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Panchkula News: मेहनत से पाया मुकाम... पैतृक व्यापार को दिया स्टार्टअप, अब मिट्टी के जेवर बेच कमा रहीं लाखों

Thu, 12 Dec 2024 06:48 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2024 06:48 PM IST
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Achieved success through hard work... Gave startup to ancestral business, now earning lakhs by selling clay jewellery
सेक्टर-14 कॉलेज में लगाई है प्रदर्शनी, स्टाॅल पर जुट रही है भारी भीड़
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पंचकूला। कोई भी काम छोटा-बड़ा नहीं होता है। बस उस काम को करने के लिए मेहनत और सच्ची लगन होनी चाहिए। सफल होने में समय तो लगता है, लेकिन मन में ठान लो तो कोई काम कठिन नहीं है। भीड़ में चलने से अच्छा है कुछ अलग करना चाहिए। यह कहना है पैतृक व्यापार को स्टार्टअप का नया रूप देकर मिट्टी के जेवर बेचकर लाखों कमा रहीं ज्वेलरी आर्टिस्ट अमरजीत कौर का। वह कोट गांव से राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय सेक्टर-14 की प्रदर्शनी में पहुंचीं थीं। उनके तीन दिवसीय स्टाॅल पर भारी संख्या में लोग जुट रहे हैं। अमरजीत कौर ने सेक्टर-14 कॉलेज से एमए कर पासआउट हैं।
विशेष बातचीत के दौरान अमरजीत कौर ने कहा, ‘कुम्हार की बेटी हूं इसलिए बचपन से ही मिट्टी से बर्तनों को बनते देखा है। पिता के व्यापार को स्टार्टअप से नया रूप देकर मिट्टी, बांस और छाल से ज्वेलरी बनाने का काम शुरू किया। लोगों को ज्वेलरी पसंद आने लगी तो ऑनलाइन साइट से जुड़कर व्यापार को विस्तार मिलता गया। धीरे-धीरे उनका हौसला बढ़ा और अपना व्यापार कर विस्तार करती रहीं।
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मिट्टी से ये आइटम्स करती हैं तैयार
मिट्टी से कान का झूमका, बाली, इयरिंग, रिंग, ब्रेसलेट, की-चैन, नेकलेस बनते हैं। इसके अलावा मिट्टी से किचन, होम डेकोरेशन और कस्टमाइट गिफ्ट के कई सारे आइटम तैयार कर बेचा जाता है।
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अमरजीत कौर बोलीं- पांच साल की उम्र से सीख ली कला
अमरजीत कौर ने बताया कि पांच साल की उम्र से पिता के साथ कुम्हार का काम करने लगी थी। कोट गांव में उनका घर है। पिता राम जी दास प्रजापति मिट्टी से बर्तन बनाते थे। उन्हें देखकर उनके मन में भी इसे सीखने की ललक लगी। पिता के साथ काम करते कुछ सालों में उन्होंने यह कला सीख ली। उनके मन में हमेशा टीस रहती थी कि काम तो सीख लिया है लेकिन इसे बड़े प्लेटफार्म पर कैसे ले जाना। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे काम के साथ प्लान भी बनाती गई। इसके बाद इसे स्टार्टअप का रूप देने का विचार आया।


2020 से शुरू कर किया ज्वेलरी बनाने काम
उन्होंने बताया कि तीन साल पहले स्टार्टअप से बिजनेस को नया रूप दिया। मिट्टी और बांस से ज्वेलरी बनाने का काम शुरू किया। पहले लोगों को लगता था कि मिट्टी की बनी ज्वेलरी जल्द खराब हो जाएगी, लेकिन पहनने के बाद इसे लड़कियां और महिलाएं पसंद करने लगीं। उन्होंने बताया कि ज्वेलरी को ऑनलाइन के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में स्टाॅल लगाकर बेचने के साथ इसके बारे में लोगों जागरूक करती हैं।इससे आज उनको एक अलग पहचान मिली है।

मिट्टी से बनाती हैं ये आइटम्स
अमरजीत कौर ने बताया कि पिता के व्यापार से साल में हजारों में कमाई होती थी, लेकिन ज्वेलरी के काम से अब लाखों में बिक्री होने लगी है। खास बात यह है कि वह स्कूल और काॅलेज के विद्यार्थियों को ज्वेलरी बनाने की कला को सिखा रही हैं।
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