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Panchkula News: 85 बड़े प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टर नगर निगम में तलब
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पंचकूला। दो बार नोटिस देने के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स बकाया जमा नहीं करने वाले करीब 85 बड़े डिफॉल्टरों पर नगर निगम ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। निगम ने इन्हें तीसरा और अंतिम नोटिस जारी कर 5 अक्टूबर को पेश होने के निर्देश दिए हैं। पेश नहीं होने पर अचल संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन पर करीब 10 करोड़ रुपये का बकाया है।
नगर निगम आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि अंतिम नोटिस के बाद अचल संपत्ति अटैच करने और उसकी बिक्री की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ज्यादातर डिफॉल्टर कमर्शियल श्रेणी के हैं। सरकारी संपत्तियों के बकाये को लेकर संबंधित विभागों के प्रमुखों को पत्र भेजे जा रहे हैं और भुगतान के लिए बातचीत भी जारी है।
एचएसवीपी सबसे बड़ा सरकारी डिफॉल्टर
निगम के अनुसार सरकारी विभागों में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पर विभिन्न इमारतों का पुराना प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इसके अलावा कई सरकारी कॉलेज, बैंक और अन्य संस्थान भी डिफॉल्टरों की सूची में शामिल हैं।
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नई प्रणाली में कलेक्टर रेट से गणना
हरियाणा सरकार ने नई प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट प्रणाली लागू की है। इसके तहत 1 अगस्त से कलेक्टर रेट के आधार पर टैक्स की गणना होनी है। पुरानी प्रणाली के तहत बकाया जमा करने के लिए 1 से 31 अगस्त तक का समय दिया गया था। 2010-11 से 2024-25 तक के बकाये पर 75 प्रतिशत ब्याज छूट भी दी गई थी, लेकिन कई डिफॉल्टरों ने भुगतान नहीं किया।
जून में जारी हुए थे नोटिस
निगम ने 5 जून को दो लाख से अधिक बकाया वाले करीब 750 मालिकों को पहला नोटिस दिया था। इसके बाद 6 अगस्त को दूसरा नोटिस जारी हुआ। पिछले महीने तक 608 निजी संपत्तियों पर करीब 25 करोड़ और 76 सरकारी संपत्तियों पर करीब 11 करोड़ रुपये बकाया था। 31 अगस्त तक के डिफॉल्टरों की नई सूची तैयार की जा रही है।
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नगर निगम आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि अंतिम नोटिस के बाद अचल संपत्ति अटैच करने और उसकी बिक्री की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ज्यादातर डिफॉल्टर कमर्शियल श्रेणी के हैं। सरकारी संपत्तियों के बकाये को लेकर संबंधित विभागों के प्रमुखों को पत्र भेजे जा रहे हैं और भुगतान के लिए बातचीत भी जारी है।
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एचएसवीपी सबसे बड़ा सरकारी डिफॉल्टर
निगम के अनुसार सरकारी विभागों में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पर विभिन्न इमारतों का पुराना प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इसके अलावा कई सरकारी कॉलेज, बैंक और अन्य संस्थान भी डिफॉल्टरों की सूची में शामिल हैं।
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नई प्रणाली में कलेक्टर रेट से गणना
हरियाणा सरकार ने नई प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट प्रणाली लागू की है। इसके तहत 1 अगस्त से कलेक्टर रेट के आधार पर टैक्स की गणना होनी है। पुरानी प्रणाली के तहत बकाया जमा करने के लिए 1 से 31 अगस्त तक का समय दिया गया था। 2010-11 से 2024-25 तक के बकाये पर 75 प्रतिशत ब्याज छूट भी दी गई थी, लेकिन कई डिफॉल्टरों ने भुगतान नहीं किया।
जून में जारी हुए थे नोटिस
निगम ने 5 जून को दो लाख से अधिक बकाया वाले करीब 750 मालिकों को पहला नोटिस दिया था। इसके बाद 6 अगस्त को दूसरा नोटिस जारी हुआ। पिछले महीने तक 608 निजी संपत्तियों पर करीब 25 करोड़ और 76 सरकारी संपत्तियों पर करीब 11 करोड़ रुपये बकाया था। 31 अगस्त तक के डिफॉल्टरों की नई सूची तैयार की जा रही है।