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एक हजार मरीजों ने उठाया कैंप का लाभ
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:27 AM IST
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फोटो समाचार
एक हजार मरीजों ने कैंप का उठाया लाभ
आईएमए व अन्य संस्थाओं की ओर से ट्राइसिटी में डायबिटीज की रोकथाम के लिए कैंप का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, चंडीगढ़ आप्थलमोलॉजिकल सोसाइटी व चंडीगढ़ एसोसिएशन आफ पैथालाजिस्ट एंड माइक्रोबायोलाजिस्ट की ओर से शुक्रवार को डायबिटीज पेशेंट की आंखों और शुगर कंट्रोल का होने वाला एचबीएवनसी टेस्ट के लिए पूरे ट्राइसिटी में 40 से ज्यादा कैंप का आयोजन किया गया। इन कैंपों में एक हजार से ज्यादा मरीजों ने फायदा उठाया। आंखों की जांच मुफ्त में हुई, जबकि एचबीएवनसी टेस्ट के लिए 50 फीसदी छूट दी गई। आईएमए के इस कैंपेन का उद्घाटन जीएमसीएच 32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन ने किया। उन्होंने आईएमए के प्रयास की सराहना की।
उन्होंने कहा कि डायबिटीज ताउम्र चलने वाली बीमारी है। इससे शरीर के दूसरे अंगों पर भी प्रभाव पड़ता है। ऐसे में समय-समय पर चेकअप जरूरी होता है। मेडिकल कालेज के आप्थलमोलाजी डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुबीना नारंग ने बताया कि डायबिटीज का सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ता है। इससे आंखों की धीरे-धीरे रोशनी जाती रहती है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को शुगर कंट्रोल रखनी पड़ेगी। साथ ही रेगुलर एचबीएनवनसी टेस्ट भी करवाने होंगे।
आईएमए के प्रेसिडेंट डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि यह पहली बार है कि ट्राइसिटी में एक साथ 40 से ज्यादा सेंटरों में जांच कैंप का आयोजन किया गया है। इस कैंम्पेन में जीएमसीएच-32 का भी सहयोग रहा है। भारत में डायबिटीज के केस लगातार बढ़ रहे हैं। करीब सात करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित है। इनमें से एक करोड़ लोग रेटिनोपैथी से पीड़ित हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और एसोसिएशन ऑफ आप्थमोलाजिस्ट ने डायबिटीज के प्रति जागरूकता और बीमारी को कंट्रोल करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कैम्पेन लांच किया है। इसी के तहत शुक्रवार को मेगा कैंप का आयोजन किया गया।
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एक हजार मरीजों ने कैंप का उठाया लाभ
आईएमए व अन्य संस्थाओं की ओर से ट्राइसिटी में डायबिटीज की रोकथाम के लिए कैंप का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, चंडीगढ़ आप्थलमोलॉजिकल सोसाइटी व चंडीगढ़ एसोसिएशन आफ पैथालाजिस्ट एंड माइक्रोबायोलाजिस्ट की ओर से शुक्रवार को डायबिटीज पेशेंट की आंखों और शुगर कंट्रोल का होने वाला एचबीएवनसी टेस्ट के लिए पूरे ट्राइसिटी में 40 से ज्यादा कैंप का आयोजन किया गया। इन कैंपों में एक हजार से ज्यादा मरीजों ने फायदा उठाया। आंखों की जांच मुफ्त में हुई, जबकि एचबीएवनसी टेस्ट के लिए 50 फीसदी छूट दी गई। आईएमए के इस कैंपेन का उद्घाटन जीएमसीएच 32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन ने किया। उन्होंने आईएमए के प्रयास की सराहना की।
उन्होंने कहा कि डायबिटीज ताउम्र चलने वाली बीमारी है। इससे शरीर के दूसरे अंगों पर भी प्रभाव पड़ता है। ऐसे में समय-समय पर चेकअप जरूरी होता है। मेडिकल कालेज के आप्थलमोलाजी डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुबीना नारंग ने बताया कि डायबिटीज का सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ता है। इससे आंखों की धीरे-धीरे रोशनी जाती रहती है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को शुगर कंट्रोल रखनी पड़ेगी। साथ ही रेगुलर एचबीएनवनसी टेस्ट भी करवाने होंगे।
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आईएमए के प्रेसिडेंट डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि यह पहली बार है कि ट्राइसिटी में एक साथ 40 से ज्यादा सेंटरों में जांच कैंप का आयोजन किया गया है। इस कैंम्पेन में जीएमसीएच-32 का भी सहयोग रहा है। भारत में डायबिटीज के केस लगातार बढ़ रहे हैं। करीब सात करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित है। इनमें से एक करोड़ लोग रेटिनोपैथी से पीड़ित हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और एसोसिएशन ऑफ आप्थमोलाजिस्ट ने डायबिटीज के प्रति जागरूकता और बीमारी को कंट्रोल करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कैम्पेन लांच किया है। इसी के तहत शुक्रवार को मेगा कैंप का आयोजन किया गया।
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