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बड़ा फैसलाः हाईकोर्ट के चारो ओर नहीं बनेगी 7 फीट ऊंची दीवार, सीआईएसएफ करेगी सुरक्षा
Thu, 28 Nov 2019 01:51 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 01:51 PM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सुरक्षा के मद्देनजर सात फीट ऊंची दीवार नहीं बनेगी। सिर्फ कुछ हिस्से में दीवार बनाई जाएगी जबकि बाकी जगह पहले से लगी कंटीली तारों को ठीक किया जाएगा। साथ ही हाईकोर्ट को सुरक्षित रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने बुधवार को हेरिटेज कमेटी के साथ हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। हाईकोर्ट के चारों ओर दीवार नहीं बनाने के पीछे प्रशासन का तर्क है कि यह दीवार हाईकोर्ट बिल्डिंग के हेरिटेज स्टेट्स के खिलाफ होगी।
हेरिटेज की सब-कमेटी ने पूरे इलाके का सर्वे किया है। उन्होंने पाया कि हाईकोर्ट के ज्यादातर हिस्से से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती, क्योंकि वह भी हेरिटेज का हिस्सा है। हालांकि कुछ हिस्से जहां जंगली इलाका है, वहां पर दीवार बनाई जा सकती है। बाकी के हिस्सों को सुरक्षित करने के लिए दीवार बनाने की बजाय कंटीली तारें लगाई जाएंगी और जहां-जहां पहले से तारें लगी हुई हैं, उन्हें ठीक किया जाएगा। इसके अलावा हाईकोर्ट को पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए सीसीटीवी की संख्या बढ़ाई जाएगी। एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि इन सभी के लिए हाईकोर्ट की सुरक्षा कमेटी के सदस्यों ने भी हामी भरी है।
आईटीबीपी के जवान हटेंगे, सीआईएसएफ ही करेगी हाईकोर्ट की सुरक्षा
एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि वर्तमान में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बिल्डिंग की एक तरफ की सुरक्षा की जिम्मेदारी आईटीबीपी के पास है, जबकि दूसरी तरफ की जिम्मेदारी सीआईएसएफ के पास है। इस पर चंडीगढ़ पुलिस ने सुझाव दिया था कि दो अलग-अलग फोर्स की बजाय एक को ही सारी जिम्मेदारी दे देनी चाहिए। इस सुझाव को चंडीगढ़ प्रशासन ने मान लिया है। जानकारी के अनुसार, अब आईटीबीपी के जवानों को हटाकर पूरी हाईकोर्ट बिल्डिंग की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ जवानों को सौंप दी जाएगी।
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हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी ने प्रशासन को दिए थे यह आदेश
हाईकोर्ट को मिल रही धमकियों के बाद 25 अक्तूबर को जस्टिस राजीव शर्मा की अध्यक्षता में हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें हाईकोर्ट भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फीट ऊंची दीवार और उसके ऊपर कंटीली तार लगाने के आदेश जारी किए गए थे। साथ ही कमेटी ने कहा कि हाईकोर्ट भवन सुरक्षित नहीं है, यहां कोई भी बाहरी प्रवेश कर सकता है। कमेटी ने चंडीगढ़ प्रशासन को तीन हफ्ते के अंदर चारदीवारी बनाने के आदेश दिए थे।
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हेरिटेज की सब-कमेटी ने पूरे इलाके का सर्वे किया है। उन्होंने पाया कि हाईकोर्ट के ज्यादातर हिस्से से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती, क्योंकि वह भी हेरिटेज का हिस्सा है। हालांकि कुछ हिस्से जहां जंगली इलाका है, वहां पर दीवार बनाई जा सकती है। बाकी के हिस्सों को सुरक्षित करने के लिए दीवार बनाने की बजाय कंटीली तारें लगाई जाएंगी और जहां-जहां पहले से तारें लगी हुई हैं, उन्हें ठीक किया जाएगा। इसके अलावा हाईकोर्ट को पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए सीसीटीवी की संख्या बढ़ाई जाएगी। एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि इन सभी के लिए हाईकोर्ट की सुरक्षा कमेटी के सदस्यों ने भी हामी भरी है।
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आईटीबीपी के जवान हटेंगे, सीआईएसएफ ही करेगी हाईकोर्ट की सुरक्षा
एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि वर्तमान में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बिल्डिंग की एक तरफ की सुरक्षा की जिम्मेदारी आईटीबीपी के पास है, जबकि दूसरी तरफ की जिम्मेदारी सीआईएसएफ के पास है। इस पर चंडीगढ़ पुलिस ने सुझाव दिया था कि दो अलग-अलग फोर्स की बजाय एक को ही सारी जिम्मेदारी दे देनी चाहिए। इस सुझाव को चंडीगढ़ प्रशासन ने मान लिया है। जानकारी के अनुसार, अब आईटीबीपी के जवानों को हटाकर पूरी हाईकोर्ट बिल्डिंग की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ जवानों को सौंप दी जाएगी।
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हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी ने प्रशासन को दिए थे यह आदेश
हाईकोर्ट को मिल रही धमकियों के बाद 25 अक्तूबर को जस्टिस राजीव शर्मा की अध्यक्षता में हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें हाईकोर्ट भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फीट ऊंची दीवार और उसके ऊपर कंटीली तार लगाने के आदेश जारी किए गए थे। साथ ही कमेटी ने कहा कि हाईकोर्ट भवन सुरक्षित नहीं है, यहां कोई भी बाहरी प्रवेश कर सकता है। कमेटी ने चंडीगढ़ प्रशासन को तीन हफ्ते के अंदर चारदीवारी बनाने के आदेश दिए थे।