फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   आधी ताकत के बल पर आसमान छूने की तैयारी

आधी ताकत के बल पर आसमान छूने की तैयारी

Mon, 11 Feb 2019 02:11 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Mon, 11 Feb 2019 02:11 AM IST
विज्ञापन
आधी ताकत के बल पर आसमान छूने की तैयारी
पीयू में शिक्षकों की आधी सीटें खाली
विज्ञापन


-विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ साथ पीयू की रैकिंग पर भी पड़ रहा असर
- कर्मचारियों के 1000 पद भी खाली, कार्य की गुणवत्ता हो रही प्रभावित


सुशील कुमार
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी का दुनियाभर में डंका बजता है। चाहे शिक्षा की गुणवत्ता की बात हो या फिर यहां के रिसर्च की, हर मामले में पीयू ने बाजी मारी है। इतना सब कुछ होने के बावजूद अफसोस की बात है कि यहां आधे से अधिक शिक्षकों व कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं। इस वजह से शिक्षकों और कर्मचारियों पर लगातार भार बढ़ रहा है। इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ साथ पीयू की रैकिंग पर भी पड़ रहा है। अगर समय रहते नई भर्तियां नहीं की गईं तो हालात कुछ अलग होंगे।

आंकड़े बोलते हैं..
शिक्षकों के स्वीकृत पद : 1377
तैनात शिक्षक : 700
खाली पद : 677

कर्मचारियों के स्वीकृत पद : 3300
तैनात कर्मचारी : 2300
खाली पद : 1000
क्लर्क से लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार तक की तैनाती 1100
खाली पद : 650

छात्रों की संख्या एक नजर में
पंजाब यूनिवर्सिटी से 196 कॉलेज संबद्ध हैं। इन कॉलेजों में दो लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसके अलावा हर साल 1.50 लाख विद्यार्थी प्राइवेट फार्म भरते हैं। यूसोल डिपार्टमेंट से 50 हजार विद्यार्थी रिकॉर्ड में हैं। साथ ही पीयू कैंपस के भी 15 से 16 हजार विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। कुल छात्रों की संख्या देखी जाए तो 4.15 लाख है। छात्रों की संख्या के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है। पीयू कैंपस को भी शिक्षक पूरे चाहिए लेकिन गैस फैकल्टी आदि से काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन


इनसेट--
ये पड़ रहा है असर
- शिक्षा की गुणवत्ता हो रही है प्रभावित
- समय पर रिसर्च प्रोजेक्ट नहीं हो पा रहे पूरे
- कर्मचारियों पर काम के चलते बढ़ रहा तनाव
- रिजल्ट आदि समय से निकालना बना चुनौती
- कार्यों में भी हो रही है देरी

सभी के फोटो

नहीं निकल रहा सकारात्मक परिणाम
कर्मचारियों के लगभग एक हजार पद खाली चल रहे हैं। वर्तमान में 400 पद भरे जाने चाहिए। इसके लिए कई बार ज्ञापन आदि दिए गए, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकले।
विज्ञापन
विज्ञापन

-दीपक कौशिक, अध्यक्ष, पीयू एम्प्लाइज यूनियन

जल्द लेना चाहिए निर्णय
कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण अन्य कर्मियों पर भार पड़ रहा है। ऐसे में कार्य की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। पीयू प्रशासन को इसको लेकर जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए।
-हरप्रीत सिंह, अध्यक्ष, एससी, एसटी व ओबीसी एसोसिएशन

677 पद पड़े हैं रिक्त
पीयू में पुटा चुनाव के दौरान शिक्षकों की संख्या लगभग 700 थी। अभी 677 पद अभी रिक्त पड़े हैं। यदि यह पद भरे जाएं तो विद्यार्थियों को और लाभ मिलेगा।
-प्रो. राजेश गिल, अध्यक्ष पुटा

एमएचआरडी को है भेजा प्रस्ताव
खाली पदों को भरने के लिए प्रयास चल रहे हैं। एमएचआरडी को प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही वहां से हरी झंडी मिलेगी तो आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed