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सीबीएसई परिणाम : पंचकूला रीजन में चंडीगढ़ सबसे पीछे
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चंडीगढ़। सीबीएसई बारहवीं के परीक्षा परिणाम में चंडीगढ़ सबसे पीछे रहा है। पंचकूला रीजन में चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर के स्कूल आते हैं। इस बार चंडीगढ़ का ओवरऑल परिणाम 84.81 फीसदी रहा, जो पूरे रीजन में सबसे निचले स्तर पर रहा। रीजन में पहले स्थान पर जम्मू-कश्मीर रहा, जिसका ओवरऑल परिणाम 95.16 फीसदी रहा। दूसरे स्थान पर हिमाचल (89.75), तीसरे स्थान पर हरियाणा (88.38), चौथे स्थान पर पंजाब (86.26), पांचवें स्थान पर ट्राइसिटी रहा। इस बार ट्राइसिटी के स्कूलों का भी एक संयुक्त परिणाम घोषित किया गया, जो 85.28 फीसदी रहा। आखिरी पायदान पर चंडीगढ़ (84.81) रहा।
चंडीगढ़ भले ही पंचकूला रीजन में सबसे पीछे रहा हो, लेकिन पिछली बार के मुकाबले इस बार सुधार देखने को मिला है। पिछली बार चंडीगढ़ का ओवरऑल परिणाम 79.35 फीसदी था, जबकि इस बार करीब साढ़े पांच फीसदी बढ़त के साथ 84.81 फीसदी दर्ज किया गया। इस बढ़त के पीछे चंडीगढ़ के शिक्षा अधिकारियों और टीचरों का योगदान रहा है। पिछली बार रिजल्ट खराब होने के बाद शिक्षा अधिकारियों ने टीचरों की जवाबदेही तय कर दी। निगरानी बढ़ा दी गई। सख्त हिदायत दी गई कि रिजल्ट खराब होने पर कार्रवाई भी हो सकती है। टीचरों ने भी छात्रों के साथ मेहनत की और रिजल्ट में बढ़ोतरी दर्ज की।
लड़कियां फिर आगे रहीं
चंडीगढ़ के स्कूलों में लड़कियों ने एक बार फिर से बाजी मारी है। लड़कियों का परिणाम 88.68 फीसदी रहा, जबकि लड़कों का परिणाम 81.67 फीसदी दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में कुल 11099 लड़कों ने परीक्षा दी, इनमें से 9064 पास हुए। 9031 लड़कियों ने परीक्षा दी, इनमें से 8009 पास हुईं। केंद्रीय विद्यालय के परिणाम में लड़कों का परिणाम सौ फीसदी रहा है, जबकि लड़कियों का परिणाम 99.63 रहा है। जवाहर नवोदय विद्यालय का रिजल्ट सौ फीसदी रहा है।
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कोट
इस बार का परिणाम छात्रों, टीचर और प्रिंसिपल की मेहनत का नतीजा रहा है। आगे भी इसी तरह के प्रयास जारी रहेंगे।
- बीएल शर्मा, शिक्षा सचिव, चंडीगढ़।
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चंडीगढ़ भले ही पंचकूला रीजन में सबसे पीछे रहा हो, लेकिन पिछली बार के मुकाबले इस बार सुधार देखने को मिला है। पिछली बार चंडीगढ़ का ओवरऑल परिणाम 79.35 फीसदी था, जबकि इस बार करीब साढ़े पांच फीसदी बढ़त के साथ 84.81 फीसदी दर्ज किया गया। इस बढ़त के पीछे चंडीगढ़ के शिक्षा अधिकारियों और टीचरों का योगदान रहा है। पिछली बार रिजल्ट खराब होने के बाद शिक्षा अधिकारियों ने टीचरों की जवाबदेही तय कर दी। निगरानी बढ़ा दी गई। सख्त हिदायत दी गई कि रिजल्ट खराब होने पर कार्रवाई भी हो सकती है। टीचरों ने भी छात्रों के साथ मेहनत की और रिजल्ट में बढ़ोतरी दर्ज की।
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लड़कियां फिर आगे रहीं
चंडीगढ़ के स्कूलों में लड़कियों ने एक बार फिर से बाजी मारी है। लड़कियों का परिणाम 88.68 फीसदी रहा, जबकि लड़कों का परिणाम 81.67 फीसदी दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में कुल 11099 लड़कों ने परीक्षा दी, इनमें से 9064 पास हुए। 9031 लड़कियों ने परीक्षा दी, इनमें से 8009 पास हुईं। केंद्रीय विद्यालय के परिणाम में लड़कों का परिणाम सौ फीसदी रहा है, जबकि लड़कियों का परिणाम 99.63 रहा है। जवाहर नवोदय विद्यालय का रिजल्ट सौ फीसदी रहा है।
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इस बार का परिणाम छात्रों, टीचर और प्रिंसिपल की मेहनत का नतीजा रहा है। आगे भी इसी तरह के प्रयास जारी रहेंगे।
- बीएल शर्मा, शिक्षा सचिव, चंडीगढ़।