{"_id":"146-16471","slug":"Panchkula-16471-146","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच करोड़ के लालच में गंवाए 14 लाख ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच करोड़ के लालच में गंवाए 14 लाख
Panchkula
Updated Tue, 23 Apr 2013 05:30 AM IST
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पंचकूला। पांच करोड़ की ऑनलाइन लाटरी के चक्कर में फंसकर एक व्यक्ति ने अपने 14 लाख रुपये गंवा दिए। शिकार बना व्यक्ति म्यूचुअल फंड इनवेस्टर है और बलटाना में रहता है। उसे ई-मेल आई थी कि पांच करोड़ की लाटरी लगी है, जिसे हासिल करने के लिए कुछ लाख रुपये जमा कराने होंगे। पैसे जमा कराने के लिए फोन आता था, जिसमें कभी कहा जाता था कि चीन से बात कर रहे हैं तो कभी अमेरिका से। जब तक धोखाधड़ी का पता चला तो काफी देर हो चुकी थी। मामला पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद ईओडब्ल्यू में जांच हुई और सेक्टर-5 थाने में मामला दर्ज कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक बलटाना निवासी भूपेंद्र धीर पंचकूला में एलआईसी और म्यूचुअल फंड इंवेस्टर का काम करते थे। पिछले साल उन्हें एक-दो ई-मेल आईं जिसमें कहा गया कि उनकी पांच करोड़ की लाटरी निकली है। ई-मेल में एक इंडियन बैंक की साइट का लिंक दिया गया था, जिस पर क्लिक करके कुछ निर्देश पूरे करने के लिए कहा गया। भूपेंद्र इस लालच में आ गए और उन्होंने उस लिंक को ओपन किया। भूपेंद्र ने उसमें अपना पूरा ब्यौरा वेबसाइट पर डाल दिया। कुछ दिन बाद चीन से फोन आया और लाटरी के पहले पड़ाव को पार करने के लिए दो लाख जमा कराने की बात कही गई और अकाउंट नंबर भी दिया गया। भूपेंद्र ने ऐसा ही किया। पैसे जमा होने के बाद उन्हें एक कोड दिया गया और उस कोड को वेबसाइट पर डालने के बाद लाटरी पाने का अगला पड़ाव खुल गया। फिर से पैसे जमा कराने के लिए फोन आया, ताकि इस पड़ाव का कोड मिल सके। भूपेंद्र ने छह बार पंचकूला के अलग-अलग निजी बैंकों में 14 लाख जमा करा दिए। पैसे जमा कराने के बाद लाटरी का इंतजार किया, लेकिन न तो कोई फोन आया और न ही कोई ई-मेल। जिन विदेशी नंबरों से फोन आता था, उन पर अब संपर्क नहीं हो रहा था। इसके बाद भूपेंद्र रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की चंडीगढ़ ब्रांच में पहुंचे, जहां से पता चला कि यह सब फर्जी है। इंडियन बैंक नाम जैसी कोई चीज नहीं है। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
बचाव जरूरी
साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक इस तरह की ई-मेल्स बोगस होती हैं, जिन्हें फिशरी मेल भी कहा जाता है। इनके चक्कर में कभी नहीं फंसना चाहिए। ऐसी मेल को ओपन करने मात्र से ही आपका पूरा बायोडाटा हैक हो सकता है। लिहाजा इस तरह की मेल न तो कभी ओपन करनी चाहिए और न ही कभी इनका जवाब देना चाहिए।
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पुलिस के मुताबिक बलटाना निवासी भूपेंद्र धीर पंचकूला में एलआईसी और म्यूचुअल फंड इंवेस्टर का काम करते थे। पिछले साल उन्हें एक-दो ई-मेल आईं जिसमें कहा गया कि उनकी पांच करोड़ की लाटरी निकली है। ई-मेल में एक इंडियन बैंक की साइट का लिंक दिया गया था, जिस पर क्लिक करके कुछ निर्देश पूरे करने के लिए कहा गया। भूपेंद्र इस लालच में आ गए और उन्होंने उस लिंक को ओपन किया। भूपेंद्र ने उसमें अपना पूरा ब्यौरा वेबसाइट पर डाल दिया। कुछ दिन बाद चीन से फोन आया और लाटरी के पहले पड़ाव को पार करने के लिए दो लाख जमा कराने की बात कही गई और अकाउंट नंबर भी दिया गया। भूपेंद्र ने ऐसा ही किया। पैसे जमा होने के बाद उन्हें एक कोड दिया गया और उस कोड को वेबसाइट पर डालने के बाद लाटरी पाने का अगला पड़ाव खुल गया। फिर से पैसे जमा कराने के लिए फोन आया, ताकि इस पड़ाव का कोड मिल सके। भूपेंद्र ने छह बार पंचकूला के अलग-अलग निजी बैंकों में 14 लाख जमा करा दिए। पैसे जमा कराने के बाद लाटरी का इंतजार किया, लेकिन न तो कोई फोन आया और न ही कोई ई-मेल। जिन विदेशी नंबरों से फोन आता था, उन पर अब संपर्क नहीं हो रहा था। इसके बाद भूपेंद्र रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की चंडीगढ़ ब्रांच में पहुंचे, जहां से पता चला कि यह सब फर्जी है। इंडियन बैंक नाम जैसी कोई चीज नहीं है। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
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बचाव जरूरी
साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक इस तरह की ई-मेल्स बोगस होती हैं, जिन्हें फिशरी मेल भी कहा जाता है। इनके चक्कर में कभी नहीं फंसना चाहिए। ऐसी मेल को ओपन करने मात्र से ही आपका पूरा बायोडाटा हैक हो सकता है। लिहाजा इस तरह की मेल न तो कभी ओपन करनी चाहिए और न ही कभी इनका जवाब देना चाहिए।
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