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Panchkula News: साढ़े तीन साल के इंतजार के बाद 25 सितंबर को होंगे सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव
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चंडीगढ़/पंचकूला। नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर पद के लिए साढ़े तीन साल बाद चुनाव होंगे। चुनाव न करवाने के मामले में डाली याचिका पर हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में बताया कि 25 सितंबर को चुनाव संपन्न करवा दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने इस जानकारी को आधार बनाते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
कांग्रेस पार्षद अक्षयदीप चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि नगर निगम अधिनियम 1994 और हरियाणा नगर निगम चुनाव नियम 1994 के तहत स्पष्ट आदेशों के बावजूद चुनाव संपन्न नहीं करवाए जा रहे हैं। चुनाव की अधिसूचना के 60 दिनों के भीतर उपरोक्त पदों के लिए चुनाव आयोजित करना जरूरी होती है। सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का पद दिसंबर 2020 से खाली हैं। याचिका में पिछले तीन साल से अधिक समय से लंबित इन चुनावों को कराने और राज्य सरकार की निष्क्रियता को असंवैधानिक घोषित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।
जानिए पार्षदों के आंकड़ों का गणित
हरियाणा में भाजपा और जननायक जनता पार्टी का गठबंधन टूटने के बाद अब पंचकूला नगर निगम के वरिष्ठ उपमहापौर एवं उपमहापौर में से एक पद जजपा के लिए छोड़ने का झंझट खत्म हो गया है। पिछले करीब साढ़े तीन साल से इन पदों का चुनाव इसलिए नहीं हो पाया, क्योंकि हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता एक भी पद जजपा के लिए छोड़ने को तैयार नहीं थे। जजपा लगातार दबाव बना रही थी कि उन्हें वरिष्ठ उपमहापौर का पद दिया जाए। ज्ञानचंद गुप्ता नगर निगम चुनाव में भी जजपा के लिए कोई सीट छोड़ने को तैयार नहीं थे, लेकिन हाइकमान के दबाव के कारण 20 सदस्यीय नगर निगम भाजपा ने 16 और जजपा को 4 सीटों पर चुनाव लड़वाया गया, जिसमें से जजपा ने दो सीटें जीती थी, जबकि भाजपा ने 9 सीटें जीती थी। इसके बाद एक निर्दलीय को भाजपा में शामिल करवाकर भाजपा ने अपना आंकड़ा 10 पार्षदों का कर लिया। आंकड़ों के अनुसार 20 पार्षद एवं एक महापौर को मिलाकर कुल 21 वोट हैं। भाजपा के 10 पार्षद एवं महापौर कुलभूषण गोयल को मिलाकर 11 वोट हैं। कांग्रेस के 7 पार्षद हैं। एक निर्दलीय एवं जजपा के दो पार्षद हैं। अब एक बात साफ है कि जजपा भाजपा का किसी भी हालत में साथ उपमहापौर एवं वरिष्ठ उपमहापौर चुनाव के लिए नहीं देगी। इसलिए भाजपा कांग्रेस के दो पार्षदों पर डोरे डाल रही है। इन दोनों से काफी बातचीत हो चुकी है और यदि सहमति बनी तो इन्हें भाजपा में शामिल करवाकर चुनाव करवा दिया जाएगा।
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गठबंधन में भी सवाल उठाती रही है जजपा
गठबंधन में जजपा को एक पद मिलने की उम्मीद थी। जजपा गठबंधन में होने के बाद भी पंचकूला नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही। जजपा के दोनों पार्षद नगर निगम की बैठकों में विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों एवं मेयर को घेरते रहे। जिसके चलते भी मनमुटाव बढ़ रहा था। वार्ड नंबर 9 से जजपा पार्षद राजेश कुमार निषाद या वार्ड नंबर 14 से सुशील गर्ग नरवाना को उम्मीद थी कि हम दोनों से एक को कोई ना कोई पद अवश्य मिल जाएगा, लेकिन अरमानों पर पानी फिर गया। अब जजपा खुलकर विकास कार्यों को लेकर भाजपा पर आक्रामक नजर जाएगी।
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कांग्रेस पार्षद अक्षयदीप चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि नगर निगम अधिनियम 1994 और हरियाणा नगर निगम चुनाव नियम 1994 के तहत स्पष्ट आदेशों के बावजूद चुनाव संपन्न नहीं करवाए जा रहे हैं। चुनाव की अधिसूचना के 60 दिनों के भीतर उपरोक्त पदों के लिए चुनाव आयोजित करना जरूरी होती है। सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का पद दिसंबर 2020 से खाली हैं। याचिका में पिछले तीन साल से अधिक समय से लंबित इन चुनावों को कराने और राज्य सरकार की निष्क्रियता को असंवैधानिक घोषित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।
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जानिए पार्षदों के आंकड़ों का गणित
हरियाणा में भाजपा और जननायक जनता पार्टी का गठबंधन टूटने के बाद अब पंचकूला नगर निगम के वरिष्ठ उपमहापौर एवं उपमहापौर में से एक पद जजपा के लिए छोड़ने का झंझट खत्म हो गया है। पिछले करीब साढ़े तीन साल से इन पदों का चुनाव इसलिए नहीं हो पाया, क्योंकि हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता एक भी पद जजपा के लिए छोड़ने को तैयार नहीं थे। जजपा लगातार दबाव बना रही थी कि उन्हें वरिष्ठ उपमहापौर का पद दिया जाए। ज्ञानचंद गुप्ता नगर निगम चुनाव में भी जजपा के लिए कोई सीट छोड़ने को तैयार नहीं थे, लेकिन हाइकमान के दबाव के कारण 20 सदस्यीय नगर निगम भाजपा ने 16 और जजपा को 4 सीटों पर चुनाव लड़वाया गया, जिसमें से जजपा ने दो सीटें जीती थी, जबकि भाजपा ने 9 सीटें जीती थी। इसके बाद एक निर्दलीय को भाजपा में शामिल करवाकर भाजपा ने अपना आंकड़ा 10 पार्षदों का कर लिया। आंकड़ों के अनुसार 20 पार्षद एवं एक महापौर को मिलाकर कुल 21 वोट हैं। भाजपा के 10 पार्षद एवं महापौर कुलभूषण गोयल को मिलाकर 11 वोट हैं। कांग्रेस के 7 पार्षद हैं। एक निर्दलीय एवं जजपा के दो पार्षद हैं। अब एक बात साफ है कि जजपा भाजपा का किसी भी हालत में साथ उपमहापौर एवं वरिष्ठ उपमहापौर चुनाव के लिए नहीं देगी। इसलिए भाजपा कांग्रेस के दो पार्षदों पर डोरे डाल रही है। इन दोनों से काफी बातचीत हो चुकी है और यदि सहमति बनी तो इन्हें भाजपा में शामिल करवाकर चुनाव करवा दिया जाएगा।
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गठबंधन में भी सवाल उठाती रही है जजपा
गठबंधन में जजपा को एक पद मिलने की उम्मीद थी। जजपा गठबंधन में होने के बाद भी पंचकूला नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही। जजपा के दोनों पार्षद नगर निगम की बैठकों में विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों एवं मेयर को घेरते रहे। जिसके चलते भी मनमुटाव बढ़ रहा था। वार्ड नंबर 9 से जजपा पार्षद राजेश कुमार निषाद या वार्ड नंबर 14 से सुशील गर्ग नरवाना को उम्मीद थी कि हम दोनों से एक को कोई ना कोई पद अवश्य मिल जाएगा, लेकिन अरमानों पर पानी फिर गया। अब जजपा खुलकर विकास कार्यों को लेकर भाजपा पर आक्रामक नजर जाएगी।