फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   जहां सबसे ज्यादा साइक्लिस्ट वहां साइकिल ट्रैक ही नहीं

जहां सबसे ज्यादा साइक्लिस्ट वहां साइकिल ट्रैक ही नहीं

Thu, 14 Feb 2019 02:27 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Thu, 14 Feb 2019 02:27 AM IST
विज्ञापन
जहां सबसे ज्यादा साइक्लिस्ट वहां साइकिल ट्रैक ही नहीं
स्मार्ट सिटी का ये कैसा मॉडल : जहां सबसे ज्यादा साइक्लिस्ट वहां साइकिल ट्रैक ही नहीं
विज्ञापन


- इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में नहीं कोई साइकिल ट्रैक
- लोग बस, ट्रक व हैवी व्हीकल्स के बीच साइकिल चलाने को मजबूर

रिशु राज सिंह
चंडीगढ़। प्रशासन ने शहर में साइकिल ट्रैक का जाल तो बिछा दिया, लेकिन शहर का पूर्वी भाग जहां सबसे ज्यादा साइक्लिस्ट बसते हैं, वहां कोई साइकिल ट्रैक ही नहीं है। पूरे शहर में जितने लोग साइकिल चलाते हैं, उससे कहीं ज्यादा साइक्लिस्ट इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में नजर आते हैं। वहीं, शहर के कई ऐसे हिस्से भी हैं का वो हिस्सा जहां इक्का दुक्का लोग ही साइकिल पर नजर आते हैं, वहां न के बराबर जगह होने के बावजूद भी साइकिल ट्रैक बनाए गए हैं। स्मार्ट सिटी का ये कैसा मॉडल है?
इंडस्ट्रियल एरिया होने की वजह से इस हिस्से में बस, ट्रक व कई हैवी व्हीकल भी सड़कों पर दौड़ते हैं। इन गाड़ियों के साथ ही साइकिल सवार भी चलने को मजबूर हैं। साइक्लिस्टों को जान का खतरा हर वक्त बना रहता है लेकिन क्या करे, कोई विकल्प नहीं है। प्रशासन का यह कैसा रवैया है, क्यों इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 के साथ भेदभाव किया गया।
विज्ञापन


साइक्लिस्ट के लिए चौक पार करना सबसे जोखिम भरा
हल्लोमाजरा, रामदरबार, कॉलोनी नंबर-4, दड़वा आदि जगहों पर रहने वाले हजारों लोग रोजाना सुबह एलांते मॉल, एमडब्ल्यू, संजय कालोनी, प्रेस साइट व वहां स्थित सैकड़ों अन्य फैक्ट्रियों में काम करने के लिए साइकिल पर निकलते हैं। ज्यादातर फेज-1 और 2 स्थित फैक्ट्रियों में काम करते हैं। इनमें से काफी संख्या में साइकिलों पर ही निकलते हैं। वहीं कई ऐसे भी हैं जो पैदल जाते हैं। सुबह के समय इन साइकिल सवारों के लिए हल्लोमाजरा चौक पार करना काफी जोखिम रहता है। शहर का एंट्री प्लाइंट होने के चलतेे सुबह और शाम भारी संख्या में गाड़ियां गुजरती हैं। इन गाड़ियों के बीच बचते बचाते हर सुबह हजारों की संख्या में साइक्लिस्ट निकलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पैदल चलनेे के लायक नहीं इंडस्ट्रियल एरिया के फुटपाथ
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 जाकर ऐसा लगता है मानों यह चंडीगढ़ का हिस्सा ही नहीं है। टूटी फूटी सड़कें, फुटपाथ ऐसे जिन पर पैदल चलना आफत को दावत देने के बराबर है। हर कुछ फुट की दूरी पर फुटपाथ टूटा हुआ है। कहीं गड्ढा तो कहीं हिस्सा की गायब है। रामदरबार, हल्लोमाजरा, कॉलोनी नंबर-4 से काफी संख्या में लोग एलांते मॉल, एमडब्ल्यू, संजय कालोनी, प्रेस साइट व वहां स्थित सैकड़ों अन्य फैक्ट्रियों में काम करने के लिए पैदल भी जाते हैं। फुटपाथों की हालत इतनी बदतर है कि लोग सड़क पर चलने को मजबूर हैं और इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों पर चलना मौत को दावत देने के बराबर है। ऐसे में कोई हादसा होता है तो किसकी जिम्मेदारी होगी?

चौक पर न सीसीटीवी कैमरा न जेब्रा कॉर्सिंग
एक्सीडेंट प्रोन एरिया होने के बावजूद भी हल्लोमाजरा चौक स्थित रेड लाइट्स पर न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही जेब्रा कॉर्सिंग है जबकि इस चौक पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। जीरकपुर आने और जाने वालों के लिए यहा रास्ता है, इसलिए सुबह और शाम के समय यहां लंबा जाम भी लगता है।

---वर्जन---
चौक पार करने में लगता है डर
मैं बुड्ढनपुर में रहता हूं। इंडस्ट्रियल एरिया के 80 नंबर प्लॉट में काम करता हूं। रोज फैक्ट्री पहुंचने में करीब 45 मिनट लगते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा डर हल्लोमाजरा चौक पर लगता है। बाकी जगह साइकिल ट्रैक बना दिए तो यहां सबसे ज्यादा जरूरी है, यहां तो बनना ही चाहिए। - संदीप, मजदूर

शौक से साइकिल चलाने वालों के लिए ही बनाए ट्रैक
मैं कॉलोनी नं-4 में रहता हूं। रोजाना साइकिल चलाकर फैक्ट्री जाता हूं। इस एरिया में साइकिल ट्रैक ही नहीं है। जबकि पूरे शहर में ट्रैक बना दिए हैं। जहां लोग शौक से साइकिल चलाते हैं उनके लिए ट्रैक है लेकिन जो मजबूरी में चलाते हैं उनके लिए कुछ भी नहीं। - कमलेश, मजदूर

शहर के कुछ हिस्सों में ही विकास
रोजाना 40 मिनट साइकिल चलाकर 80 नंबर प्लॉट में पहुंचता हूं। मैंने देखा है शहर के बाकी हिस्सों में तो अच्छे साइकिल ट्रैक बने हुए हैं, लेकिन इंडस्ट्रियल एरिया में जहां बहुत से लोग साइकिल ही चलाते हैं, यहां ट्रैक ही नहीं बने हैं। - राकेश, मजदूर


अभी कोई प्रस्ताव नहीं
पूरे शहर में साइकिल ट्रैक्स बना दिए गए हैं। कुछ बाकी रह गए हैं, उन्हें भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इंडस्ट्रियल एरिया में साइकिल ट्रैक बनानेे को लेकर अभी कोई प्रस्ताव नहीं हैं। एरिया का सर्वे कराया जाएगा। - मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed