ने सिर्फ एसईटी की सिफारिशों पर एक्शन के इंतजार की बात कही थी। मगर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इस बयान ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि एसईटी की रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा। सरकार उसे बख्शने वाली नहीं है।
सरकार का जो काम होता है वो सिस्टम से होता है। सरकार को जो शिकायतें मिली उस पर एक एसईटी बनाई गई। एसईटी ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। गृह मंत्री ने रिपोर्ट पर अपनी आब्जर्वेशन के बाद कुछ लोगों पर कार्रवाई की सिफारिश की है। अब रिपोर्ट में जो भी सिफारिशें की गई हैं। वो हमारे पास आएंगी। अब हम उस पर बैठकर विचार करेंगे कि क्या-क्या करना है। मगर ये साफ है कि भ्रष्टाचार किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसी के मानने या न मानने से व्यवस्था नहीं चलती। काम सिस्टम से होता है और सिस्टम से ही होगा। मगर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री