{"_id":"5cb63a3bbdec2213e76c408a","slug":"61555446331-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैरामेडिकल काउंसिल बने तो अवैध लेबोरेटरी पर लगाम कसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैरामेडिकल काउंसिल बने तो अवैध लेबोरेटरी पर लगाम कसे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेक्टर 32 स्थित मेडिकल कालेज के आडिटोरियम में मंगलवार को आल इंडिया मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट एसोसिएशन की स्टेट यूनिट की ओर से वर्ल्ड बायोमेडिकल लैबोरेटरी साइंस डे मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मेडिकल कालेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रोफेसर बीएस चवन ने किया। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. जी दीवान व मेडिकल कालेज के सुपरिंटेंडेंट डा. जी दीवान कार्यक्रम में गेस्ट आफ ऑनर के तौर पर मौजूद रहे। इस मौके पर एसोसिएशन के राज्य सचिव रॉकी डेनियल ने कहा कि उनकी संस्था की मेंबरशिप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य है। इसका गठन 1970 में हुआ था, जो देश की सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक है।
लैबोरेटरी में जो भी आधुनिक मशीनें या टेक्नोलॉजी आती है उसे संस्था जनता तक लेकर जाती है। उन्होंने कहा कि अब तक पैरामेडिकल काउंसिल नहीं बन पाई है, जबकि इस संबंध में लोकसभा और राज्यसभा में बिल पास हो चुका है। पैरामेडिकल काउंसिल नहीं बनने से गली कूचे में अवैध रूप से लैबोरेटरी खुलती जा रही हैं, जो बिना किसी मानक के मरीजों का टेस्ट करती हैं। यहां तक कि उनकी जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि पैरामेडिकल काउंसिल जल्द से जल्द बननी चाहिए ताकि अवैध लैबोरेटरियों पर लगाम कसी जा सके।
इस मौके पर प्रो. चवन ने कहा कि डाक्टरों के बाद यह एक ऐसी संस्था है, जो सेमिनार और कांफ्रेंस कराती रहती है। यह बहुत जरूरी है, क्योंकि टेक्नोलॉजिस्ट इससे अपडेट रहते हैं। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. जी दीवान ने कहा कि यह मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट्स की एकमात्र सर्वोच्च संस्था है, जो सदस्यों के बीच सहयोग और चिकित्सा सहायता उत्पन्न करने के लिए अथक रूप से काम कर रही है और मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट के लिए अकादमिक और समाजशास्त्रीय सुरक्षित जीवन जीने में मदद कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेक्टर 32 स्थित मेडिकल कालेज के आडिटोरियम में मंगलवार को आल इंडिया मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट एसोसिएशन की स्टेट यूनिट की ओर से वर्ल्ड बायोमेडिकल लैबोरेटरी साइंस डे मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मेडिकल कालेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रोफेसर बीएस चवन ने किया। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. जी दीवान व मेडिकल कालेज के सुपरिंटेंडेंट डा. जी दीवान कार्यक्रम में गेस्ट आफ ऑनर के तौर पर मौजूद रहे। इस मौके पर एसोसिएशन के राज्य सचिव रॉकी डेनियल ने कहा कि उनकी संस्था की मेंबरशिप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य है। इसका गठन 1970 में हुआ था, जो देश की सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक है।
लैबोरेटरी में जो भी आधुनिक मशीनें या टेक्नोलॉजी आती है उसे संस्था जनता तक लेकर जाती है। उन्होंने कहा कि अब तक पैरामेडिकल काउंसिल नहीं बन पाई है, जबकि इस संबंध में लोकसभा और राज्यसभा में बिल पास हो चुका है। पैरामेडिकल काउंसिल नहीं बनने से गली कूचे में अवैध रूप से लैबोरेटरी खुलती जा रही हैं, जो बिना किसी मानक के मरीजों का टेस्ट करती हैं। यहां तक कि उनकी जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि पैरामेडिकल काउंसिल जल्द से जल्द बननी चाहिए ताकि अवैध लैबोरेटरियों पर लगाम कसी जा सके।
विज्ञापन
इस मौके पर प्रो. चवन ने कहा कि डाक्टरों के बाद यह एक ऐसी संस्था है, जो सेमिनार और कांफ्रेंस कराती रहती है। यह बहुत जरूरी है, क्योंकि टेक्नोलॉजिस्ट इससे अपडेट रहते हैं। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. जी दीवान ने कहा कि यह मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट्स की एकमात्र सर्वोच्च संस्था है, जो सदस्यों के बीच सहयोग और चिकित्सा सहायता उत्पन्न करने के लिए अथक रूप से काम कर रही है और मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट के लिए अकादमिक और समाजशास्त्रीय सुरक्षित जीवन जीने में मदद कर रही है।
विज्ञापन