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शहर के व्यापारियों का क्या कसूर?
Panchkula
Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) शहर के कई बूथों और शोरूम को रिज्यूम कर उसमें अपनी सील लगाने वाला है। सीलिंग अभियान के दौरान शहर के उस व्यापारी वर्ग को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा, जो दस सालों से उसी शोरूम पर व्यापार करता रहा है और हर महीने अपने मालिक को किराया देता आ रहा है। हुडा अपनी जगह सही है तो व्यापारी अपनी जगह। व्यापारी चाहते हैं कि कोई बीच का हल निकले या फिर उन्हें इतना समय दिया जाए ताकि वे दूसरी जगह अपना व्यापार स्थापित कर सकें, पर हुडा अपनी हेकड़ी पर कायम है। इस शहर को बसाने में इन व्यापारियों का बहुत बड़ा हाथ रहा है। सामाजिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए ‘अमर उजाला’ व्यापारियों की पीड़ा सरकार और प्रशासन के सामने रखने की कोशिश करेगा, ताकि व्यापारी का व्यापार खत्म न हो।
इसी से संबंधित हुडा की हेकड़ी, चौपट कारोबार की पहली किस्त।
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हुडा के सीलिंग अभियान से सबसे ज्यादा नुकसान उन व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है, जो अपने शोरूम मालिक को ईमानदारी से किराया दे रहे हैं। बूथ और शोरूम रिज्यूम होने से पहले न तो हुडा ने उन्हें कोई जानकारी दी और न ही मकान मालिक ने। इतने कम समय में वे अपना बसेरा कहां डालें? कुछ ऐसे भी व्यापारी हैं, जिन्होंने शोरूम को सजाने और संवारने में लाखों रुपये लगा दिए। अब न तो उन्हें भरपाई मिलेगी और न कोई दूसरी जगह, जिससे वे अपना फिर से व्यापार चला सकें। दूसरी तरफ हुडा अपनी बात पर अड़ा है कि वे शोरूम तो सील करके ही रहेंगे।
सेक्टर-16 की मार्केट में एससीएफ नंबर 262 में साईं फोटो विजन चलाने वाले बंसीलाल ने बताया कि वे 2001 से शोरूम के पहले माले पर अपना स्टूडियो चला रहे हैं। साल 2000 में उनका और बूथ मालिक के साथ रेंट एग्रीमेंट हुआ। हर महीने 15 हजार से अधिक किराया भी दे रहे हैं। आठ महीने पहले स्टूडियो की खूबसूरती बढ़ाने के लिए 12 लाख से ज्यादा की रकम लगाई थी। तीन दिन पहले ही पता चला कि हुडा बूथ को सील करने वाला है। अब छोटे से टाइम पीरियड में कैसे दूसरी जगह स्टूडियो को ले जा सकते हैं। सारा धंधा चौपट होने की नौबत आ चुकी है। उनका कहना है कि यदि दोनों में से पहले कोई बता देता तो ये दिन नहीं देखते पड़ते।
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इसी एससीएफ में आर्ची मेडिस के नाम से शोरूम चलाने वाले जीसी गोस्वामी का भी यही हाल है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2007 में शोरूम मालिक के साथ रेंट एग्रीमेंट हुआ था। तब से लेकर आज तक पूरी ईमानदारी से किराया दिया। यहां तक पानी और बिजली का बिल भी। तीन दिन पहले ही दूसरे व्यापारी से पता चला कि यह शोरूम तो रिज्यूम होने वाला है। यही नहीं पिछले महीने का भी किराया मकान मालिक को देकर आए, लेकिन इस बारे में बताया ही नहीं गया। अब अपना सारा सामान कहां लेकर जाएं।
रविवार को खाली किया सामान
सीलिंग के खौफ से दिनभर व्यापारी रविवार को अपना सामान शोरूम से दूसरी जगह रखते रहे, ताकि सोमवार को यदि शोरूम पर सील लगती है तो उन्हें ज्यादा दिक्कत का सामना न करना पड़े। व्यापारियों ने बताया कि जितना सामान निकल सकता है, उसे निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने हुडा से बीच का रास्ता निकालने की अपील की।
व्यापारियों ने की बैठक, हुडा अधिकारी से मिलेंगे
सेक्टर सात स्थित मार्केट में व्यापारियों ने बैठक कर सीलिंग के विरोध में रणनीति तैयार की। व्यापारी नेता बीबी कोछड़ ने बताया कि सोमवार को वे हुडा एडमिनिस्ट्र्रेशन से मिलकर उनसे व्यापारियों के हित में काम करने की अपील करेंगे। व्यापारी वर्ग यदि सीलिंग का विरोध करेगा तो शांतिपूर्वक तरीके से करेगा, ताकि कानून में कोई बाधा न पड़े।
वर्जन
