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Panchkula News: पंचकूला की तरह जांच कर अन्य जिलों में डेंगू रोके प्रशासन
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। डेंगू की रोकथाम को लेकर हरियाणा स्वास्थ्य महानिदेशक ने वीरवार को पंचकूला सहित 22 जिलों के साथ बैठक की। इसमें पंचकूला के अधिकारी के साथ सेक्टर-6 स्थित डीजी हेल्थ ऑफिस में बैठक की। वहीं अन्य जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े डॉक्टरों को सही तरीके से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेंगू में जिस तरह से पंचकूला ने एहतियात बरतकर सैंपलिंग की है। सभी जिले इससे सीखें।
हरियाणा स्वास्थ्य महानिदेशक सोनिया त्रिखा खुल्लर ने कहा कि सभी जिलों में टेस्टिंग के दौरान कर्मचारियों की लाइव लोकेशन जिला मलेरिया अधिकारी और नोडल अधिकारी अपने पास रखें। पंचकूला में इसी तर्ज पर सर्वे हुआ। इस सर्वे को हरियाणा के सभी जिले फॉलो करें। इससे डेंगू से बचाव हो सकेगा। पिछले साल डेंगू के पंचकूला में दो हजार से अधिक केस आए थे। इस बार अभी तक डेंगू के 645 मामले सामने आए हैं। इसमें उन्होंने चरखी दादरी, यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत, कैथल, गुरुग्राम सहित अन्य जिलों में सर्वे बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी जगह टीमों की ओर से ब्रीडर चेकर ले जाकर डेंगू के लारवा की जांच की जाए। इस दौरान जांच करने गई टीम की लाइव लोकेशन ली जाए। इससे सर्वे सही तरीके से होगा। इसके अलावा फॉगिंग भी इनडोर करने की बात कही है।
लारवा मिलने पर की जाए फॉगिंग
अगर किसी भी जिले में हाई रिस्क जोन में लारवा मिले तो वहां पर लगातार फॉगिंग की जाए। इससे लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं पर भी बुखार के मरीज आते हैं तो वह इलाज के लिए अस्पताल जाएं। वह अपने टेस्ट करवाकर सही तरीके से अपना इलाज करवाएं। वहीं चरखी दादरी, यमुनानगर और पंचकूला के हाई रिस्क जोन में लोगों को बचाने के लिए लगातार सर्वे करने का आह्वान किया है। पंचकूला जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेश भोसले ने बताया कि इसके लिए टीम की ओर से दोबारा हाई रिस्क जोन में सर्वे के लिए लगाया जाएगा।
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डेंगू के बचाव के लिए राज्यस्तर पर मीटिंग की गई है। पंचकूला की तरह सभी जगह टीमें हाई रिस्क जोन में जाएं और सर्वे के दौरान सभी अपनी लोकेशन अधिकारियों को शेयर करें। अधिकारियों की तरफ से भी पानी में मिलने वाले लारवा की सैंपलिंग अधिक करें। -डॉ. सोनिया त्रिखा खुल्लर, महानिदेशक, हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं
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पंचकूला। डेंगू की रोकथाम को लेकर हरियाणा स्वास्थ्य महानिदेशक ने वीरवार को पंचकूला सहित 22 जिलों के साथ बैठक की। इसमें पंचकूला के अधिकारी के साथ सेक्टर-6 स्थित डीजी हेल्थ ऑफिस में बैठक की। वहीं अन्य जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े डॉक्टरों को सही तरीके से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेंगू में जिस तरह से पंचकूला ने एहतियात बरतकर सैंपलिंग की है। सभी जिले इससे सीखें।
हरियाणा स्वास्थ्य महानिदेशक सोनिया त्रिखा खुल्लर ने कहा कि सभी जिलों में टेस्टिंग के दौरान कर्मचारियों की लाइव लोकेशन जिला मलेरिया अधिकारी और नोडल अधिकारी अपने पास रखें। पंचकूला में इसी तर्ज पर सर्वे हुआ। इस सर्वे को हरियाणा के सभी जिले फॉलो करें। इससे डेंगू से बचाव हो सकेगा। पिछले साल डेंगू के पंचकूला में दो हजार से अधिक केस आए थे। इस बार अभी तक डेंगू के 645 मामले सामने आए हैं। इसमें उन्होंने चरखी दादरी, यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत, कैथल, गुरुग्राम सहित अन्य जिलों में सर्वे बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी जगह टीमों की ओर से ब्रीडर चेकर ले जाकर डेंगू के लारवा की जांच की जाए। इस दौरान जांच करने गई टीम की लाइव लोकेशन ली जाए। इससे सर्वे सही तरीके से होगा। इसके अलावा फॉगिंग भी इनडोर करने की बात कही है।
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लारवा मिलने पर की जाए फॉगिंग
अगर किसी भी जिले में हाई रिस्क जोन में लारवा मिले तो वहां पर लगातार फॉगिंग की जाए। इससे लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं पर भी बुखार के मरीज आते हैं तो वह इलाज के लिए अस्पताल जाएं। वह अपने टेस्ट करवाकर सही तरीके से अपना इलाज करवाएं। वहीं चरखी दादरी, यमुनानगर और पंचकूला के हाई रिस्क जोन में लोगों को बचाने के लिए लगातार सर्वे करने का आह्वान किया है। पंचकूला जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेश भोसले ने बताया कि इसके लिए टीम की ओर से दोबारा हाई रिस्क जोन में सर्वे के लिए लगाया जाएगा।
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डेंगू के बचाव के लिए राज्यस्तर पर मीटिंग की गई है। पंचकूला की तरह सभी जगह टीमें हाई रिस्क जोन में जाएं और सर्वे के दौरान सभी अपनी लोकेशन अधिकारियों को शेयर करें। अधिकारियों की तरफ से भी पानी में मिलने वाले लारवा की सैंपलिंग अधिक करें। -डॉ. सोनिया त्रिखा खुल्लर, महानिदेशक, हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं