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ओलंपिक में पदक जीतना टारगेट
Updated Mon, 15 Oct 2018 02:08 AM IST
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नोट- संबधित फोटो वर्मा जी से ले
पिता के कैंसर की खबर से टूट गया था, लेकिन कोच की सलाह से मिला गोल्ड मेडल
तेजिन्द्र पाल सिंह तूर बोले- ओलंपिक में मेडल जीतना मेरा लक्ष्य
तेजिन्द्र ने एशियन गेम्स में जीत चुके हैं गोल्ड
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पिता को कैंसर की खबर ने मेरे पैर तले जमीन खिसक दी थी। तकरीबन 15 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ा, जिसके बाद शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो गया। लेकिन अभ्यास करता रहा। इस बीच मुझे धर्मशाला जाना पड़ा और वहां अभ्यास के दौरान एंकल में इंजरी हो गई। तब ऐसा लगा कि एशियन गेम्स में नहीं खेल पाऊंगा। लेकिन साई के कोच महेंन्द्र सिंह ढिल्लों के प्रयासों के बाद में इंजरी से उभरा और पदक जीतने में सफल रहा। यह बात एशियन गोल्ड मेडलिस्ट शॉटपुट खिलाड़ी तेजिन्द्र पाल सिंह तूर ने रविवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में एथलीट मीट के उद्धाटन के दौरान कही। इस अवसर पर वे मुख्य मेहमान थे। उन्होंने कहा- तेज गेंदबाजी छोड़कर शॉटपुट चुनने का फैसला मेरे लिए बेहतर रहा। पहले मुझे गली क्रिकेट तथा जिला स्तर पर तेज गेंदबाजी करना बेहतर लगता था। लेकिन पिता के कहने पर मैंने शॉटपुट खेलना शुरू किया। मुझे शुरुआती ट्रेनिंग मेरे चाचा ने दी। वे खुद भी नेशनल स्तर के शॉटपुट खिलाड़ी हैं। इसके बाद मैंने नेशनल में पदक जीतना शुरू कर दिया। कई महत्वपूर्ण चैंपिंयनशिप में पदक जीतकर मैंने खुद को साबित किया। इसके बाद मुझे इंटरनेशनल स्तर पर खेलने का मौका मिला।
ओलंपिक में पदक जीतना टारगेट
तेजिंन्द्र पाल सिंह तूर ने कहा कि एशियन गेम्स में पदक जीतने के बाद अब मेरा अगला टारगेट ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। इसके लिए अभी से तैयारियंा शुरू कर दी है।
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पिता के कैंसर की खबर से टूट गया था, लेकिन कोच की सलाह से मिला गोल्ड मेडल
तेजिन्द्र पाल सिंह तूर बोले- ओलंपिक में मेडल जीतना मेरा लक्ष्य
तेजिन्द्र ने एशियन गेम्स में जीत चुके हैं गोल्ड
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पिता को कैंसर की खबर ने मेरे पैर तले जमीन खिसक दी थी। तकरीबन 15 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ा, जिसके बाद शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो गया। लेकिन अभ्यास करता रहा। इस बीच मुझे धर्मशाला जाना पड़ा और वहां अभ्यास के दौरान एंकल में इंजरी हो गई। तब ऐसा लगा कि एशियन गेम्स में नहीं खेल पाऊंगा। लेकिन साई के कोच महेंन्द्र सिंह ढिल्लों के प्रयासों के बाद में इंजरी से उभरा और पदक जीतने में सफल रहा। यह बात एशियन गोल्ड मेडलिस्ट शॉटपुट खिलाड़ी तेजिन्द्र पाल सिंह तूर ने रविवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में एथलीट मीट के उद्धाटन के दौरान कही। इस अवसर पर वे मुख्य मेहमान थे। उन्होंने कहा- तेज गेंदबाजी छोड़कर शॉटपुट चुनने का फैसला मेरे लिए बेहतर रहा। पहले मुझे गली क्रिकेट तथा जिला स्तर पर तेज गेंदबाजी करना बेहतर लगता था। लेकिन पिता के कहने पर मैंने शॉटपुट खेलना शुरू किया। मुझे शुरुआती ट्रेनिंग मेरे चाचा ने दी। वे खुद भी नेशनल स्तर के शॉटपुट खिलाड़ी हैं। इसके बाद मैंने नेशनल में पदक जीतना शुरू कर दिया। कई महत्वपूर्ण चैंपिंयनशिप में पदक जीतकर मैंने खुद को साबित किया। इसके बाद मुझे इंटरनेशनल स्तर पर खेलने का मौका मिला।
ओलंपिक में पदक जीतना टारगेट
तेजिंन्द्र पाल सिंह तूर ने कहा कि एशियन गेम्स में पदक जीतने के बाद अब मेरा अगला टारगेट ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। इसके लिए अभी से तैयारियंा शुरू कर दी है।
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