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Panchkula News: अकाली नेता सुखदेव ढींडसा का आज पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

Thu, 29 May 2025 10:55 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 29 May 2025 10:55 PM IST
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Akali leader Sukhdev Dhindsa's last rites will be performed in his native village today
अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का बुधवार को 89 साल की उम्र में निधन हो गया था। वीरवार को उनका पार्थिव शरीर चंडीगढ़ स्थित निवास पर लाया गया। ढींडसा का शुक्रवार को संगरूर में उनके पैतृक गांव उभावल दोपहर बाद 3 बजे होगा।
शुक्रवार को सुबह 8 बजे उनका पार्थिव शरीर चंडीगढ़ से राजपुरा, पटियाला, भवानीगढ़ होते हुए संगरूर ले जाया जाएगा और उनके निवास स्थान पर 11 बजे लोग दर्शन कर सकेंगे। वीरवार को चंडीगढ़ में पूर्व कैबिनेट मंत्री मनप्रीत बादल, कुलवीर सिंह जीरा, बीबी जागीर कौर, पूर्व मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी, कांग्रेस विधायक परगट सिंह और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने उनके अंतिम दर्शन किए और परिवार को सांत्वना दी।
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शिअद बागी गुट के नेता सुरजीत सिंह रखड़ा ने कहा कि जितना सियासत में ढींडसा का रोल था, उतना किसी का नहीं है। वे केंद्रीय स्तर पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने पंथक एकता के लिए प्रयास किया। वे पहले नेता थे जिन्होंने कहा था कि सुखबीर प्रधानगी छोड़ दें। उन्होंने कहा था कि पंथ का कभी भी नुकसान नहीं होना चाहिए। वहीं बीबी जागीर कौर ने कहा कि हमने ढींडसा के साथ संघर्ष किए हुए हैं। वे अकाली दल की राजनीति के स्तंभ थे। वे शिरोमणि अकाली दल को मजबूत करना चाहते थे। उन्होंने हमेशा हमारा मार्गदर्शन किया है। उनके जाने से जो श्रति हुई है, वो कभी पूरी नहीं हो सकती है। इसी तरह राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि ढींडसा एक ऐसे नेता थे, जिनका पंजाब में बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने ढींडस के साथ के दिनों को याद करते हुए कहा कि जब मैं सक्रिय खिलाड़ी होता था, तो मुझे उन्हीं ने सम्मानित किया था। वह हमेशा स्पष्ट बात बोलते थे और कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी, लेकिन ऐसा नहीं लग रहा था कि इस तरह अचानक वह चले जाएंगे। उनके जाने से बहुत दुख हुआ है।
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