सोमवार तक व्यापारियों को समय दिया गया था। हुडा अधिकारी सोमवार को पहुंचकर बूथ और शोरूम को सील कर देंगे।
अश्विनी शर्मा, एस्टेट अधिकारी हुडा
सूचना
यदि आप भी कारोबार चौपट होने से परेशान हैं
हुडा के सीलिंग अभियान या व्यापारियों से संबंधित कोई सूचना या सुझाव देना चाहते हैं तो आपको इस नंबर पर एसएमएस -------------या फिर ------------नंबर पर कॉल करे। यदि ई-मेल करना चाहते हैं तो ---------------इस नंबर पर मेल करें।
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इसी से संबंधित हुडा की हेकड़ी, चौपट कारोबार की पहली किस्त।
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हुडा के सीलिंग अभियान से सबसे ज्यादा नुकसान उन व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है, जो अपने शोरूम मालिक को ईमानदारी से किराया दे रहे हैं। बूथ और शोरूम रिज्यूम होने से पहले न तो हुडा ने उन्हें कोई जानकारी दी और न ही मकान मालिक ने। इतने कम समय में वे अपना बसेरा कहां डालें? कुछ ऐसे भी व्यापारी हैं, जिन्होंने शोरूम को सजाने और संवारने में लाखों रुपये लगा दिए। अब न तो उन्हें भरपाई मिलेगी और न कोई दूसरी जगह, जिससे वे अपना फिर से व्यापार चला सकें। दूसरी तरफ हुडा अपनी बात पर अड़ा है कि वे शोरूम तो सील करके ही रहेंगे।
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सेक्टर-16 की मार्केट में एससीएफ नंबर 262 में साईं फोटो विजन चलाने वाले बंसीलाल ने बताया कि वे 2001 से शोरूम के पहले माले पर अपना स्टूडियो चला रहे हैं। साल 2000 में उनका और बूथ मालिक के साथ रेंट एग्रीमेंट हुआ। हर महीने 15 हजार से अधिक किराया भी दे रहे हैं। आठ महीने पहले स्टूडियो की खूबसूरती बढ़ाने के लिए 12 लाख से ज्यादा की रकम लगाई थी। तीन दिन पहले ही पता चला कि हुडा बूथ को सील करने वाला है। अब छोटे से टाइम पीरियड में कैसे दूसरी जगह स्टूडियो को ले जा सकते हैं। सारा धंधा चौपट होने की नौबत आ चुकी है। उनका कहना है कि यदि दोनों में से पहले कोई बता देता तो ये दिन नहीं देखते पड़ते।
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इसी एससीएफ में आर्ची मेडिस के नाम से शोरूम चलाने वाले जीसी गोस्वामी का भी यही हाल है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2007 में शोरूम मालिक के साथ रेंट एग्रीमेंट हुआ था। तब से लेकर आज तक पूरी ईमानदारी से किराया दिया। यहां तक पानी और बिजली का बिल भी। तीन दिन पहले ही दूसरे व्यापारी से पता चला कि यह शोरूम तो रिज्यूम होने वाला है। यही नहीं पिछले महीने का भी किराया मकान मालिक को देकर आए, लेकिन इस बारे में बताया ही नहीं गया। अब अपना सारा सामान कहां लेकर जाएं।
रविवार को खाली किया सामान
सीलिंग के खौफ से दिनभर व्यापारी रविवार को अपना सामान शोरूम से दूसरी जगह रखते रहे, ताकि सोमवार को यदि शोरूम पर सील लगती है तो उन्हें ज्यादा दिक्कत का सामना न करना पड़े। व्यापारियों ने बताया कि जितना सामान निकल सकता है, उसे निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने हुडा से बीच का रास्ता निकालने की अपील की।
व्यापारियों ने की बैठक, हुडा अधिकारी से मिलेंगे
सेक्टर सात स्थित मार्केट में व्यापारियों ने बैठक कर सीलिंग के विरोध में रणनीति तैयार की। व्यापारी नेता बीबी कोछड़ ने बताया कि सोमवार को वे हुडा एडमिनिस्ट्र्रेशन से मिलकर उनसे व्यापारियों के हित में काम करने की अपील करेंगे। व्यापारी वर्ग यदि सीलिंग का विरोध करेगा तो शांतिपूर्वक तरीके से करेगा, ताकि कानून में कोई बाधा न पड़े।
वर्जन
सोमवार तक व्यापारियों को समय दिया गया था। हुडा अधिकारी सोमवार को पहुंचकर बूथ और शोरूम को सील कर देंगे।
अश्विनी शर्मा, एस्टेट अधिकारी हुडा
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हुडा के सीलिंग अभियान या व्यापारियों से संबंधित कोई सूचना या सुझाव देना चाहते हैं तो आपको इस नंबर पर एसएमएस -------------या फिर ------------नंबर पर कॉल करे। यदि ई-मेल करना चाहते हैं तो ---------------इस नंबर पर मेल करें।