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कैप्टन से आप सरकार ने मांगी भ्रष्ट मंत्रियों की सूची
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चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की भ्रष्ट मंत्रियों की सूची को लेकर पंजाब सरकार की ओर से बड़ा बयान आया है। सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पूर्व मुख्यमंत्री से भ्रष्ट मंत्रियों की सूची मांगी है। चीमा ने कहा है कि सरकार भ्रष्टाचारियों को बख्शेगी नहीं, सबूतों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप में अपनी ही सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला को बर्खास्त कर दिया था। साथ ही उन्हें जेल भी भेज दिया। इसके बाद से लगातार सरकार भ्रष्टाचार को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है। इन सबके बीच पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अपने ही मंत्रिमंडल में शामिल भ्रष्ट मंत्रियों की सूची होने का दावा कर रहे हैं। उनकी पार्टी की ओर से यह बयान भी जारी किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री जल्द ही इन भ्रष्ट मंत्रियों की सूची मुख्यमंत्री भगवंत से मिलकर सौंपेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री के इन दावों के बीच पंजाब सरकार की ओर से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से सूची मांग ली है। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा है कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री उन्हें भ्रष्ट मंत्रियों की सूची सौंपते हैं तो उनकी सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी। चीमा ने कहा है कि यदि पक्के सबूत सरकार को दिए जाते हैं तो चाहे कोई मंत्री हो, विधायक हो या कोई बड़ा अधिकारी बख्शा नहीं जाएगा। पंजाब सरकार उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजकर ही रहेगी।
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सूची में 6 मंत्रियों के नाम
कैप्टन द्वारा मुख्यमंत्री को साैंपी जाने वाली सूची में 6 पूर्व मंत्रियों के नाम शामिल हैं। पीएलसी पार्टी के नेताओं के अनुसार इन मंत्रियों द्वारा शराब और अवैध रेत खनन में जमकर भ्रष्टाचार किया है। कैप्टन द्वारा इनकी शिकायत पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भी की गई थी, लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कैप्टन भी दूध के धुले नहीं: दुलो
पूर्व राज्यसभा सांसद और कांग्रेसी नेता शमशेर सिंह दुलो ने कैप्टन के दावे पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री भी दूध के धुले नहीं हैं। उनकी सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर सारा खेल उन्हीं की देखरेख में खेला गया। हाल यह था कि सरकार के सभी विधायक माफिया के साथ मिलकर काम करते थे। यदि इस मामले में पूर्व मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई होती है तो पूर्व मुख्यमंत्री को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप में अपनी ही सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला को बर्खास्त कर दिया था। साथ ही उन्हें जेल भी भेज दिया। इसके बाद से लगातार सरकार भ्रष्टाचार को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है। इन सबके बीच पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अपने ही मंत्रिमंडल में शामिल भ्रष्ट मंत्रियों की सूची होने का दावा कर रहे हैं। उनकी पार्टी की ओर से यह बयान भी जारी किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री जल्द ही इन भ्रष्ट मंत्रियों की सूची मुख्यमंत्री भगवंत से मिलकर सौंपेंगे।
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पूर्व मुख्यमंत्री के इन दावों के बीच पंजाब सरकार की ओर से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से सूची मांग ली है। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा है कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री उन्हें भ्रष्ट मंत्रियों की सूची सौंपते हैं तो उनकी सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी। चीमा ने कहा है कि यदि पक्के सबूत सरकार को दिए जाते हैं तो चाहे कोई मंत्री हो, विधायक हो या कोई बड़ा अधिकारी बख्शा नहीं जाएगा। पंजाब सरकार उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजकर ही रहेगी।
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सूची में 6 मंत्रियों के नाम
कैप्टन द्वारा मुख्यमंत्री को साैंपी जाने वाली सूची में 6 पूर्व मंत्रियों के नाम शामिल हैं। पीएलसी पार्टी के नेताओं के अनुसार इन मंत्रियों द्वारा शराब और अवैध रेत खनन में जमकर भ्रष्टाचार किया है। कैप्टन द्वारा इनकी शिकायत पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भी की गई थी, लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कैप्टन भी दूध के धुले नहीं: दुलो
पूर्व राज्यसभा सांसद और कांग्रेसी नेता शमशेर सिंह दुलो ने कैप्टन के दावे पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री भी दूध के धुले नहीं हैं। उनकी सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर सारा खेल उन्हीं की देखरेख में खेला गया। हाल यह था कि सरकार के सभी विधायक माफिया के साथ मिलकर काम करते थे। यदि इस मामले में पूर्व मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई होती है तो पूर्व मुख्यमंत्री को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।